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चीनी कोरोना ने दुनिया में तबाही मचाई, अब वही बेच रहा है बचने के उत्पाद

वुहान. कोरोना के महायुद्ध में हर ओर हाहाकार मचा है. पूरी दुनिया डरी हुई है. करोड़ों लोग लॉकडाउन के बीच घरों में दुबके हुए हैं. दुनिया के 90 फीसदी देशों में कारोबार ठप हो चुका है. लेकिन इस बीच एक देश दिन-रात उन्नति कर रहा है. करोड़ों का नहीं, अरबों का नहीं, खरबों का निर्यात कर रहा है. दुनिया के टॉप 100 अरबपतियों की सूची में उस देश के कई उद्योगपतियों का नाम आ गया है. यह सब ऐसी चीज हैं जो सोचने को मजबूर करती है कि आखिर इस दुनिया में जब हर कोई रो रहा है तो चीन कैसे खुश है? चीन में लोग सड़कों पर घूमने लगे हैं. उत्पादन शुरू हो चुका है. होटल रेस्टोरेंट खुल गए हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दौरे करने लगे हैं. देश के कई इलाकों में घूम कर उत्पादकों का हौसला बढ़ा रहे हैं. अमेरिका, स्पेन, इटली, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी जैसे कई दिग्गज इस महामारी से मानो पस्त हो चुके हों. दवाइयां नहीं हैं. मास्क न...

कोरोना महामारी से निपटने को लेकर राजस्थान सरकार हुई सख्त, उठाए कई कड़े कदम

जयपुर. राजस्थान सरकार ने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी 196 नगरीय क्षेत्रों (नगर निगम, नगरपालिका एवं नगर परिषद) और कृषि मण्डियों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है . अधिकारियों को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, टोंक, झुंझुनूं, बांसवाड़ा आदि जिलों में भीलवाड़ा मॉडल तुरंत लागू कर स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं. राजस्थान सरकार ने साफ कहा है कि कर्फ्यू वाले सभी 38 क्षेत्रों में इसकी सख्ती से पालना करवाई जाए. कर्फ्यू वाले क्षेत्र से कर्मचारी सहित कोई भी व्यक्ति अंदर या बाहर नहीं जाए. जयपुर में भट्टा बस्ती, अमृतपुरी, खो-नागोरियान, मोती डूंगरी रोड क्षेत्र, जहां घनी आबादी है, वहां रामगंज की तरह ही स्क्रीनिंग, टेस्टिंग सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं. जयपुर में चारदीवारी के अलावा जिन जगहों पर कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आये हैं, वहां आस-पास के लोगों को हो...

कलयुग के साक्षात 'राम', डॉक्टर ने की वीडियो कॉल पर मां की अंत्येष्टि

जयपुर. कौन कहता है कि इस कलयुग में भगवान 'राम' नहीं हैं? वो आज भी इस दुनिया में हैं और अपना फर्ज अदा करने में कहीं पीछे नहीं हैं. बस इतना जरूर है कि वो अच्छे इंसान के रूप में इस दुनिया में हमें नज़र आते हैं. ऐसा ही एक नायाब उदाहरण पेश किया राजस्थान के जयपुर में कार्यरत डॉक्टर राममूर्ति ने. कोरोना से अपनों को बचाने में जुटे इस बेटे का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो सकता. 93 साल की मां भोली देवी दुनिया में नहीं रही. जन्म देने वाली मां पर मातृभूमि का प्यार भारी पड़ा. कोरोना से जिंदगी की जंग लड़ रहे लोगों को भला अकेला कैसे छोड़ता ये बेटा? मां की अंत्येष्टि में नहीं जाने का पहाड़ सा फैसला किया. एक तरफ मरीजों की सेवा तो दूसरी तरफ आंसुओं को रोकते हुए वीडियो कॉल पर मां के अंतिम संस्कार में भागीदारी. जयपुर के SMS हॉस्पिटल में आइसोलेशन और आईसीयू के नर्सिंग इंचार्ज राममूर्ति मीणा करौली के ...

कोरोना संकटकाल में एक साल तक सांसदों का वेतन 30% कम करने को मंजूरी

कोरोना महामारी के बीच एक साल तक सांसदों का वेतन 30% कम करने को मंजूरी. अब PM सहित सभी मंत्री 30% कम वेतन लेंगे. सांसद निधि फंड भी 2 साल के लिए स्थगित. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों का वेतन भी 30% कम. सभी स्वेच्छा से 1 साल तक 30% कम वेतन लेंगे. केंद्रीय कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला. गौर करने वाली बात यह है कि भारत में जिस तरह से कोरोना संक्रमण पांव पसारता जा रहा है और जिस हिसाब से आने वाले भविष्य में और ज्यादा मजबूत तरीके से भारत को उसको रोकना होगा उस बीच यह एक महत्वपूर्ण कदम है. अभी देश में कोरोनावायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मरीजों की संख्या ने चार हजार का आंकड़ा पार कर लिया है. भारत में कोरोनावायरस से अबतक 109 लोगों की मौत हो चुकी है और 4067 इसके संक्रमण के शिका...

कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में मिथक तोड़ नायाब उदाहरण बन रहे निजी अस्पताल और चिकित्सक

मुंबई (ऋचा मिश्रा). कोरोना वायरस का खतरा इस कदर है कि सिर्फ सरकारी डॉक्टर और स्टाफ ही इससे दो-चार होते दिखाई दे रहे हैं. अधिकांश प्राइवेट अस्पताल ऐसे हैं जो संकट की इस घड़ी में दूर भाग खड़े हुए हैं. कोरोना का इलाज तो छोड़िए सामान्य रोगियों को देखने से भी कई चिकित्सकों ने मना कर दिया है. हालात यह है कि जिस वक्त देश को उनकी जरूरत है उस वक्त अस्पताल मलिक नदारद दिखाई दे रहे हैं. जबकि उन्होंने इसी देश के राज्य और केंद्र सरकारों से रियायती जमीनें, अन्य सुविधाएं भी ले रखी हैं. पर ऐसा नहीं है कि हर प्राइवेट अस्पताल या डॉक्टर ऐसा कर रहा है. कुछ ऐसे भी है जिन्होंने संकट की इस घड़ी में सरकार और जनता के लिए अपनी सेवा को समर्पित किया है. कहीं अस्पतालों द्वारा निशुल्क जरूरतमंदों के खाने की व्यवस्था की जा रही है तो कुछ अस्पतालों ने मरीजों की देखभाल और उनके दवाओं तक की भी निशुल्क व्यवस्था की है. अ...

देश के टॉप 25 IPS का सर्वे जारी, अरविंद कुमार, समंत कुमार, बीएल सोनी को मिला प्रमुख स्थान

नई दिल्ली. भारत में अपने प्रशंसनीय, बेहतर कार्यों और प्रयासों से लोगों में विश्वास कायम करने और पुलिस का जनता में विश्वास बढाने वाले टॉप 25 आईपीएस ऑफिसर्स की फेम इंडिया ने लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में कई दिग्गज अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपने अपने क्षेत्र में सुरक्षा की भावना बढ़ाने, समाज में सौहार्द स्थापित करने और सकारात्मक संभावनाओं को मजबूत करने की निरंतर और ईमानदार कोशिश की. फेम इंडिया ने 25 उत्कृष्ट आईपीएस अधिकारियों 2020 का यह सर्वे उनकी कार्यशैली, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, जज्बा, जागरूकता, कानून व्यवस्था, जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि और कार्यकाल जैसे 12 मानदंडों पर किया गया है. खास बात यह है कि इस लिस्ट में जहां इंटेलिजेंस प्रमुख 1984 बैच के आईपीएस अरविंद कुमार को बेहद प्रभावशाली अधिकारी बताया गया है वहीं राजस्थान में तैनात 1988 बैच के एडीजी क्राइम बीएल सोनी (भगवान लाल...

कोरोना महामारी के बीच चीन और अमेरिका से आई अच्छी खबर! सबकुछ ठीक रहा तो...

वुहान/न्यूयॉर्क. दुनियाभर में आतंक मचाने वाला कोरोना वायरस कैसे काबू में आएगा? इसके लिए भारत, अमेरिका, चीन, जापान, रशिया से लेकर हर कोई बड़ा देश अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है. हर कोई उम्मीद कर रहा है कि किसी भी तरह से एकबारगी तो इसको कंट्रोल करने की दवा तैयार कर ली जाए या वैक्सीनेशन बना लिया जाए. इस खबर में हम दो राहतभरी बातें आपके साथ शेयर करेंगे. एक चीन के वुहान में वैज्ञानिकों  द्वारा किए जा रहे प्रयोग की और दूसरा अमेरिका के एक साइंटिस्ट के उस दावे की जिसमें उन्होंने कोरोना का इलाज खोजने का दावा किया है. यह दोनों ही खबरें लोगों को कोरोना संकट के इस दौर में आशा की एक नई किरण नज़र आ रही है. सबसे पहले बात अमेरिका की करें तो एक बड़ा दावा अमेरिकी साइंटिस्ट डॉ. जैकब ग्लानविले ने किया है. यह वही साइंटिस्ट हैं जो नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री पैन्डेमिक से चर्चा में आए थे. डॉ. जै...

COVID-19: लॉक डाउन के बीच दुनियाभर में कॉन्डोम का अकाल, संकट में कई अभियान

TEN वर्ल्ड डेस्क. कोरोना संक्रमण के चलते दुनिया में अब नई-नई तरह की समस्याएं सामने आ रही है. एक ओर जहां पूरी दुनिया अभी कोरोना वायरस से ही सही से लड़ नहीं पा रही थी कि अब दुनिया को आबादी बढ़ने का खतरा सताने लगा है. तो HIV-एड्स कंट्रोल जैसे अभियान भी प्रभावित होंगे. दुनिया के करीब 3 अरब लोग इस वक्त घरों में मौजूद है, जिसके चलते दुनिया भर में कॉन्डोम बहुत डिमांड बढ़ गई है. करीब 10 करोड कॉन्डोम की तुरंत जरूरत है लेकिन कॉन्डोम सप्लाई करने वाली कई फैक्ट्रियां बंद पड़ी है. मेडिकल स्टोर पर कॉन्डोम खत्म हो चुके हैं या बाहर निकलकर कॉन्डोम लाना आसान नहीं रहा है. दुनियाभर में इस तरह के हालात चिंता पैदा कर देने वाले हैं. खासकर चीन, भारत, पाकिस्तान, मैक्सिको, बांग्लादेश, ब्राज़ील सहित कई ऐसे देश जहां बढ़ती आबादी एक बहुत बड़ा चिंता और चुनौती का कारण है, वहां समस्या बड़ी है. कोरोना महामारी के मह...

COVID-19: असल चुनौतियां अब आएंगी सामने, 10 फैक्ट्स से समझिए कैसे बदलेगा विश्व परिदृश्य

नई दिल्ली (सुभद्र पापड़ीवाल). दुनिया के अर्थ जगत के सामने गंभीर चुनौतियां वो नहीं हैं जो वे लॉक डाउन के दौरान देख रहे हैं. इस वैश्विक तालाबंदी की असल गंभीर चुनौतियां आनी शेष हैं. अभी जो परिदृश्य बन रहा है वह प्रथमदृष्टया स्वास्थ्य संबंधित और तात्कालिक आर्थिक हालात का चित्रण कर रहा है. इस महायुद्ध से फुर्सत मिलने के बाद समस्त विश्व में राजनीतिक हालात क्या बनेंगे यह कहना असंभव है. मनोवैज्ञानिक प्रभाव, सामाजिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार व संबंध, पोस्ट ट्रोमा इफैक्ट ये सब परिस्थितियां मिल कर क्या स्वरूप लेंगे यह काल के गर्भ में है. पर इतना अवश्य मान सकते हैं कि इस वैश्विक महामारी के बाद जब समस्त विश्व का जीवन पुनः जीवंत ऊर्जा के साथ अपने तंत्र को स्विच ऑन करेगा तब सबसे पहले भारत रीबूट होगा. वास्तविक सांख्यिकी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है लेकिन भावी राजनीतिक- आर्थिक परिदृश्य को इन दस बिंदुओं से ...

Covid-19: चीन की स्पेन से डील पर उठे सवाल, क्या चीन सच में अपनी साजिश में कामयाब!

न्यूयॉर्क ( निमिषा सिंह, TEN) यूरोप में COVID-19 (कोरोना) का क़हर जारी है. लोग दहशत में हैं सड़के सुनसान हैं. यूरोप के कई देश संकट के दौर से गुजर रहे हैं. चीन दुनिया की नजरों में सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है. ऐसे में स्पेन और चीन के बीच एक समझोते ने नई बहस छेड़ दी है. स्पेन ने चीन से 432 मिलियन यूरो ( करीब 3.55 हजार करोड़ रू.) की चिकित्सा सामग्री खरीदने के लिए एक सौदा किया है. इसके तहत स्पेन को 55 करोड़ मास्क, 1.1 करोड़ दस्ताने, 55 लाख जांच किट और 950 रेसपीरटोर प्राप्त होंगे. यह सब कोरोना की रोकथाम में प्रयोग में आएंगे. ऐसे में इस समझोते ने विश्व भर में इस बीमारी के पीछे चीन की साज़िश होने की आशंकाओं को और प्रबल कर दिया है और एक बार फिर बहस का मुद्दा बना दिया है. सोशल मीडिया पर इस खबर को चीन की साजिश के सबूत के जैसे पेश किया जा रहा है. 'तो ये है चीन का असल खेल', 'आ गया चीन अपन...