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शिक्षक दिवस विशेष: बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षक की मर्यादाएं अहम

"भारत का भविष्य उसकी कक्षाओं में आकार लेता है" । डॉ डी. एस.कोठारी का यह उद्धरण आज भी प्रासंगिक है। यह गौरवान्वित करने वाली अनुभूति है कि शिक्षक का पद इतना सम्माननीय है कि पूरा देश शिक्षक दिवस के रूप में आयोजित करता है। डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि सभी शिक्षकों के हाथों मढ़े जाते हैं। यह सर्वविदित है कि पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन के जन्मदिवस 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब राधाकृष्णन राष्ट्रपति बने तो उनके छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी, इस पर राधाकृष्णन ने कहा कि यदि मेरा जन्मदिन मनाना ही है तो शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए ,तब से आज तक प्रतिवर्ष 5 सितंबर को यह दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। भिन्न-भिन्न संस्थाओं में इसे भिन्न-भिन्न तरीके से आयोजित किया जाता है। कई संस्थाओं में छात्र स्वयं एक दिन के लिए शिक्ष...

भगवान ही बचाए ऐसी नर्स से, 8 हजार 600 लोगों को गुमराह कर कोरोना की जगह लगा दी नमक के पानी की वैक्सीन

एक ओर जहां कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए दुनिया भर में लंबी कतारें देखी जा रही है और लोग आंख बंद करके मेडिकल स्टाफ के भरोसे यह वैक्सीन लगवा रहे हैं वहीं दूसरी ओर जर्मनी में एक अजीब ही मामला सामने आया है. जहां कोरोना वैक्सीन के प्रति एक नर्स में इतनी नफरत थी कि उसने कोरोना वैक्सीन तो लगाई ही नहीं बल्कि उसकी जगह नमक के पानी की वैक्सीन लगा दी. यह कोई मजाक नहीं है बल्कि सच है. जर्मनी (Germany) के रेड क्रॉस अस्पताल (Red Cross Hospital) का यह मामला है. यहां एक नर्स लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए इस कारनामे को अंजाम दिया. इस नर्स को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) से इतनी नफरत थी कि उसने करीब 8 हजार 6 सौ लोगों को वैक्सीन की जगह सलाइन सॉल्यूशन (Vaccine Solution) का इंजेक्शन लगा दिया. पर जैसे ही इसका खुलासा हुआ तो अस्पताल से इंजेक्शन लगवाने वाले लोगों के होश उड़ गए. उधर अस्पताल ने इस म...

अब खत्म होगा सचिन पायलट का वनवास! राजस्थान कांग्रेस के लिए 'सुलह का फॉर्मूला' तैयार, किसी भी वक्त सामने आ सकते हैं नतीजे

नई दिल्ली/जयपुर (आलोक शर्मा). पंजाब कांग्रेस में विवाद खत्म करने और कांग्रेस को नुकसान से बचाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाने के निर्णय के बाद अब बारी राजस्थान की है. मानेसर काण्ड के बाद अब सचिन पायलट का वनवास खत्म होने वाला है. पंजाब की तर्ज पर ही अब राजस्थान के लिए भी एक सुलह का फॉर्मूला तैयार कर लिया गया है. पायलट के साथ ही उनके खेमे के लिए भी CM अशोक गहलोत को साथ लेकर एक 'मास्टर प्लान' भी तैयार किया गया है. ताकि पायलट के मन में इस बात को लेकर नाराजगी ना रहे कि उनकी टीम की अनदेखी की गई.  सूत्रों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत को विश्वास में लेकर अब मानेसर काण्ड को भूल जाने का भी आग्रह किया है और पायलट के प्रति जो राजनीतिक नाराजगी गहलोत के मन में है उसे बुरा सपना मानकर फिलहाल भूलकर आगे बढने को कहा गया है. यही बात प...

क्या कोविड-19 वैक्सीन से प्रजनन क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? बूस्टर डोज क्या है? पढें वैक्सीनेशन से जुड़ी और भी कई शंकाओं के जवाब

नई दिल्ली. क्या कोरोना वैक्सीन से प्रजनन क्षमता पर कोई नकारात्मक असर पड़ता है? यह सवाल सबके मन में घर किया हुआ है और लोग जाने अंजाने में इस तरह की अफवाहों के चक्कर में वैक्सीनेशन से अभी भी दूरी बनाए हुए हैं. इन सबके बीच The National Technical Advisory Group on Immunisation in India (NTAGI) में कोविड-19 कार्य समूह के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा द्वारा कोविड-19 टीकाकरण पर सामान्य प्रश्नों के जवाब दिए और उन्होंने साफ कहा कि कोविड वैक्सीन से प्रजनन क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता.  सवाल. क्या वैक्सीन से प्रजनन क्षमता पर कोई असर पड़ता है? जवाब. जब पोलियो वैक्सीन आई थी और भारत तथा दुनिया के अन्य भागों में दी जा रही थी, तब उस समय भी ऐसी अफवाह फैली थी। उस समय भी यह गलतफहमी पैदा की गई थी कि जिन बच्चों को पोलियो वैक्सीन दी जा रही है, आगे चलकर उन बच्चों की प्रजनन क्ष...

जिनोम सिक्वेन्सिंग की सुविधा विकसित करने में राजस्थान बना  देश का पहला राज्य, कोरोना के खिलाफ होगा यह फायदा

जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी एसएमएस मेडिकल कॉलेज में जिनोम सिक्वेन्सिंग की सुविधा प्रारम्भ कर दी गई है। राज्य स्तर पर टोटल जिनोम सिक्वेन्सिंग की सुविधा उपलब्ध होने की दृष्टि से राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है।  कोविड-19 की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुये प्रदेश में जिनोम सिक्वेन्सिंग की यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिनोम सिक्वेन्सिंग की तकनीक से वॉयरस के नये वेरियेन्ट के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में करीब 1 करोड रूपये व्यय कर जिनोम सिक्वेन्सिंग की व्यवस्था प्रारम्भ की गई है।  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि जिनोम सिक्वेन्सिंग के लिये अब तक प्रदेश से सेम्पल केन्द्र सरकार की इण्डियन कौसिंल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा राजस्थान के लिये निर्धारित दिल्ली स्थिति आईजीआईबी लैब में भिजवाये जा रहे थे। प्रदेश से प्रतिदिन 10...

वैक्सीनेशन को गति देने और कम से कम वेस्टेज के लिए अब राजस्थान सरकार इस मास्टर प्लान पर करेगी काम

जयपुर। कोविड टीकाकरण को आवश्यक गति प्रदान करने और कम से कम वेस्टेज सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान सरकार ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के साथ चिकित्सा संस्थानों व अन्य के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है.  प्रदेश में सुगम, सुचारू एवं समयबद्ध कोविड टीकाकरण हेतु जिला स्तर पर सत्र स्थलों का चयन, प्रचार प्रसार पर्याप्त वेक्सीन स्टॉक की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनातगी एवं पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए दिशा निर्देशों लबरेज एक मास्टर प्लान जारी किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्देश - राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार जिले में वेक्सीन की उपलब्धता के दृष्टिगत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतवार ऑफलाईन टीकाकरण कैम्प आयोजित किये जावे। - ऐसी ग्राम पंचायतें जिनका भौगोलिक क्षेत्रफल अधिक है तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय से अन्...

अब वेंटिलेटर की आवश्यकता है या नहीं, ऐसे रोगियों की पहचान करेगा विशेष सॉफ्टवेयर

नई दिल्ली. कोरोना संकटकाल में एक और नया इनोवेशन देखने को मिला है. एक सॉफ्टवेयर अब उन रोगियों की पहचान कर सकता है जिन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है. समय रहते मरीज को रेफर करने से आपात स्थिति से पहले आवश्यक व्यवस्था करने में मदद मिलेगी. कोविड सेविरिटी स्कोर (सीएसएस) सॉफ्टवेयर नामक सॉफ्टवेयर में एक लेएल्गोरिथ्म है जो कारोना मरीजों को मापदंडों के एक सेट से मापता है. यह प्रत्येक रोगी के लिए एक पूर्व-निर्धारित डायनेमिक एल्गोरिथ्म के सहारे कई बार स्कोर करता है और एक ग्राफिकल ट्रेंड में इसे मैप करने के लिए एक कोविड सेविरिटी स्कोर (सीएसएस) देता है. इस सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी का उपयोग कोलकाता और उपनगरों में तीन सामुदायिक कोविड देखभाल केंद्रों में किया जा रहा है, जिसमें कोलकाता के बैरकपुर में एक 100-बेड का सरकारी कोविड देखभाल केंद्र भी शामिल है. कोरोना महामारी के दौरान अचानक आई...

नहीं रहे शौर्य, साहस के प्रतीक देश के लाल बिग्रेडियर रघुवीर सिंह राजावत, 98 साल की उम्र में निधन, युद्ध में पाकिस्तानी टैंकर्स को कब्रगाह में कर दिया था तब्दील 

टोंक. अपने अदम्य साहस के दम पर दुश्मनों के छक्के छुड़ा देने वाले महावीर चक्र से सम्मानित बिग्रेडियर रघुवीर सिंह का निधन हो गया है. टोंक जिले की मालपुरा तहसील के सोडा गांव के निवासी थे. 98 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली. उनके निधन के बाद ना केवल टोंक जिले में बल्कि पूरे राजस्थान और देश में शोक की लहर है. साहस, पराक्रम, दृढ निश्चय से लबरेज व्यक्तित्व के धनी रघुवीर सिंह राजावत का जन्म सोडा ग्राम में 2 नवम्बर 1923 हुआ था और 19 साल की उम्र के बाद ही यानी 1942 को सेना मे भर्ती हुए थे. उनके साहस और शौर्य का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि महावीर चक्र के साथ उन्हे कई बार बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया. उन्होेंने सेना के कई ट्रेनिंग कोर्स एवं सिविल कोर्स भी सफलतापूर्वक पूरे किए थे. ना केवल भारत और भारत की सीमाओं पर बल्कि दक्षिण कोरिया, उतरी कोरिया, जापान, हांगकांग, सिंगापुर, गाजा...

राजस्थान में अफसरों और नेताओं में नहीं बैठ रही पटरी, पढें कौन से 8 SP और 6 कलेक्टर निशाने पर, और किसके साथ मारपीट की आई नौबत

जयपुर. राजस्थान में अफसरों और नेताओं के बीच की खींचतान जगजाहिर होती जा रही है. आलम यह है कि जनप्रतिधि चाहते हैं कि अफसर उनकी अनदेखी ना करें तो अफसर चाहते हैं उनको भी पूरा सम्मान मिले. अब इसी कशमकश में हालात ऐसे हो चले हैं कि राजस्थान के आठ एसपी और छह  कलेक्टर जनप्रतिनिधियों के निशाने पर आ गए हैं. नेशनल दुनिया की ​एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह सब इसलिए हो रहा है कि एक तरफ जहां जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर जिलों के कलेक्टर-एसपी अपनी मनमर्जियां कर रहे हैं तो कोई राजधानी तक अपनी पहुंच तो कोई अफसरी की धौंस में स्थानीय नेताओं को तवज्जो नहीं दे रहे. यह सब उस वक्त हो रहा है जब कोरोना संकटकाल में सबको मिलकर एकजुटता के साथ काम करना है, पर ऐसा होता नजर नहीं आ रहा. ऐसे में अब जनप्रतिनिधि खुलकर विरोध में सामने आ गए हैं. कहीं जन प्रतिनिधि उनके खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं तो कभी सोशल मीडिय...

क्यों कहा जा रहा है कत्लेआम मचाने वाली कोरोना की दूसरी लहर ​पर फिलहाल लगा ब्रेक? जानें 10 बड़े फैक्ट्स 

नई दिल्ली. भारत में पिछले कई दिनों से कत्लेआम बचा रही कोरोना की दूसरी लहर फिलहाल कमजोर पड़ती नजर आ रही है. अब जहां लगातार कोरोना संक्रमण के प्रतिदिन मिलने वाले नए मामले कम हो गए हैं वहीं दैनिक रिकवरी भी बढ गई है. इसके अलावा प्रतिदिन होने वाली मौतों का आंकड़ा भी कम हो गया है. अस्पतालों में जहां वेंटिलेटर, आईसीयू, आॅक्सीजन बेड उपलब्धता बहुत कम हो गई थी, वहीं अब यह उपलब्धता बढ गई है.   10 बडे फैक्ट 1. भारत में पिछले 24 घंटों में 1.20 लाख दैनिक नए मामले दर्ज हुए लगभग दो महीनों में सबसे कम हैं.  2. लगातार 9 दिनों से संक्रमण के दैनिक नए मामले 2 लाख से कम आ रहे हैं.  3. 15,55,248 सक्रिय मामलों के साथ लगातार 5 दिनों से सक्रिय मामले 20 लाख से कम बने हुए हैं.  4. और तो और लगातार 23 दिनों से दैनिक नए मामलों की तुलना में दैनिक रिकवरी अधिक रही है.  5. महामारी...