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कैंसर की जंग जीतने वालों को विग पहनाकर किया गया सम्मानित, इन्वेंटिव हैंल्पिंग हैंड सोसायटी और महात्मा गांधी अस्पताल का साझा प्रयास

जयपुर। महात्मा गांधी अस्पताल जयपुर में इन्वेंटिव हैंल्पिंग हैंड सोसायटी द्वारा कैंसर से जंग जीतने वाली महिलाओं को विग प्रदान की गई । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सोसायटी की निदेशक हिमांशी गहलोत थी तथा अध्यक्षता महात्मा गांधी अस्पताल की ट्रस्टी हरमन स्वर्णकार ने की।  कार्यक्रम में हिमांशी ने कहा कि कैंसर की गंभीर बीमारी से लड़ने के बाद झड़ते बालों से खासतौर से महिलाओं में हीनभावना आने लगती है। इस स्थिति में रोगी मानसिक रूप से कमजोर होने लगता है तथा उसमें नकारात्मकता भी आने लगती है। ऐसे रोगियों के उपचार के दौरान बाल झड़ने जैसी समस्याओं के बारे में समझाइश की जानी चाहिए । संस्था ऐसे ही रोगियों के बाल डोनेशन के रूप में लेकर उन बालों का विग बनाकर उन्हीं रोगियों को प्रदान करती है । कैंसर अस्पतालों में जाकर हम ऐसे गरीब रोगियों को निशुल्क विग देते हैं तथा उन्हें सकारात्मक ऊर्जा द...

योग शारीरिक व्यायाम नहीं, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग

आज पूरा विश्व 8वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है, Internation Yog Day का उद्देश्य लोगों में योग के प्रति जागरूकता लाना है, आम जीवन के लिए शरीर को निरोगी रखने के लिए योग अति महत्वपूर्ण है,सदियों पहले भारत में योग की शुरुआत हो चुकी थी, जो कि एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक प्रैक्टिस है. योग दिवस का महत्व यही है कि लोगों में योगाभ्यास के प्रति जागरुकता फैलाई जा सके. क्योंकि, आजकल शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण हमारा स्वास्थ्य काफी खराब हो गया है और योग, प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास करके हम फिर से पूर्ण रूप से स्वस्थ बन सकते हैं, अगर बात करें प्राणायाम की तो प्राणायाम हमें मानसिक और आध्यात्निक तौर पर मजबूत बनाता है, प्राणायाम शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है 'प्राण+आयाम'...प्राण का अर्थ होता है जीवनी शक्ति, आयाम के दो अर्थ है, पहला कंट्रोल करना या रोकना और दूसरा लम्बा या विस...

चिकित्सक बने देवदूत, एक्यूट लिवर फेलियर पर की सफल इमरजेंसी लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी, महिला को मिला नया जीवनदान 

जयपुर. डॉक्टर को ऐसे ही भगवान का दूसरा रूप नहीं कहा जाता. इसका ताजा उदाहरण महात्मा गांधी अस्पताल के डॉक्टर्स ने पेश किया है. जहां एक्यूट  लिवर फेलियर की आपात​ स्थिति में झालावाड़ निवासी 50 वर्षीय महिला काली बाई को ​तुरंत लिवर ट्रांसप्लांट कर नया जीवनदान दिया गया.  एक्सपर्ट बताते हैं कि एक्यूट लिवर फेलियर वो स्थिति है जहां किसी सामान्य जीवन जी रहे व्यक्ति का लिवर अचानक फेल हो जाता है और मरीज को संभलने का भी मौका नहीं मिलता, लिवर रिकवरी के चांस ना के बराबर होते हैं. मरीज कोमा में चला जाता है, सांस लेने में तकलीफ होती है, और कुछ ही घंटों या दिनों में ट्रांसप्लांट ना किया जाए तो मरीज की जान जा सकती है. ऐसे में  लिवर ट्रांसप्लांट ही इसका एकमात्र उपचार है. ऐसी विषम परिस्थितियों में महात्मा गांधी अस्पताल की एक विशेष टीम ने अस्पताल के एमेरिटस चेयरपर्सन डॉ. ...

विश्व क्षय रोग दिवस: समय पर ध्यान ना दिया जाए तो घातक है ट्यूबरक्‍युलोसिस बैक्टीरिया, 85 फीसदी सीधे फेफड़ों पर करता है अटैक

World TB Day: हर साल 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस यानी वर्ल्ड टीबी डे मनाया जाता है. यह दुनिया के सबसे घातक संक्रामक रोगों में से एक टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. इस वर्ष की थीम है ‘इनवेस्ट टू एंड टीबी. सेव लाइव्स’ (Invest to End TB. Save Lives)’है. इसका शाब्दिक अर्थ टीबी को खत्म करने के लिए निवेश करें…जीवन बचाए’. आज के दिन उस तारीख को याद किया जाता है जब 1882 में, डॉ रॉबर्ट कोच ने माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के बारे में अपनी खोज की घोषणा की, जो कि तपेदिक (टीबी) का कारण बनने वाला बेसिलस है।  ट्यूबरक्‍युलोसिस बैक्टीरिया के कारण फैलने वाली टीबी या क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है। मुख्य रूप से यह बैक्टीरिया 85 फीसदी फेफड़ों पर प्रभाव डालता है। इसके आलावा 15 फीसदी ब्रेन, लिवर, किडनी, गले, यूटरस, मुंह, हड्डी आदि ...

IAS ने पेश की कर्तव्यपरायणता की अनूठी मिसाल, मां का अंतिम संस्कार किया, उसके तुरंत बाद बैठ कर दिया प्रदेश के बजट को अंतिम रूप

जयपुर. कहते हैं कर्तव्य कठोर होता है, भावप्रधान नहीं. कर्तव्य की भावना के बिना काम करना भूख के बिना खाना खाने जैसा है. और ऐसा ही एक नायाब उदाहरण राजस्थान सरकार के बजट पेश करने से पहले देखने को मिला. जहां एक कर्मठ, विजनरी, कर्तव्यपरायण सीनियर आईएएस अखिल अरोड़ा ने अपने कर्तव्य की अनूठी और मार्मिक मिसाल पेश की.  दरअसल 20 फरवरी को सीनियर आईएएस अखिल अरोड़ा की माता का निधन हो गया था, निधन के बाद जहां उन्होंने अपनी माता की अर्थी को कंधा दिया. उनका अंतिम संस्कार किया. माता के निधन के बाद तीये की बैठक भी नहीं हुई थी कि उससे पहले ही तुरंत प्रदेश के बजट को अंतिम रूप देने में लग गए. दिन रात एक कर बजट को अंतिम रूप दिया. 22 फरवरी को राजस्थान के सीएम और अधिकारियों के साथ वो बजट को अंतिम रूप देते नजर आए. चूंकि अखिल अरोड़ा राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव हैं और उनका मह...

त्योंहारी मौसम में मिठाइयां खाते वक्त जरा सावधान, कहीं यह मिठास ना घोल दे जीवन में जहर

नई दिल्ली. दीपोत्सव के साथ ही बाजार में हजारों करोड़ का मिठाइयों का बाजार भी फल फूल रहा है. चमक धमक के साथ रंग बिरंगी ​मिठाइयों से बाजार अटे पड़े हैं. लेकिन त्योंहारी मौसम में मिठाइयों की मिठास के चक्कर में कहीं आपका स्वास्थ्य ना बिगड़ जाए इसका खास ध्यान रखें. खासकर बाजार में बिकने ​वाली मावे की मिलावटी और घटिया सामग्री से बनी रंग बिरंगी मिठाइयों से सावधान रहें. लोगों की जान से खिलवाड़ कर मिलावटी मिठाइयों के कारोबार से मुनाफा कमाने वाले कम नहीं हैं. राष्ट्रीय उपभोक्ता परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनंत शर्मा के मुताबिक ऐसा नहीं है कि सभी जगह आपके साथ बाजार में धोखा हो रहा हो लेकिन भारतीय बाजारों में सरकारी निगरानी, सख्त कानूनों के बावजूद मिलावट रूक नहीं रही है. त्योंहारों के वक्त मिठाइयों की डिमांड अचानक बढ़ जाती है और उसकी आपूर्ति संभव नहीं होती ऐसे में मिलावट का कारोबार बढ़ जाता है. दिव...

विशेष: गांधी जी एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि अपने आप में एक संस्था

गांधीजी एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि अपने आप में एक संस्था व युग दृष्टा थे। गांधी जी के विचार इतने गहन थे कि शायद उस समय उनके विचारों का महत्व हम नहीं समझ पाए वरना आज विश्व जिन समस्याओं का सामना कर रहा है उसकी नौबत नहीं आती। आज विश्व दो बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है। पहली बेरोजगारी और दूसरी पर्यावरण संरक्षण। दोनों ही समस्याओं का समाधान गांधी जी की विचारधारा में मौजूद है, दुर्भाग्य है कि गांधीजी के विचारों को हमने महत्व नहीं दिया। श्रम के महत्व पर उनका बहुत बल था।शिक्षा भी ऐसी होनी चाहिए जो श्रम आधारित,हस्तशिल्प आधारित हो जैसे बागवानी ,चरखा चलाना, लकड़ी के कार्य (कार्पेंट्री), मृदा के शिल्प आदि। बच्चे हस्तकला के माध्यम से भाषा, गणित व सामाजिक विज्ञान सीख जाते हैं। हस्त कार्य, आत्मा व मस्तिष्क के बीच समन्वय आवश्यक है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो इन तीनों में संतुलन रख सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2...

World Heart Day: आपका शरीर दे रहा है यह 7 संकेत? तो तुरंत हो जाएं सावधान, हो सकता है हार्ट अटैक

आज की भागदौड भरी जिंदगी में हम कई बार अपने शरीर की अनदेखी करते हैं. कई बार शरीर में होने वाले परिवर्तन छोटे छोटे संकेतों के जरिए हमें बडे रोगों की आशंकाओं को लेकर आगाह करते हैं लेकिन हम लापरवाही में इन पर ध्यान नहीं देते. ऐसी ही एक बड़ी लापरवाही सामान्तया हार्ट अटैक में भी देखी जाती है. जिस पर हमें समय रहते ध्यान देने की जरूरत होती है. पर लापरवाही या जानकारी के अभाव में हम शरीर के इन संकेतों को अनदेखा कर देते हैं और यही हम पर भारी पड़ता है. ऐसे में आपको ​यदि इन 7 में से कोई भी एक संकेत मिले तो तुरंत सावधान हो जाएं, वरना यह जानवाले हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं. 1: नसों में फुलाव शरीर की नसें यदि फूल रही हों या फिर पैर के पंजे और टखने में सूजन दिखाई दे तो फौरन डॉक्टर से सम्पर्क करें. यह हार्ट अटैक आने से पहले का संकेत हो सकता है. यह बताता है कि दिल सही तरीके से शरीर में खून की सप्...

राजस्थान सरकार के इस अधिकारी ने 10 मिनट में करा दी 7 कोर्ट मैरिज, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में हुआ नाम दर्ज

जयपुर. अक्सर सरकारी अधिकारियों पर काम में लापरवाही और ढिलाई के आरोप लगते आए हैं, और सरकारी सिस्टम की सुस्ती पर भी सवाल उठते रहे हैं. लेकिन इस बात को गलत साबित करते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ने ना केवल भारत के अधिकारियों को अपने काम की गतिशीलता के मामले में पछाड़ा बल्कि उनके जितना तेजी से दुनिया में कोई भी अधिकारी सरकारी काम को अब तक निपटा नहीं पाया, जिसके चलते उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बना डाला है. इंडिया हेल्थ: अच्छे स्वास्थ्य के लिए अजवाइन के ये 7 रामबाण फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पंकज ओझा ने 10 मिनट में करा दी 7 कोर्ट मैरिज करा कर यह विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करवाया है. पंकज ओझा ने 4 जनवरी 2019 को कोटा एडीएम सिटी और मैरिज रजिस्ट्रार रहते हुए यह विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था. वर्ल्ड  बुक ऑफ रिकॉर्ड, लंदन द्वारा यह र...

शिक्षक दिवस विशेष: बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षक की मर्यादाएं अहम

"भारत का भविष्य उसकी कक्षाओं में आकार लेता है" । डॉ डी. एस.कोठारी का यह उद्धरण आज भी प्रासंगिक है। यह गौरवान्वित करने वाली अनुभूति है कि शिक्षक का पद इतना सम्माननीय है कि पूरा देश शिक्षक दिवस के रूप में आयोजित करता है। डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि सभी शिक्षकों के हाथों मढ़े जाते हैं। यह सर्वविदित है कि पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन के जन्मदिवस 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब राधाकृष्णन राष्ट्रपति बने तो उनके छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी, इस पर राधाकृष्णन ने कहा कि यदि मेरा जन्मदिन मनाना ही है तो शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए ,तब से आज तक प्रतिवर्ष 5 सितंबर को यह दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। भिन्न-भिन्न संस्थाओं में इसे भिन्न-भिन्न तरीके से आयोजित किया जाता है। कई संस्थाओं में छात्र स्वयं एक दिन के लिए शिक्ष...