वॉशिंगटन। (आलोक शर्मा) मध्य-पूर्व के तनाव में अक्सर यह धारणा बनती है कि अमेरिका सीधे ईरान की फायर रेंज से बाहर रहकर “सेफ गेम” खेल रहा है। दरअसल, यह स्थिति कई सैन्य, तकनीकी और कूटनीतिक परतों का परिणाम है। और हाल में चल रहे ईरान वॉर में भी यही साबित हो रहा है। पहले की तरह ही मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि अमेरिका सीधे ईरान की फायर रेंज में क्यों नहीं दिखता, जबकि जवाबी कार्रवाई अधिकतर पड़ोसी देशों या क्षेत्रीय ठिकानों के आसपास ही हो रही है। दरअसल, यह दूरी संयोग नहीं बल्कि रणनीति है। अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी को इस तरह तैनात करता है कि वह सीधे हमले की जद से बाहर रहे, लेकिन जरूरत पड़ने पर तेज और सटीक जवाब देने की क्षमता भी बनाए रखे। यानि खुद एक सेफ गेम खेलता है और दूसरे मुल्कों के कंधे पर बंदूर रखकर चलाने की पुरानी आदत है। ऐसा ही मीडिल ईस्ट वॉर में दे...
वाशिंगटन। (आलोक शर्मा) हाल ही में ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई देशों, विश्लेषकों और मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम की आलोचना की है। इस निंदा के पीछे कई राजनीतिक, कानूनी और मानवीय कारण बताए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा मुद्दा अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का है। आलोचकों का कहना है कि किसी भी देश पर सैन्य हमला तभी उचित माना जाता है जब वह आत्मरक्षा की स्पष्ट स्थिति में हो या उसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की मंजूरी प्राप्त हो। यदि यह कार्रवाई एकतरफा मानी जाती है, तो इससे वैश्विक नियमों और संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
दूसरा कारण क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा है। मध्य पूर्व पहले से ही राजनीतिक तनाव और संघर्षों से प्रभावित रहा है। ऐसे में किसी बड़े देश की सीधी सैन्य कार्रवाई से व...
US-Israel Attacks Iran : (आलोक शर्मा) क्या ट्रंप की हठधर्मिता अमेरिका के नाम वियतनाम युद्ध जैसी एक और रणनीतिक असफलता की कहानी लिखने जा रही है। विदेश और युद्ध मामलों के जानकार लगातार यह सवाल उठा रहे हैं। कारण साफ है जिस ईरान में अमेरिका इजरायल के साथ 2 से 3 तीन के युद्ध को ध्यान में रखकर आगे बढा था अब वही युद्ध एक माह से ज्यादा चलने की आशंका जताई जाने लगी है। ट्रंप अपने इरादों में सफल हो या न हों लेकिन मीडिल ईस्ट के कई देशों को ट्रंप की हठधर्मिता ने बैठे बिठाएं युद्ध में धकेल दिया है, जबकि अमेरिका खुद के देश को इससे बचाए हुए हजारों किलामीटर दूर बैठा हुआ है। उसके देश में अभी तक एक भी ईरानी हमला नहीं हुआ है या यों कहें उसकी सीमाओं के आसपास भी नहीं पहुंचा है। लेकिन क्या सिर्फ हठधर्मिता के चलते ट्रंप ने एक गलत समय पर एक गलत फैसला कर लिया जिसे अब वह लाखों करोड़ों लोगों की जान युद्ध में धकेल...
ग्लोबल तनाव और मध्य-पूर्व संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्र में एक बड़ा सैन्य घटनाक्रम हुआ है। एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को हिंद महासागर में टॉरपीडो से डुबा दिया, जिससे कम से कम 80 ईरानी नौसैनिक मारे गए और दर्जनों लापता हैं। यह घटना श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हुई, अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में जहां दोनों देश सक्रिय तौर पर तैनात थे।
साथ ही, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस तरह का पनडुब्बी से टॉरपीडो हमला किसी अन्य युद्धपोत पर किए गए महत्वाकांक्षी हमले के बाद पहली बार हुआ है — 1945 के बाद.
क्या था IRIS Dena?
IRIS Dena एक Moudge-class फ्रिगेट है — ईरान की नौसेना का आधुनिक युद्धपोत — जिसमें लगभग 180 नाविक सवार थे। यह जहाज भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास MILAN 2026 में भाग लेने के बाद अपने देश लौट रहा था...
जयपुर/दुबई. (आलोक शर्मा) दुनिया की सबसे ऊंची इमारत Burj Khalifa के आसपास धमाकों और प्रतिष्ठित Palm Jumeirah इलाके में मिसाइल हमलों की खबरों ने वैश्विक निवेशकों को चौंका दिया है। वर्षों से सुरक्षित निवेश और लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रतीक रहा दुबई अचानक अस्थिरता के घेरे में नजर आने लगा है।
अब बड़ा सवाल यह है—क्या इस बदले माहौल का फायदा भारत को मिल सकता है? क्या दुबई से निकलने वाला निवेश भारतीय रियल एस्टेट बाजार की ओर रुख करेगा? आइए समझते हैं पूरे समीकरण को।
दुबई पर हमला क्यों है बड़ी बात?
दुबई को लंबे समय से मध्य पूर्व का सबसे स्थिर और सुरक्षित निवेश केंद्र माना जाता रहा है। जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद UAE का रियल एस्टेट बाजार अपेक्षाकृत अछूता रहता था।
लेकिन हालिया घटनाओं ने “सेफ हेवन” की उस छवि को झटका दिया है।
कई रियल एस्टेट कंपनियों ने अस्थायी रूप से ...
तेहरान/वॉशिंगटन
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान वॉशिंगटन से वार्ता नहीं करेगा और अमेरिका तथा इज़रायल को “सबक सिखाने” के लिए तैयार है। लारीजानी का आरोप है कि अमेरिका ने युद्ध से पहले बातचीत का दिखावा करते हुए ईरान को भ्रमित किया और फिर अचानक सैन्य कार्रवाई की। उनके मुताबिक, इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका पर भरोसा करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान “दबाव या दादागीरी के आगे झुकने वाला नहीं है” और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर स्तर पर जवाब देगा।
व्हाइट हाउस का दावा – ‘नया नेतृत्व बातचीत को तैयार’
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (1 मार्च 2026) को दावा किया कि ईरान के “संभा...
इज़राइल ने लेबनान में ईरान-समर्थित हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है, क्योंकि हिज़बुल्लाह ने मिसाइल और ड्रोन से जवाब दिया। इससे इलाके में संघर्ष और फैल रहा है। इज़राइल ने बेरूत और दक्षिण लेबनान में हिज़बुल्लाह के किलेबंद इलाकों को निशाना बनाया है, जिससे अरब देशों में भी चिंता बढ़ी है। बडी बात यह है कि मीडिल ईस्ट की जंग में अब फ्रांस की भी एंट्री हो गई है। फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी इस युद्ध में आगे आए हैं।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि ब्रिटेन ने किसी भी अमेरिकी-इज़राइली हमले में हिस्सा नहीं लिया। लेकिन देश ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है ताकि क्षेत्रीय रक्षा-सुरक्षा और ब्रिटिश नागरिकों की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने यूएस को अपने मिलिट्री बेस (अड्डों) का उपयोग करने की इजाजत दी है ताकि ईरानी मिसाइलों को रोकने में मदद मिल स...
अलवर। सूर्यनगर स्थित सीजीएसटी आयुक्तालय, अलवर में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्ष, उल्लास और धूमधाम से मनाया गया। सीजीएसटी आयुक्त सुमित कुमार यादव ने कार्यक्रम के गेस्ट-ऑफ़-ऑनर सुप्रसिद्ध गज़ल गायक पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन एवं पद्मश्री उस्ताद मोहम्मद हुसैन, विशिष्ट अतिथि संजीवनी हृदयालय से हृदय रोग विषेषज्ञ डॉ नरेश गौड़ और डॉ वरुण यादव के साथ परेड की सलामी ली और ध्वज फहराया। परेड का नेतृत्व सहायक आयुक्त श्री राजेश सिंह ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यरत और सेवानिव्रत अधिकारी, कर्मचारी, परिजन , करदाता और अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कला, संगीत जगत और चिकित्सा के क्षेत्र की नामी हस्तियों ने पधार कर कार्यक्रम का गौरव बढाया। सुप्रसिद्ध गायक पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन और पद्मश्री उस्ताद मोहम्मद हुसैन (हुसैन बन्धु) दोनों &nb...
जयपुर। 77वां गणतंत्र दिवस सोमवार को राज्यभर में गरिमापूर्ण रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंत्रियों एवं जिला कलक्टर्स ने तिरंगा फहराकर पुलिस बैंड पर राष्ट्रगान की धुन के साथ देश की आन-बान और शान के प्रतीक तिरंगे ध्वज को सलामी दी गई।
इस अवसर पर सांस्कृतिक आयोजन व राज्य सरकार की योजनाओं की सुंदर झांकियां दर्शायी गईं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा शहीद स्मारक पहुंचकर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया गया। समारोह में वीरांगना व स्वतंत्रता सैनानियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वारा राज्यपाल के संदेश का पठन किया। स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा व्यायाम प्रदर्शन व लोक गीतों पर सुंदर सामूहिक नृत्य प्रस्तुतियां दी गई। इस वर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष ...
जयपुर। महावीर पब्लिक स्कूल, सी-स्कीम, तथा पोदार वर्ल्ड स्कूल, लालारपुरा, जयपुर में SPIC MACAY संस्था के तत्वावधान में “शहनाई वादन कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार तथा आदित्य विक्रम बिड़ला कलाकिरण पुरस्कार से सम्मानित, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शहनाई वादक पं. अश्विनी शंकर ने अपनी शहनाई के मधुर सुरों से सम्पूर्ण वातावरण को सुरमय बना दिया। उनके साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात तबला-वादक श्री शंभू नाथ भट्टाचार्जी ने मनोहारी तबला-संगत प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय की प्राचार्या द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात् अध्यक्ष महोदय द्वारा शहनाई वादक पं. अश्विनी शंकर एवं तबला-वादक श्री शंभू नाथ भट्टाचार्जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा प्राचार्या म...