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TATA डिजिटल ऑनलाइन स्वास्थ्य देखभाल स्टार्टअप 1MG टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में बहुलांश हिस्सेदारी का करेगी अधिग्रहण

मुम्बई। टाटा संस की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई टाटा डिजिटल लिमिटेड ऑनलाइन स्वास्थ्य देखभाल स्टार्टअप 1एमजी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। टाटा समूह ने इसकी घोषणा कर दी है। हालांकि कंपनी ने इस सौदे के लिए वित्तीय विवरण का खुलासा नहीं किया है, जिससे अभी यह खुलासा नहीं हुआ है कि यह राशि कितनी होगी। बता दें कि टाटा डिजिटल ने कुछ दिनों पहले ही फिटनेस पर केंद्रित क्योरफिट हेल्थकेयर में लगभग 550 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की थी और अलीबाबा समर्थित देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ग्रॉसरी कंपनी बिग बास्केट में भी बड़ी हिस्सेदारी हासिल की थी।  वैसे 1mg के अधिग्रहण को टाटा ग्रुप के लिए काफी महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ऑनलाइन फार्मेसी सेगमेंट में कदम रखा था और नेटमेड्स का अधिग्रहण किया था। जबकि फार्मईजी का मेडलाइफ ...

TATA डिजिटल ऑनलाइन स्वास्थ्य देखभाल स्टार्टअप 1MG टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में बहुलांश हिस्सेदारी का करेगी अधिग्रहण

मुम्बई। टाटा संस की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई टाटा डिजिटल लिमिटेड ऑनलाइन स्वास्थ्य देखभाल स्टार्टअप 1एमजी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। टाटा समूह ने इसकी घोषणा कर दी है। हालांकि कंपनी ने इस सौदे के लिए वित्तीय विवरण का खुलासा नहीं किया है, जिससे अभी यह खुलासा नहीं हुआ है कि यह राशि कितनी होगी। बता दें कि टाटा डिजिटल ने कुछ दिनों पहले ही फिटनेस पर केंद्रित क्योरफिट हेल्थकेयर में लगभग 550 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की थी और अलीबाबा समर्थित देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ग्रॉसरी कंपनी बिग बास्केट में भी बड़ी हिस्सेदारी हासिल की थी।  वैसे 1mg के अधिग्रहण को टाटा ग्रुप के लिए काफी महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ऑनलाइन फार्मेसी सेगमेंट में कदम रखा था और नेटमेड्स का अधिग्रहण किया था। जबकि फार्मईजी का मेडलाइफ में ...

आर्थिक तंगी के बाद अब कोरोना ने ​रोकी 10 हजार कमरे, 70 रेस्टोरेंट वाले दुनिया के सबसे बड़े 25 हजार करोड़ की लागत से बन रहे होटल की राह

मक्का. कोरोना ने ना केवल छोटे व्यापारियों की बल्कि सऊदी अरब जैसे देशों के शेखों की भी हालत पतली कर दी है. यही कारण है कि दुनियाभर में कई बड़े और विशालकाय  होटलों को टक्कर देने के लिए मक्का में बनाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े होटल का निर्माण कार्य भी फिर से चालू नहीं हो पा रहा है. कारण पहले आर्थि​क तंगी और फिर कोरोना. हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि यह आर्थिक तंगी तो आनी ही थी क्योंकि यह होटल कोई सौ, दौ सो, पांच सौ या हजार करोड़ में नहीं बल्कि पूरे पच्चीस हजार करोड़ से भी ज्यादा की कीमत में बनना है.  वैसे बताते चलें कि फिलहाल मलेशिया के 'फर्स्ट वर्ल्ड होटल' को दुनिया के सबसे बड़े होटल का दर्जा मिला हुआ है जिसमें कुल 7,351 कमरे हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी इस होटल का नाम दर्ज है। पर अब इसको टक्कर देने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा होटल सऊदी अरब के पवित...

राजस्थान के भिवाड़ी में 1100 करोड़ का निवेश करेगी फ्रांस की सैंट गोबेन कंपनी

सैंट गोबेन ने राजस्थान में पहले चरण में 2010 से अब तक 1200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया  सैंट गोबेन ने मुख्यमंत्री को अपनी प्रस्तावित निवेश योजना प्रस्तुत की, राज्य की औद्योगिक पालिसी फ़्रेमवर्क के तहत समर्थन के लिए अनुरोध किया  भिवाड़ी और अलवर में कंपनी ने दूसरे चरण में 1100 करोड़ के निवेश प्रस्तावित किया राज्य में 1100 के वर्तमान प्रत्यक्ष रोजगार के साथ, कंपनी का लक्ष्य दूसरे चरण में 300 और रोजगार के अवसर को भादवा देगा । जयपुर। सैंट गोबेन ने फ्लोट ग्लास की एशियाई मांग के निर्माण के लिए राजस्थान में दूसरे चरण के विस्तार के लिए निवेश करने की इच्छा ज़ाहिर की। 2010 से अपनी निवेश घोषणा के बाद से, सैंट गोबेन पहले ही 1200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चूका हैं, और 1100 को प्रत्यक्ष रोजगार भी दिया है। इसके चलते सैंट गोबेन ने मुख्यमंत्री को प्रस्तावित निवेश योजना प्रस...

महामारी के दौर में भी भारत ने जमकर किया भैंस के मांस का निर्यात, 70 से अधिक देशों में 317 करोड़ डॉलर का निर्यात

दिल्ली। भारत भैंस के मांस के प्रमुख निर्यातकों में से एक है और पिछले एक साल से अधिक की अवधि में वैश्विक महामारी कोविड-19 के बावजूद भारत वर्ष 2020-21 में 03 अरब 17 करोड़ अमरीकी डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात करने में सफल रहा है जो इससे पिछले सामान्य स्थिति वाले वित्तीय वर्ष 2019-20 के स्तर के बराबर ही है। भैंस के मांस के निर्यात से होने वाली आय भी 2754 अमरीकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़ कर 2921 अमरीकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गई। भारत का पौष्टिक एवं जोखिम रहित भैंस का मांस विश्व के 70 से अधिक देशों में बहुत ही लोकप्रिय है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के मुताबिक हांगकांग, वियतनाम, मलयेशिया, मिस्र, इंडोनेशिया, ईराक, सऊदी अरब, फिलीपीन्स और संयुक्त अरब अमीरात भारत से भैंस के मांस का आयात करने वाले प्रमुख देश हैं। किसी भी खतरे (जोखिम) से बचने के लिए भैंस के म...

BBC, CNN, अल जजीरा को टक्कर देने और दुनियाभर में भारत की आवाज बुलंद करने के लिए DD इंटरनेशनल चैनल जल्द होगा शुरू

नई दिल्ली। पिछले कई सालों से सीएनएन और बीबीसी की तरह ही एक वैश्विक भारतीय चैनल की भी जरूरत महसूस की जा रही थी जिसके बाद में आखिर कार दूरदर्शन इंटरनेशनल चैनल को मंजूरी दे दी गई है और जल्द ही भर्ती की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद में चैनल को शुरू कर दिया जाएगा। वैश्विक मंचों पर भारत के नजरिये को मजूबत आवाज देने, मजबूती से भारतीय पक्ष रखने के लिए प्रसार भारती ने दूरदर्शन इंटरनेशनल चैनल लांच करने की दिशा में बढ़ा कदम उठाया है। मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक कूटनीति की व्यवस्था में भारत के दृष्टिकोण को स्थापित करने के लिहाज से इस चैनल की कार्ययोजना बनाई गई है। जिसका एक मुख्य मकसद समसामयिक विषयों पर देश के बारे में वैश्विक मीडिया के एकांगी नजरिये का जोरदार जवाब देते हुए भारत की सही तस्वीर पेश करना भी होगा। प्रसार भारती के सीईओ एस. एस. वेम्पति के मुताबिक इस तरह की एक परियोजना पिछले कुछ स...

दालों के विक्रेताओं, मिल मालिकों, व्यापारियों, आयातकों को 21 मई तक करनी होगी स्टॉक की घोषणा, जमाखोरी के खिलाफ एक्शन

जयपुर। दालों की कीमतों में वृद्धि होने की आशंका के मध्य नजर राजस्थान खाद्य विभाग ने संभावित जमाखोरी को रोकने के लिए व्यापारियों को दाल के स्टॉक की घोषणा करने का आदेश जारी कर दिया है। खाद्य सचिव नवीन जैन ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जारी राजस्थान व्यापारिक वस्तु (अनुज्ञापन एवं नियंत्रण) आदेश 1980 के अनुसूची 2 में संशोधन करते हुए अनुसूची में साबुत या दली हुई दालें यथा उड़द, मूंग, अरहर, मसूर, मौठ, लोबिया राजमा, चना, मटर एवं अन्य दालों को जोड़ा गया है।   अंतिम स्टॉक की घोषणा 21 मई तक  शासन सचिव ने बताया कि दालों के विक्रेताओं मिल मालिकों व्यापारियों एवं आयातकों को 20 मई की सांय तक उपलब्ध दाल के वास्तविक अंतिम स्टॉक की घोषणा 21 मई तक देनी होगी। उन्होंने बताया कि दालों के सभी डीलरों को निर्धारित प्रपत्र में स्टॉक रजिस्टर का संधारण करना होगा। स्टॉक की साप्ताहि...

जहां दो वक्त की रोटी का संकट था, वहां कोरोना से बदली आदिवासियों की किस्मत. डाबर, हिमालया जैसी कंपनियों से मिला 1.57 करोड़ का ऑर्डर

ठाने(आलोक शर्मा). यह कहानी महाराष्ट्र के ठाने की है. जहां शाहपुरा गांव के आदिवासियों के लिए कुछ वक्त तक दो वक्त की रोटी का जुगाड़ सही से कर पाना भी किसी बड़े सपने से कम नहीं था. लेकिन अब गांव अचानक करोड़​पति बन गया है. कोरोना संकटकाल जहां हर किसी के लिए अभिशाप बना हुआ है वहीं इस पूरे गांव के आदिवासियों ने इस अभिशाप को अवसर में बदल दिया.  दरअसल कोरोना संकटकाल में औषधिय पौधे गिलोय की मांग बढ़ी और लोगों को इसके चमत्कारी गुण पता चले तो गांव ने अपने क्षेत्र में पैदा होने वाली गिलोय की खेती का बेहतर प्रबंधन किया, जिसका नतीजा यह  रहा कि यहां के जनजातीय लोगों को 1 करोड़ 57 लाख रूपए की गिलोय का बम्पर ऑर्डर मिला, ऑर्डर भी किसी छोटे मोटे ब्रांड का नहीं बल्कि डाबर, वैद्यनाथ और हिमालया जैसी बड़ी कंपनियां का. इतना ही नहीं अब गांव वालों को इससे भी बड़ा ऑर्डर जल्द और मिलने वाला है.&nb...

भारत में थोक महंगाई दर ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 10.49% पर पहुंची

मुंबई। कोरोना संकटकाल और महंगाई की मार के बीच भारत को एक और बड़ा झटका लगा है। देश में अप्रैल के महीने में थोक महंगाई में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिली. जहां अप्रैल, 2021 में थोक मंहगाई दर बढ़कर 10.49% पहुंच गई। यह आल टाइम हाई यानी कि अब तक कि सबसे ऊंची दर है। जबकि मार्च में यह 7.29% पर ही थी, यह भी पिछले 8 साल में सबसे ज्यादा थी. गौर करने वाली बात यह है कि फरवरी में थोक महंगाई दर 4.17% पर थी और बहुत ही कम समय में यह 10.49% हो गई। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल 2021 में थोक मूल्य आधारित WPI मुद्रास्फीति 10.49 फीसदी रही. अप्रैल 2021 में यह सालाना महंगाई दर ज्यादा इस वजह से है क्योंकि कच्चे तेल, खनिज तेल जैसे पेट्रोल-डीजल आदि के दाम बढ़े हैं. मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों के दाम भी बढ़ गए. मार्च की तुलना में अप्रैल में प्राथमिक वस्तुओं जैसे धातुओं, कच्चे तेल एवं गैस, खाद्य वस्तुओं और ...

एलन मस्क के एक ट्वीट से 17 फीसदी टूट गई दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन, भारत सहित कई देशों के निवेशकों के पसीने छूटे

मुंबई। टेस्ला कंपनी ने गुरुवार सुबह जलवायु चिंताओं के कारण अपने वाहनों की बिक्री बिटकॉइन में करने से इनकार कर दिया. इससे जुड़े एलन मस्क के एक ट्वीट के बाद दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत 2 घंटे में ही 17 फीसदी टूटकर 54,819 डॉलर से 45,700 डॉलर हो गई है. एलन मस्क ने ट्वीट कर लिखा कि टेस्ला अपनी कार बेचने के एवज में अब बिटकॉइन स्वीकार नहीं करेगी. जिसके तुरंत बाद इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई. टेस्ला कंपनी ने गुरुवार सुबह जलवायु चिंताओं के कारण अपने वाहनों की बिक्री बिटकॉइन में करने से इनकार कर दिया जिसका यह परिणाम रहा. बिटकॉइन में इस गिरावट के बाद में निवेशकों में भारी चिंता देखने को मिली. दुनिया के कई देशों के साथ भारतीय निवेशकों में भी गिरावट आने से चिंता बढ़ गई. क्योंकि इसमें एक बड़ा वर्ग भारत में भी निवेश करता है. मस्क ने अपने ट्वीट में लिखा की "हम बिटक...