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भारत में महाशिवरात्रि पर्व की धूम, जानिए भगवान भोलेनाथ से जुड़ी 10 रोचक मान्यताएं!

(TEN SPECIAL). क्या शिव और शंकर एक ही हैं? आखिर कौन है शिव और कौन है शंकर? कुछ पुराणों की माने तो भगवान शंकर को शिव के नाम से इसलिए संबोधित किया जाता है क्योंकि वे निराकार शिव के समान हैं. निराकार शिव को शिवलिंग के रूप में पूजने की मान्यता है. कई विद्वान शिव और शंकर को एक ही सत्ता के दो नाम मानते हैं, जबकि दोनों की प्रतिमाएं अलग-अलग आकृति और रुप लिए हुए दिखाई देते हैं. शंकर को कहीं तपस्वी रूप में दिखाया जाता है, तो कहीं शिवलिंग का ध्यान करते हुए उनका रुप वर्णित किया गया है. ऐसे में कुछ पुराणों के मुताबिक शिव और शंकर दो अलग-अलग सत्ताएं हैं. भगवान शिव सदा कल्याणकारी हैं, जन्म-मरण के चक्र या बंधन से सदा मुक्त हैं जबकि शंकर साकारी देवता है. शंकर को ही देव आदि देव महादेव भी कहा जाता है. शिव का नाम शंकर के साथ जोड़ा जाता है तो कहते हैं शिव शंकर भोलेनाथ. शंकर जी को उंचे पर्वत पर तपस्या में लीन बता...

राजस्थान के जल संसाधन विभाग को दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले

नई दिल्ली. राजस्थान के जल संसाधन विभाग को दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले.बेहतर जल प्रबंधन और प्लानिंग के लिए जल संसाधन विभाग को सीबीआईपी अवार्ड-2020 से नई दिल्ली में सम्मानित किया गया है. विभाग के सचिव नवीन महाजन ने पुरस्कार ग्रहण किया और इसे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयासों और विज़न का परिणाम बताया. केंद्रीय राज्य जलशक्ति मंत्री रतनलाल कटारिया और केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष आर. के. जैन ने नवीन महाजन को उनके द्वारा सूखाग्रस्त माने जाने वाले प्रदेश में किये गए इस बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया. गौरतलब है कि राजस्थान के सीनियर आईएएस नवीन महाजन को मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा था. जिसके बाद से नवीन महाजन ने अशोक गहलोत सरकार के विजन को बेहतर और प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करते हुए ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विभाग के क...

क्या राजस्थान में परिवहन मंत्री बनाना 'दूध की रखवाली बिल्ली को' देने जैसा साबित हुआ!

जयपुर (राजस्थान). कांग्रेस की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे चर्चित और बड़ी कार्रवाई में परिवहन विभाग के कई बड़े अधिकारी, दलाल तो फंसे ही पर क्या खुद विभाग के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी इसमें फंस गए हैं! कांग्रेस के ही अंदर अपने ही मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ विधायक और मंत्री खुलकर सामने आ गए हैं. कारण साफ है मंत्री जी खुद के विभाग में हुई कार्रवाई से इतने हतोत्साहित और खफा नजर आ रहे हैं कि वो एंटी करप्शन ब्यूरो की इस कार्रवाई पर ही सवाल उठा रहे हैं. और तो और उनके बयान कहीं ना कहीं पकड़े गए दलालों और अधिकारियों के प्रति सहानुभूति प्रकट करने जैसे नजर आ रहे हैं. राजस्थान विधानसभा में जब मामला गर्माया तो प्रताप सिंह ने कहा 'एसीबी की ऐसी कार्रवाई से अधिकारियों में भय का माहौल है, भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े गए कई आईएएस, आईपीएस आज भी ऑन रोल हैं...

राजस्थान के RTO में मासिक बंधी का खेल, ACB जांच में अभी कई बड़ी मछलियों के नाम!

राजस्थान (THE END NEWS). सूबे में भ्रष्ट्राचार का खेल कुछ ऐसे चल रहा था कि हजारों वाहन मालिकों को डरा धमकाकर मासिक बंधी ली जा रही थी. राजस्थान के अन्य जिलों की छोड़िए जिस राजधानी से सरकार चल रही है, हर बड़ा अधिकारी और खुद परिवहन विभाग के मंत्री जहां बैठते हैं वहीं गुलाबी नोटों का यह खेल चरम पर था. भ्रष्टाचार के इस अक्क्ड़-बक्कड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो के 18 दलों ने जब एक साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई कि तो परिवहन विभाग के 8 अधिकारी, 7 दलाल तुरंत रडार पर आ गए. कस्टडी में लेकर अचानक सर्च अभियान चलाया तो बचे अधिकारी और दलाल भनक लगते ही तौबा-तौबा करने लगे और इधर-उधर फरार हो गए. ऐसा होना भी लाजमी था क्योंकि ACB का यह मास्टर प्लान ही कुछ ऐसा था, जहां किसी को संभलने और समझने का मौका तक नहीं दिया गया. एसीबी ने चार माह से दलालों और अफसरों के मोबाइल सर्व...

अंग्रेज भी घबराते थे इस कवि के देशभक्ति गीतों से, गिरफ्तारी के दे दिए थे आदेश

मुंबई. बात 1943 की है जब हिंदुस्तान में फिल्म 'किस्मत' रिलीज हुई. फिल्म में एक गाना उस वक्त बहुत पॉपुलर हुआ जब हिंदुस्तान अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी का दंश झेल रहा था और दूसरी तरफ हिंदुस्तान की आजादी की जंग के लिए देश एक हो रहा था. फिल्म का गाना था 'आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकरा है, दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिन्दुस्तान हमारा है...' यह गाना उस वक्त हर हिंदुस्तानी की जुबान पर कुछ ऐसा चढ़ा की राष्ट्रीय एकता, आजादी की मांग के बीच हर देशवासी की जुबान पर चढ़ गया. अंग्रेजी हुकुमत को यह देशभक्ति गीत इतना नागवार गुजरा की उन्होने इस गीत के लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए. इसके चलते कई सालों तक इस महान गीतकार को भूमिगत रहना पड़ा. यह महान शख्स कोई और नहीं बल्कि हिंदी कविता और हिंदी सिनेमा में देशभक्ति और मानवीय मूल्यों का अलख जगाने वाले गीतकार कवि स्वर्गीय प्रदीप उर्फ रामचंद्र न...

भारत में 2020-21 के बजट की 10 प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी बड़ी घोषणाएं, कहीं खुशी-कहीं गम

नई दिल्ली. वर्तमान में लड़खड़ाती, बीमार और बेरोजगार भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती का डोस देने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने भारत देश का बजट पेश किया. बजट में कहीं खुशी तो कहीं गम देखने को मिला. इस हाथ दे दे, उस हाथ ले ले, यह है बजट का दस्तूर' कुछ ऐसा ही इस बजट में देखने को मिला. हालांकि ठंडी पड़ी अर्थव्यवस्था को रिवाइव करने के पूरे प्रयास मोदी सरकार ने इस बजट में किए हैं लेकिन परिणामों लेकर लोगों के मन में आशंकाएं भी हैं. भारत की केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्‍त वर्ष 2020-21 के इस बजट में क्या खास घोषणाएं की इसको आइए इन दस बिंदुओं से संक्षेप्त में समझते हैं.   10 प्रमुख क्षेत्र और बजट घोषणाएं:   1- टैक्स स्लैब: - टैक्‍स स्‍लैब 4 भागों में बांटकर पहले स्‍लैब में 2.5 लाख की आमदनी वालों को टैक्‍स से छूट दी गई. - 2.5 लाख से 5 लाख तक ...

ब्रेग्जिट: ब्रिटेन यूरोपियन संघ से अलग, 10 फैक्ट से समझे आखिर क्या है पूरा मसला

लंदन (सौम्यता मिश्रा). बात दूसर विश्व युद्ध की समाप्ति की है, जब पश्चिमी यूरोप देशों ने महसूस किया कि लडाई झगड़ों में कुछ नहीं रखा है. यूरोपियन देशों में एकता होनी बेहद जरुरी है. विभिन्न यूरोपियन देशों में राष्ट्रवाद और एकता की भावना पनपने लगी, आवाम के अच्छे, खुशहाल जीवन के साथ आर्थिक उन्नति की ओर यूरोपियन देशों ने मिलकर सोचना शुरु किया. इस भावना का ही नतीजा था कि यूरोप के एकीकरण का सबसे पहला सफल प्रस्ताव 1951 में आया जब यूरोप के कोयला और स्टील उद्योग लाबी ने लामबंदी शुरु कर दी. जिसके तहत खासकर फ्रांस और पश्चिमी जर्मनी के इस उद्योग को एकीकृत नियंत्रण में लाने का प्रयास हुआ, ताकि इन दो राष्ट्रों में संघर्ष की स्थिति भविष्य में उत्पन्न न हो. इस लाबी के कर्ता धर्ता ने तभी इसे संयुक्त राज्य यूरोप की परिकल्पना के रूप में प्रचारित किया था. यूरोपीय संघ के अन्य संस्थापक राष्ट्रों में बेल्जिय...

बजट में इनकम टैक्स के 4 स्लैब प्रस्तावित, आयकरदाताओं के लिए पिछले 10(TEN) बजट कैसे रहे ?

नई दिल्ली. फरवरी माह के पहले दिन भारत देश का केन्द्रीय बजट पेश होगा. बजट को लेकर उम्मीदें, आशाएं और शंकाएं सब का एक मिश्रण आवाम के जहन में देखने को मिल रहा है. सबसे बड़ी बात है बेरोजगारी, मंदी और ठप हो चुके व्यापार, उद्वोग धंधों के बीच हर माह वेतन पाने वाले लोगों में चिंताएं सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बाद भारत में मोदी सरकार मौजूदा 3 टैक्स स्लैब की जगह 4 टैक्स स्लैब ला सकती है. इन चार स्लैब को लेकर हर कोई अपने अपने मायने निकाल रहा है. इस मामले में बनी टास्क फोर्स ने अगस्त, 2019 में अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को पेश करते हुए 4 टैक्‍स स्‍लैब के सुझाव दिए थे जिसमें 2.5 से 10 लाख रुपये के बीच सालाना आय वालों के लिए 10% टैक्स रेट प्रस्तावित की गई. इसके साथ ही 10 लाख से लेकर 20 लाख रुपये के बीच आय वालों के लिए 20% और 20 लाख से 2 करोड़ रुपये की ...

एक सरकारी स्कूल में पढ़ा हिंदी मीडियम युवा बना देश का टॉप IAS, पढें कौन है यह शख्स?

नई दिल्ली. बेटर इंडिया ने देश के टॉप टेन IAS की लिस्ट जारी की है. लिस्ट में असम कैडर के IAS अधिकारी राज यादव, तमिलनाडु कैडर के संदीप नंदूरी, छत्तीसगढ़ कैडर के अविनाश शरण, मध्यप्रदेश कैडर के आशीष सिंह के साथ राजस्थान कैडर के दो IAS अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. राजस्थान कैडर के IAS डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी और अतहर आमिर खान का नाम भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है. बेहतर काम, जवाबदेह और जिम्मेदार प्रशासन, नवाचार के साथ वंचितों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने और सुशासन देने वाले अधिकारियों के नाम इस लिस्ट में शामिल किए गए हैं. इस लिस्ट में शामिल डॉ. जितेन्द्र सोनी के नाम का जिक्र खास तौर पर इसलिए किया जाना महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि अभावों में एक सरकारी और हिंदी मीडियम स्कूल में पले बडे होने के बावजूद सोनी ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान स्थापित की. मुश्किलें भी बहुत आईं लेकिन डॉ. सो...

फिनलैंड: हफ्ते में 4 दिन काम, 3 दिन छुट्टियों का प्रस्ताव, यह हैं दुनिया के सबसे खुश इस देश की 10 खासियत

फिनलैंड/ नई दिल्ली. 'देश में अब रोज 8 घंटे और हफ्ते में 5 दिन काम करने की जरूरत नहीं होगी, इससे बचने वाले समय को लोग परिवार और प्रियजनों के बीच बिताएं. इससे परिवार तो मजबूत होगा ही, देश की उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी. स्वीडन में 2015 में हफ्ते में 6 घंटे रोज काम करने के फैसले से क्रांतिकारी बदलाव आया है. वहां न सिर्फ उत्पादकता बढ़ी, बल्कि अमीरी और खुशहाली के पैमाने में भी उसने दो पायदान छलांग लगाई.' यह बात कहकर एक माह पहले ही फिनलैंड में दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनीं सना मारिन ने हफ्ते में 4 दिन और रोज 6 घंटे काम का प्रस्ताव लाकर सबको चौंका दिया. यानि फॉर-डे वर्किंग अब सब ठीक रहा तो जल्द फिनलैंड में लागू होगा और लोगों को 3 दिन की छुट्टी मिलेगी. फिनलैंड के लोगों ने इसका जोरदार स्वागत किया है. यह प्रस्ताव स्थानीय सरकार ने इसलिए रखा ताकि फिनलैंड के लोग और खुशहाल, तनाव मुक्त और स्व...