India

शेखावाटी के लिए वरदान यमुना जल समझौता- मिशन मोड पर हो काम - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को यमुना जल समझौते के योजनाबद्ध क्रियान्वयन के लिए जल संसाधन विभाग की बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए मिशन मोड पर काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र के लिए यह परियोजना ऐतिहासिक है। समझौते के बाद अब जिस गति से आगे की प्रक्रिया चल रही है, उसे कायम रखते हुए नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी फील्ड में जाकर परियोजना को गति प्रदान करें। उन्होंने एमओए के अनुरूप परियोजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही, उन्होंने जरूरी मैनपावर के नियोजन के संबंध में भी निर्देशित किया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने परियोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत पॉल मर्फी ने की शिष्टाचार भेंट

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत पॉल मर्फी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों के बीच राजस्थान और ऑस्ट्रेलिया के बीच आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान निवेश, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ-साथ आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के लिए राजस्थान में निवेश और साझेदारी की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। महावाणिज्य दूत पॉल मर्फी ने राजस्थान की औद्योगिक प्रगति और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए दोनों पक्षों के बीच व्यापार, शिक्षा, ख...

30 अगस्त को दिल्ली सॉकर एसोसिएशन के चुनाव, ईजीएम में अंतरिम एड-हॉक समिति का गठन

नई दिल्ली। दिल्ली सॉकर एसोसिएशन (डीएसए) की असाधारण आम सभा (ईजीएम) हिंदी भवन, आईटीओ, नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक में एसोसिएशन के 60 सदस्यों ने भाग लिया। निर्धारित कोरम पूरा होने के बाद बैठक संविधान के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से श्री जगदीश मल्होत्रा को अध्यक्ष (Chairperson) तथा श्री मगन सिंह पटवाल को कार्यवाहक सचिव (Acting Secretary) नियुक्त किया गया, जिन्होंने बैठक की कार्यवाही का संचालन एवं अभिलेखन किया। सभा को अवगत कराया गया कि कार्यकारिणी समिति के 12 सदस्यों के इस्तीफे के कारण समिति संविधान के अनुसार प्रभावी रूप से कार्य करने की स्थिति में नहीं रह गई है। साथ ही यह भी बताया गया कि 24 मई 2026 को बुलाई गई असाधारण आम सभा की कार्यवाही अधूरी रह गई थी, जिसे आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 12 जुलाई की बैठक को उसी ईजीएम की पुनः आयोजित निरंतर बैठक (Reconvened Meeting) ...

डॉक्टर-इंजीनियर बनने में लाखों खर्च हो जाते हैं, सीएस बनने में लाख रुपए भी नहीं लगते:चांडक

भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जी.चांडक पहुंचे जयपुर, कंपनी सचिवों के साथ किया इंटरेक्शन। जयपुर। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जी.चांडक ने कहा कि कंपनी सेक्रेटरी  एक ऐसा प्रोफेशन है, जिसमें युवा अपना करियर आसानी से बना सकते हैं। डॉक्टर—इंजीनियर बनने के लिए जहां लोगों को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि सीएस बनने में पूरे एक लाख का खर्च भी नहीं आता है। उन्होंने दावा किया कि आज कंपनी सेक्रेटरी की बहुत डिमांड है। इसका नतीजा यह है कि एक भी सीएस आज बेरोजगार नहीं है। यह बात उन्होंने आईसीएसआई जयपुर चैप्टर की ओर से टोंक रोड स्थित एक होटल में आयोजित सेमिनार के दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद छात्र इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। पाठ्यक्रम तीन चरण फाउंडेशन, एग्जीक्यूटिव और प्रोफ...

डॉ. वीरेन्द्र लेजर आई हॉस्पिटल का कारनामा, करना था लेफ्ट आंख का ऑपरेशन, ​कर दिया राइट साइड का, पीड़िता ने पुलिस में दी शिकायत

डॉ. वीरेन्द्र अग्रवाल और उनके हॉस्पिटल के खिलाफ बजाज नगर थाना पुलिस जांच में जुटी। परिजनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़िता की गलत ऑपरेशन से आंख की रोशनी की भी क्षति हुई।  जयपुर। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की लापरवाही के मामले तो खूब देखे हैं लेकिन जयपुर के जाने माने डॉ. वीरेन्द्र लेजर आई हॉस्पिटल का कारनामा अलग ही है। जहां एक बालिका का उसके परिजन लेफ्ट आई का ऑपरेशन कराने गए थे और डॉक्टर साहब ने कर दिया राइट आई का। इतना ही नहीं ऑपरेशन थिएटर में मरीज को पहले ही अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और गलती का अहसास हो गया था, उसने भी टोका कि शायद आप राइट साइड की आंख का ऑपरेशन करने जा रहे हो लेकिन मेरी लेफ्ट आंख का ऑपरेशन होना है लेकिन डॉक्टर और उनकी टीम ने एक ना सुनी और लेफ्ट के बजाए राइट आंख का ऑपरेशन कर दिया। “सेक्स पावर” बढाने के नाम पर डॉ. चिराग भंडारी पर फर्जीवाड़े का आ...

पथरी के ऑपरेशन में किडनी कर दी डैमेज, युवक की मौत के बाद डॉक्टर ने स्वीकारी लापरवाही

मध्य प्रदेश. सतना जिले में किडनी स्टोन के इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद गंभीर हंगामा खड़ा हो गया। पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी, जिसके इलाज के लिए परिजन उसे सतना के मुख्तियारगंज स्थित पाठक नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और 4 अप्रैल को करीब पांच घंटे तक सर्जरी की गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और जिस किडनी का इलाज किया जा रहा था, उसके अलावा दूसरी स्वस्थ किडनी पर भी कट लगा दिया, जिससे मरीज की हालत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद जब स्थिति गंभीर हुई तो डॉक्टरों ने आनन-फानन में टांका लगाकर मरीज को रीवा के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां जांच में सामने आया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था और लगातार खून बहने तथा संक्रमण के कारण उसे भी निकालना पड़...

“सेक्स पावर” बढाने के नाम पर डॉ. चिराग भंडारी पर फर्जीवाड़े का आरोप, पहले रिश्वत लेते हुए भी हो चुके हैं एसीबी ट्रेप

जयपुर: राजधानी जयपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां यौन क्षमता बढ़ाने के नाम पर कथित तौर पर अवैध दवाओं का कारोबार किया जा रहा था। यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित हो रहा था, जिसे हाल ही में ड्रग विभाग और केंद्रीय एजेंसियों ने उजागर किया है। इस कार्रवाई ने ऑनलाइन हेल्थ प्रोडक्ट्स की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। छापेमारी में खुली पोल खुद को सेक्सोलॉजिस्ट बताने वाले डॉ चिराग भंडारी के गोपालपुरा स्थित भंडारी हॉस्पिटल में यह सेक्स पावर बढाने का गोरखधंधा चल रहा था। ड्रग कंट्रोल विभाग और सेंट्रल एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आया कि अस्पताल के पते का इस्तेमाल कर एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से “ट्राइमेक्स” नाम से दवाओं का मिश्रण बेचा जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। खतरनाक दवा कॉम्बिनेशन पर सवाल ...

निविक अस्पताल का संचालक डॉ. सोनदेव बंसल गिरफ्तार, पुलिस बोली आरजीएचएस दस्तावेज में फर्जीवाड़ा करने के मामले में एक्शन

जयपुर डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने स्पष्ट किया कि अस्पताल के खिलाफ इलाज में लापरवाही के मामले में कार्रवाई नहीं की गई है। दस्तावेज में फर्जीवाड़ा करने के मामले में यह एक्शन लिया गया है। मामले में विभाग ने भी फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। जिस पर जांच के बाद निजी अस्पताल संचालक को गिरफ्तार किया गया है। उधर प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन ने जताई नाराजगी जयपुर। जयपुर। यह खबर जयपुर के मानसरोवर इलाके से सामने आई है, जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, निविक अस्पताल के संचालक डॉ. सोनदेव  बंसल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई उस मामले में की गई है, जिसमें कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थ...

5 दिन का विराम या रणनीतिक चाल? अमेरिका-ईरान तनाव पर उठते सवाल

मध्य-पूर्व की राजनीति एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में है। हाल ही में United States ने Iran पर अगले 5 दिनों तक हमला न करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है—क्या यह वास्तव में युद्ध विराम की दिशा में कदम है या केवल एक रणनीतिक विराम? कुछ विश्लेषक इसे पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की संभावित राजनीतिक चाल के रूप में भी देख रहे हैं। क्या यह सच में युद्ध विराम है? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि “हमला न करने की घोषणा” और “औपचारिक युद्ध विराम” (Ceasefire) दो अलग-अलग चीजें हैं। युद्ध विराम आमतौर पर दोनों पक्षों की सहमति से होता है और इसमें शर्तें तय होती हैं। एकतरफा हमला रोकने की घोषणा केवल सामरिक (tactical) निर्णय भी हो सकता है। इस मामले में अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं है कि ईरान ने भी औपचारिक रूप से जवाबी कार्...

ईरान की फायर रेंज से दूर मीडिल ईस्ट में अमेरिका खेल रहा “सेफ गेम”? संघर्ष की भट्टी में तप रहे पड़ोसी मुल्क

वॉशिंगटन। (आलोक शर्मा) मध्य-पूर्व के तनाव में अक्सर यह धारणा बनती है कि अमेरिका सीधे ईरान की फायर रेंज से बाहर रहकर “सेफ गेम” खेल रहा है। दरअसल, यह स्थिति कई सैन्य, तकनीकी और कूटनीतिक परतों का परिणाम है। और हाल में चल रहे ईरान वॉर में भी यही साबित हो रहा है। पहले की तरह ही मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि अमेरिका सीधे ईरान की फायर रेंज में क्यों नहीं दिखता, जबकि जवाबी कार्रवाई अधिकतर पड़ोसी देशों या क्षेत्रीय ठिकानों के आसपास ही हो रही है। दरअसल, यह दूरी संयोग नहीं बल्कि रणनीति है। अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी को इस तरह तैनात करता है कि वह सीधे हमले की जद से बाहर रहे, लेकिन जरूरत पड़ने पर तेज और सटीक जवाब देने की क्षमता भी बनाए रखे। यानि खुद एक सेफ गेम खेलता है और दूसरे मुल्कों के कंधे पर बंदूर रखकर चलाने की पुरानी आदत है। ऐसा ही मीडिल ईस्ट वॉर में दे...