India

9 घंटे बस सोने की जॉब, 1 लाख रुपये सैलरी, तुरंत करें आवेदन.

बेंगलुरु. यदि आप कोई ड्रिम जॉब सर्च कर रहे हो तो आपके जैसे मेहनती और इमानदार लोगों के लिए बेहतरीन मौका है, करना कुछ नहीं बस अपने ऑफिस टाइम पर सोना है, और आपको इसके लिए सैलेरी मिलेगी 1 लाख रुपए. जी हां यह कोई मजान नहीं बल्कि सच है. भारत में रातों रात कंपनी का एड चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल बेंगलुरु स्थिति भारतीय कंपनी Wakefit ने यह घोषणा की है कि रोजाना 9 घंटे सोने की जॉब है जिसके बदले में कंपनी द्वारा कर्मचारी को एक लाख रुपये सैलरी दे रही है. यह कंपनी फिलहाल गद्दे बनाती है. अब आप सोच रहे होंगे नौकरी और सैलेरी तो ठीक है लेकिन आखिर सोने का वेतन क्यों दिया जा रहा है. तो आप को बता दें दरअसल ऑनलाइन फर्म वेकफिट (Wakefit) कंपनी सोने के लिए कुछ लोगों की काउंसलिंग कर रही है. लोगों के सोने के तरीकों को जानने के लिए उनके सोने के तरीके को ट्रैक किया जाएगा. इसके बाद एक्सपर्ट से सलाह भी दी जाएगी. ...

यह हैं भारत के टॉप-10 (TEN) मिलावटखोर राज्य, जहां जाएं तो कुछ भी खाने से पहले सावधान!

नई दिल्ली (विपुल शर्मा). मिलावटखोर निर्दयी हेवान होता है, उसको यह नहीं पता कि किसी न किसी रुप में वह खुद भी उपभोक्ता है. बावजूद इसके कोई दूध में सिंथेटिक क्रीम, यूरिया या डिटर्जेंट पाउडर, सरसों के तेल में आर्जीमोन, हल्दी में डाई के काम आने वाला पीला तो मिर्च में लाल रंग, चाय में चमडे या लौहे का बुरादा मिला रहा है तो कोई सिंथेटिक मावा और सिंथेटिक पनीर, प्लास्टिक के चावल, नकली सिंथेटिक केसर बाजार में बेच रहा है. जिससे हर वक्त इंसानी शरीर में हृदय संबन्धित रोग, कैंसर, अलसर, ब्रेन हैमरेज, आंखों की रोशनी चले जाना, बालों का झड़ना, समय से पहले बुढापा, लीवर खराब होना, कुष्ठ रोग जैसी बीमारियां पैदा हो रही हैं. लेड क्रोमेट, सॉफ्ट स्टोन पाउडर, टेलकम पाउडर, किटनाशक तक अपनी अंधी कमाई के लिए मिलाने से नहीं चूक रहा. मिठाइयां मीठा जहर बन चुकी हैं. यह लगातार मिलावटी खाद्य पदार्थों और असुरक्षित खानपान का...

नाले के गंदे पानी से बनाई बीयर, बाजार में आते ही 'आउट ऑफ स्टॉक'

स्टॉकहोम (स्वीडन). जरा सोचो जब आपको पता चले की जिस नाले के गंदे और बदबूदार पानी से आप कोसों दूर भागते हैं, उसी पानी से बनी हुई बीयर आपने गटकी है, तो आप पर क्या बीतेगी? आपको यह अपने जीवन का सबसे बड़ा अपराध लगने लगेगा, खुद को माफ नहीं कर पाओगे, खासकर उस दोस्त या दुकानदार को जिसने आपको ऐसी बीयर ऑफर की और बडे ही चाव से आपने उसको पिया. लेकिन घबराने की जरुरत नहीं है. असल जिंदगी में अब ऐसी ही बीयर बाजार में आ चुकी है. और इतनी पॉपुलर हुई है कि मार्केट में आते ही 'आउट ऑफ स्टॉक' भी हो गई. दरअसल इस बीयर को बनाने का मकसद दुनियाभर में पीने की पानी कमी को रोकने, जल संरक्षण को बढावा देने और उसके रिसाइकलिंग पर जोर देने के लिए यह तरीका खोजा गया. स्वीडन में नाले के गंदे पानी को रिसाइकल करके ऐसी ही बीयर तैयार की गई है. इस बीयर को दुनिया की मशहूर बीयर कंपनी कार्ल्सबर्ग, न्यू कार्नेगी ब्रुअरी और IVL...

भारत में भ्रष्टाचार बना सिस्टम का हिस्सा! राजस्थान सबसे भ्रष्ट, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के 10 बड़े खुलासे

नई दिल्ली (श्वेता शर्मा). राजस्थान देश का सबसे ज्यादा, जबकि केरल सबसे कम भ्रष्ट राज्य है. राजस्थान में आए दिन आम आदमी को भ्रष्टाचार से दो चार होना पड़ता है. यह हम नहीं भ्रष्टाचार के मामले में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया के करप्शन सर्वे में खुलासा हुआ है. यह एक गैर राजनीतिक, स्वतंत्र और गैर सरकारी भ्रष्टाचार रोधी संगठन है. सर्वे में देश के 248 जिलों के 1,90,000 लोगों से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को लेकर के सवाल पूछा गया था. इसमें 64% पुरुष और 36% महिलाएं शामिल हुईं. इस सर्वे में शामिल 51 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने पिछले 12 महीने में एक बार रिश्वत जरूर दी है. सर्वे रिपोर्ट को देखकर लगता है सरकारी कार्मिक सुनते वही हैं जिसमें उनकी अपनी भलाई हो, कहते वहीं है जिसमें उनकी अपनी कमाई हो. देश में सबसे बड़ी बीमारी भ्रष्टाचारी है. जिस थाली में खाना खाते हैं, भ्रष्टाचारी छेद उसी में करत...

भाजपा, आरएसएस और मोदी पर गहलोत ने किए कौनसे 10 बडे प्रहार? पूरी खबर पढें

जयपुर (राजस्थान). राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ ऐसी बातें कहीं जो विपक्ष का नागवार गुजरी तो विपक्ष को सचेत भी किया. राज्य विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे और अंतिम दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने भाषण में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने की सियासत में कोई कसर नहीं छोडी. विपक्ष में बैठी भाजपा ने भी गहलोत के भाषण पर चुटकी ली और कहा कि गहलोत ने 46 बार मोदी का नाम लिया और 26 बार कहा 'मोदी है तो मुमकिन है'. जिससे लगता है प्रदेश की कांग्रेस सरकार में मोदी का खौफ है और मोदी जी के बिना उनकी सियासत नहीं चल सकती. संविधान दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान महाराष्ट्र मामले पर भी बीजेपी की केन्द्र सरकार और महाराष्ट्र के राज्यपाल पर निशाना साधा. गहलोत ने मोदी है तो मुमकिन नारे को लेकर भी तंज कसे.   गहलोत की 10 बडी बातें ...

कौन हैं राजघराने के गौरवी कुमारी और महाआर्यमन सिंधिया जिनके विवाह के चल रहे चर्चे?

मध्यप्रदेश/राजस्थान. देश के दो बड़े राजपरिवारों में जल्द एक नया संबंध बनने के चर्चे मीडिया में हैं. जयपुर के कच्छवाहा (कुशवाहा) और मध्यप्रदेश के सिंधिया परिवारजनों के बीच मिलन की खबरें हैं. जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन सिंधिया और दीया कुमारी की बेटी गौरवी कुमारी के विवाह संबंध की बातें चल रही हैं. पूर्व महाराजा कर्ण सिंह को इस संबंध को कराने का सूत्रधार बताया जा रहा है. हालांकि यह पुष्ट खबर नहीं है लेकिन ऐसा होता है तो दो बडे सम्मानित सियासी और राजशाही परिवारों के मध्य एक नया रिश्ता कायम होगा. जानकार मानते हैं यदि यह रिश्ता होता है तो दोनों ही परिवारों के लिए इससे बड़ी खुशी और गर्व की बात हो नहीं सकती.   कौन हैं गौरवी कुमारी, 10 फैक्ट?    1- गौरवी जयपुर राजघराने की बेटी दीया कुमारी और नरेंद्र सिंह की बेटी हैं. वो न्यूयॉर्क में पढ़ाई कर रही हैं...

राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख की पत्नी शबनम ढिल्लों का निधन, शोक की लहर

ब्यास (पंजाब): राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लो की पत्नी शबनम ढिल्लों का लंदन में आज निधन हो गया. पेट की बीमारी से ग्रसित शबनम इलाज के लिए इंग्लैंड गई हुई थीं जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से ना केवल डेरा प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई, बल्कि दुनियाभर में राधा स्वामी सत्संग से जुड़ी संगत में शोक देखने को मिल रहा है. लंदन के बेडफ़ोर्ड अस्पताल में आखिरी सांस ली. उन्हे बचाने के हर संभव प्रयास भी चिकित्सकों की विशेष टीम द्वारा किए गए लेकिन सारे प्रयास असफल रहे. पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके कारण इलाज के लिए उन्हें वहां ले जाया गया था. भारत में भी शबनम का इलाज चल रहा था लेकिन तबीयत में सुधार ना होने पर लंदन ले जाया गया था.  जानकारी के मुताबिक 12 नवम्बर को इलाज के लिए शबनम को लंदन ले जाया गया था. 20 नवम्बर को उनकी एब्डोमिनल सर्जर...

शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी का याराना नया नहीं बहुत पुराना है! 10 फैक्ट से समझिए आखिर कैसे?

महाराष्ट्र (सुभद्र पापड़ीवाल). क्या शिवसेना,एनसीपी और कांग्रेस का मेल सिर्फ मौका परस्ती का गठबंधन है! यह सवाल आज सबके जहन में है. या इन दलों के बीच सच में कुछ दशकों पुरानी गहरी जड़ें भी हैं जो आज संकट की घडी में महाराष्ट्र की महाभारत में साथ नजर आ रहे हैं. सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या हिंदुत्व का विषय शिवसेना के जन्म और अंतरात्मा से जुड़ा है अथवा यह उनके लिए एक प्रोडक्ट की मार्केटिंग मात्र है. शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच पॉलिटिकल कैमैस्ट्री के दस रोचक तथ्य आपको बताएं उससे पहले जरा यह भी जान लें कि अपने उग्र हिंदुवादी तेवरों के लिए जानी जाने वाली शिव सेना को कांग्रेस के साथ गठबंधन में भी परहेज क्यों नहीं है. जब तक शरद पवार कांग्रेस में रहे तब भी बाला साहब ठाकरे को कांग्रेस से परहेज नहीं था, और कांग्रेस छोडकर एनसीपी बनाने के बाद भी परहेज नहीं रहा. ज्यादा पुराने इतिहास पर जाने...

राजस्थान निकाय चुनाव: 37 निकाय आए कांग्रेस के हाथ में, तो 12 पर खिला 'कमल', यहां पढ़ें, कहां किसने बाजी मारी

जयपुर (राजस्थान). राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की तस्वीर साफ हो चुकी है. खास बात यह रही कि देशभर में एक तरफ जहां संविधान दिवस मनाया जा रहा था और संविधान की रक्षा की शपथ ली जा रही थी ठीक उसी वक्त राजस्थान में निकाय चुनावों की साम, दाम, दण्ड, भेद की हर नीति का इस्तेमाल कर हर दल अपना-अपना निकाय प्रमुख बनाने में जुटे थे. जहां पार्षदों के चुनाव परिणाम में 20 ही जगह पर कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला था वहां कांग्रेस बावजूद इसके कांग्रेस 37 जगह अपने बोर्ड बनाने में सफल रही, वहीं भाजपा 6 जगह ही स्पष्ट बहुमत होने के बाद भी 12 निकायों में बोर्ड बना डाले. एक जगह निर्दलीय अध्यक्ष बना तो वो भी जीत के बाद कांग्रेस में शामिल हो गया.  गौरतलब है कि राजस्थान में गत 16 नवम्बर को 49 निकायों में स्थानीय सरकार के लिए चुनाव हुए थे. इस चुनाव की मतगणना गत 19 नवंबर को हुई थी और...

70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले के आरोपी अजित पवार को ACB से क्लीन चिट

'सियासत की अपनी अलग इक जुबां है, लिखा हो जो इक़रार, इनकार पढ़ना' महाराष्ट्र. कभी एक दूसरे के नम्बर वन राजनीतिक दुश्मन बने देवेन्द्र फडनवीस और एनसीपी के अजित पवार आज इतने करीबी हैं कि हर कोई दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर है. यही कारण है कि एनसीपी नेता अजित पवार बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर महाराष्ट्र के नए-नवेले उप मुख्यमंत्री बने तो 70 हजार करोड के सिंचाई घोटाले के आरोपी अजित पवार को ACB से क्लीन चिट भी मिल गई बताए. कांग्रेसी इसे बीजेपी के प्रति वफादारी और जनादेश के साथ धोखे की पहली किश्त बता रहे हैं. बड़ी बात यह है कि जो फडनवीस कहते थे कि 'अजित पवार को जेल में डालेंगे, अब उन्हीं पवार साहब को क्लीन चिट मिल गई.' पवार पर महाराष्ट्र में राजनेताओें, नौकरशाहों और कॉन्ट्रैक्टर्स की मिलीभगत से 1999 से 2009 के बीच कथित तौर पर 70 हजार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले...