जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में सचिन पायलट के फिर से सत्ता के साथ आने अपने मन की बात रखते हुए कहा कि हमारे साथियों ने बीजेपी की जो दुर्गति की है वो हमेशा याद रखेंगे. और कांग्रेस पार्टी पांच साल तक शासन करेगी, अगला चुनाव कांग्रेस जीतेगी. भाजपा ने ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई का जिस बेशर्माई से इस्तेमाल किया वो जनता के सामने है.
जैसलमेर जाने से पहले जयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान हालांकि सीएम ने सचिन पायलट से जुड़े सवालों को टाला, सीधा उन पर कुछ नहीं बोले लेकिन कहा कि जो फैसले कांग्रेस पार्टी आलाकमान ने किए हैं उसके बाद अब आगे की रणनीतियां बनेगी, उसी के अनुरुप काम होगा. मेरी कोशिश होगी कि जो विधायक गए वो किन परिस्थितियों में गए, मुझसे क्या नाराजगी थी सबकों सुनकर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास करूंगा. यह मुख्यमंत्री के नाते मेरी जिम्मेदारी भी है.
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जयपुर. राजस्थान की सियासत में उस वक्त एक बडा घटनाक्रम हुआ जब सोमवार को पायलट कैम्प के विधायक भंवरलाल शर्मा अचानक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने उनके आवास पर पहुंचे और गहलोत से मुलाकात के बाद कहा कि मेरी नाराजगी दूर हो गई है, गहलोत सरकार पूरे पांच साल चलेगी.
बता दें यह वही विधायक हैं जिनका विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में ऑडियो वायरल हुआ था जिसके बाद एसओजी और एसीबी को उनकी तलाश थी.
एसओजी ने उनकी ऑडियो सैम्पल लेने के लिए कई दिनों तक पायलट की बाडेबंदी वाले होटल के बाहर कैम्प किया था.
भंवलाल ने कही यह बड़ी बातें:
1- मेरे से लिखा लिजिए सरकार सुरक्षित है.
2- मैं कांग्रेस के साथ हूं और राजस्थान में कांग्रेस के मुखिया अशोक गहलोत हैं.
3- ऑडियो झूठा था तभी एसओजी ने केस वापस लिया, वरना केस वापस लेते क्या.
4- अशोक गहलोत जी से मेरी जो नाराजगी थी वो दूर हो गई है और उनके...
जयपुर. अशोक गहलोत ही राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. सचिन पायलट कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे. राहुल गांधी से सचिन पायलट की एक गुप्त मुलाकात के बाद दो दिग्गज नेताओं में 'राजनीतिक संघर्ष विराम' के आसार बढ गए हैं. और यदि सबकुछ ठीक रहा, पायलट ने आलाकमान के समक्ष अपनी जो शर्तें रखी हैं उन शर्तों पर बीच का रास्ता निकला तो 14 अगस्त से शुरू होने जा रहे राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले 100 फीसदी गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार सेफ जोन में होगी. ऐसी ही कुछ बातें सोमवार को कांग्रेस के गलियारों से निकल कर सामने आईं.
बताया जा रहा है कि यदि यह सच हुआ तो इसके साथ ही अब किसी तीसरे चेहरे को सीएम बनाने की बातों पर भी विराम लग जाएगा. गहलोत-पायलट में पैदा हुए विग्रह के मामले पर कई स्तर की बातचीत के बाद राहुल से यह मुलाकात हुई. और कांग्रेस आलाकमा...
जयपुर. राजस्थान की सियासत में उठापटक के बीच नित नई राजनीतिक थ्योरी सामने आ रही है. इनमें कुछ अफवाहें हैं तो कुछ इतनी मजबूत कि किसी सच से कम नहीं लग रही. कोर्ट, कचहरी, पुलिस, खरीद फरोख्त, आरोप प्रत्यारोप, बाड़ेबंदी, बगावत के बीच राजस्थान सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस में हर रोज एक नया फॉर्मूला सामने आ रहा है. इस बार इसी फॉर्मूले से एक नाम सामने आया है, और वो नाम है अलवर क्षेत्र के कद्दावर युवा कांग्रेस नेता भंवर जितेन्द्र सिंह का.
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बताया जा रहा है कि आलाकमान इस बात पर मंथन में जुटा है कि अगर पायलट के साथ बगावत पर उतरे नेताओं को संतुष्ट रखना है, सरकार बचानी है और गहलोत खेमे के भी स्वाभिमान की रक्षा हो सके तो कोई बीच का रास्ता निकाला जाए. वैसे नम्बर गेम में अभी तक अशोक गहलोत अनिश्चितता के भंवर ...
जयपुर. राजस्थान में राजनीतिक आपदा के बीच राहत और बचाव कार्य में जुटे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के सभी विधायकों को एक खुला पत्र लिखा है. पत्र लिखकर जहां सरकार बचाने के लिए समर्थन की मांग की है वहीं 3 पेज इस पत्र में सरकार अस्थिर करने के मंसूबे कामयाब न होने देने की भी अपील की है. वर्तमान में सियासी हालात और कोरोना संकट के बारे में पत्र में लिखा गया है.
पत्र की 10 बड़ी बातें:
1- मेरी आप सभी से अपील है कि लोकतंत्र को बचाने, हम में जनता का विश्वास बरकरार रखने एवं गलत परंपराओं से बचने के लिए आपको जनता की आवाज सुननी चाहिए.
2- आप चाहें किसी भी राजनीतिक पार्टी के विधायक हों, आप अपने अन्य साथियों, परिवारजनों और अपने क्षेत्र के मतदाताओं की भावनाओं को समझकर यह सुनिश्चित करने का फैसला करें कि किस प्रकार राजस्थान के हितों के लिए जनता द्वारा चुनी हुई बहुमत प्राप्त सरकार मज़ब...
नई दिल्ली(राकेश दाधीच). भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ी महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए 101 से ज्यादा रक्षा उपकरणों की खरीद पर रोक लगा दी. साथ ही ऐलान किया कि अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इनका निर्माण देश में ही किया जाएगा. यानी रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कमर कस ली है.
इन 101 वस्तुओं में सिर्फ सामान्य उपकरण या वस्तुएं ही शामिल नहीं हैं बल्कि उच्च तकनीक वाले हथियार सिस्टम भी शामिल हैं, जैसे आर्टिलरी गन, असॉल्ट राइफल्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एलसीएच रडार आदि आइटम. यह वो उपकरण हैं जो हमारी रक्षा सेवाओं की जरूरतों को पूरा करने में अहम योगदान देते हैं.
भारत सरकार के इस निर्णय से भारतीय रक्षा उद्योग को खुद के डिजाइन और विकास क्षमताओं का उपयोग करके या फिर डीआरडीओ द्वारा विकसित तकनीकों को अपनाकर सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने...
मुंबई. देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान, कितना बदल गया इंसान... एक गाने के यह बोल आज सच होते दिखाई देते हैं. खासकर उस वक्त जब एक मां, जिसने हर कष्ट सहकर अपने बेटे को 9 महीने कोख में रखा, उसे जन्म दिया और उसे अपनी अंगुलियों से हाथ पकड़कर चलना सिखाया. उसी कलयुगी बेटे ने मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना को अंजाम दिया. और जब मां कोरोना पॉजिटिव निकली तो उसकी सेवा करने के बजाए, उसका इलाज कराने के बजाए, उसकी देखरेख करने के बजाए, उसके लिए अपना जीवन समर्पित करने के बजाए, उसे घर से दूर जंगल में फेंक आया.
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मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह घटना औरंगाबाद की है. यहां एक बेशर्म, नालायक बेटे ने अपनी 90 साल की बूढ़ी मां को जंगल में फेंक दिया और वहां से...
जयपुर. राजस्थान की सियासत का रोमांच किस दिशा में आगे बढ रहा है यह तो राम ही जाने. पर जो सियासी संग्राम में दाव पेच इस्तेमाल किए जा रहे हैं वैसे राजस्थान की राजनीति में शायद ही कभी देखने को मिले हों. गेम कुछ ऐसा सेट हो रहा है कि हर विधायक मंत्री बनने का सपना देख रहा है और हर बड़ा नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना. एक-एक विधायक को इस पूरे सियासी माहौल में खुद की इम्पोर्टेंस ऐसे नजर आ रही है कि जैसे वो खफा हो गया तो या तो सरकार नहीं बचने देगा या किसी और पार्टी की सरकार नहीं बनने देगा. लोकतंत्र में संख्या का खेले ऐसे हावी है कि हर विधायक इस वक्त अपने आप में खुदा है, खुदा से कम खुद को नहीं आंक रहा.
इसी कड़ी में अब नया खेले बीजेपी ने खेला है. जिस बीजेपी पर अब तक गहलोत सरकार कांग्रेस के विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा रही थी वहीं बीजेपी अब खुद के विधायकों की खरीद फरोख्त से आशंकित है. माना जा र...
मास्को/नई दिल्ली. देश और दुनिया के लिए राहत की बड़ी खबर है. विश्वभर में कोरोना के कोहराम से मचे हाहाकार पर जल्द ही शिकंजा कसने वाला है. कोरोना को मात देने वो जादुई दवा अब तैयार हो चुकी है जिसका इंतजार दुनियाभर को था. मौत की चित्कारों और हाहाकार के बीच लोगों की प्रार्थना का ही असर है कि अब कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर दुनिया का इंतजार खत्म होता दिख रहा है.
रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने दावा किया है कि 'रूस की वैक्सीन ट्रायल में सफल रही है. रूस रक्षा मंत्रालय और गमलेया नैशनल सेंटर फॉर रिसर्च द्वारा तैयार वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल में 100 फीसदी सफल परिणाम मिले हैं. अब अक्टूबर में रूस में बडे पैमाने पर लोगों के टीकाकरण काम काम शुरू होगा. वैक्सीन को लगाने में आने वाला पूरा खर्च रूस की सरकार उठाएगी.'
इतना ही नहीं...
जयपुर. राजस्थान की सियासत में हर रोज कुछ ना कुछ नया देखने को मिल रहा है. बड़ी बात यह है कि सियासी उठापटक के बीच कभी पायलट के खेमा कमजोर दिखता है तो कभी अशोक गहलोत खेमा. दोनों ही टीमों के अलावा बीजेपी इस त्रिकोणीय मुकाबले में पूरे राजनीतिक मैच को रोमांचक बनाए है.
इस बीच गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) विधायकों के केस को सिंगल बेंच के पास वापस भेज दिया. सिंगल बेंच में BSP की याचिका पर सुनवाई की जा रही थी, जिसमें मांग की गई थी कि BSP विधायकों के विलय पर स्थगन आदेश दिया जाए, क्योंकि यह अवैध था. अब सिंगल बेंच ही 11 अगस्त को तय करेगी कि BSP विधायकों के कांग्रेस में विलय पर स्थगनादेश दिया जाए या नहीं. BSP की याचिका के इस फैसले पर बहुत कुछ निर्भर करेगा कि किसका पलड़ा भारी होता है, गहलोत या पायलट खेमे का.
सुशांत सिंह राजपूत क...