India

राजस्थान में एम्बुलेंस सेवा ठप, अपनी मांगों को लेकर कार्मिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

जयपुर। पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने मंगलवार शाम 8:00 बजे से पूरे राजस्थान में एंबुलेंस सेवाओं का संचालन बंद कर दिया। प्रदेशभर में 108 और 104 एम्बुलेंस का संचालन बंद होने के साथ ही राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश भर में वैकल्पिक व्यवस्थाओं को मजबूत कर दिया है। ताकि किसी भी तरह से मरीजों को परेशानी ना हो। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि 'एंबुलेंस कर्मचारी काफी समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार से झूठे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। हमने चेतावनी दी थी कि 22 फरवरी तक कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 23 फरवरी को पूरे प्रदेश में एंबुलेंस सेवा बंद कर दी जाएगी। इसके लिए मिशन निदेशक को चेतावनी पत्र भी दिया गया था।' कर्मचारियों की मांग है कि 20 फीसदी बढ़ा हुआ वेतन का एरियर दिलवा...

राजस्थान का बजट, CM गहलोत ने बजट पर लगाई फाइनल मुहर

जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त वर्ष 2021-22 के राज्य बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है। बड़ी बात यह है कि कोरोना संकटकाल में इस बार बजट को लेकर काफी राहत की उम्मीदें हैं। आमजन, व्यापारियों और किसानों को खासकर इस बजट से बड़ी आस है। 24 फरवरी की सुबह 11 बजे यह बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर बजट को अंतिम रूप दिया। यह भी पढ़ें: राजस्थान सरकार का बजट 2021-22 तैयार, जानिए बजट निर्माण में अहम रोल निभाने वाले 10 सुपर ऑफिसर्स कौन रहे? इस मौके पर उनके साथ ही वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ इस बजट के निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले टॉप फाइव ऑफिसर मौजूद रहे। वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा, वित्त सचिव (राजस्व) टी. रविकांत, वित्त सचिव (बजट) पृथ्वीराज सिंह, विशिष्ठ सचिव (व्यय) सुधीर कुमार शर्मा, ...

राजस्थान सरकार का बजट 2021-22 तैयार, जानिए बजट निर्माण में अहम रोल निभाने वाले 10 सुपर ऑफिसर्स कौन रहे?

जयपुर (आलोक शर्मा) . राजस्थान सरकार बजट पेश करने जा रही है. इस बजट को तैयार कर लिया गया है, और मूर्त रूप जनता के सामने कुछ ही घंटों बाद 24 फरवरी की सुबह 11 बजे आने वाला है. राजस्थान के मुख्यमंत्री जो कि इस सरकार के वित्त मंत्री भी हैं उन्होने इस बजट को जनता के लिए, गरीबों के लिए, किसानों के लिए, उद्योग और व्यापार जगत के लिए एक फ्रेंडली बजट बनाने का भरसर प्रयास किया है. पर इस बजट को मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक मूर्त रूप देने में कौन से वो ब्यूरोक्रेसी के सुपर ऑफिसर्स रहे जिन्होंने दिन रात एक कर दिया, और पिछले कई माह की मेहनत के बाद इस बजट को तैयार किया. यह हम सबके लिए जानना काफी अहम हो जाता है. 1. निरंजन आर्य, CS, राजस्थान सरकार  राजस्थान सरकार की ब्यूरोक्रेसी के मुखिया होने के नाते प्रदेशभर के ऑफिसर्स से नए बजट को लेकर फीडबैक, डाटाबेस और प्रस्ताव इन्ही के निर्...

3 हजार 394 करोड़ का जीएसटी फर्जीवाड़ा पकड़ा, जयपुर में सात गिरफ्तार

जयपुर. सीजीएसटी की जयपुर ब्रांच ने 3394 करोड़ रुपए के फर्जी इनवॉयस जारी कर टैक्स की चपत लगाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपियो ने 3394 करोड़ रुपए से अधिक के फर्जी इनवायस जारी कर केंद्र और राज्य सरकार को जीएसटी की चपत लगाई. कुल 85 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी सामने आई है. आरोपियों को विशेष आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया है.आरोपियों ने 220 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जी दस्तावेज के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उठाने की जानकारी है. मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें एक आरोपी अलवर का तो बाकी के छह आरोपी जयपुर के हैं. सीजीएसटी की जयपुर में तैनात एंटी इवेजन टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि फर्जी बिलों के माध्यम से करीब 3394 करोड़ की हेराफेरी की गई. फिलहाल कार्रवाई जारी है. अधिकारी इस पूरे फर...

सांसद मोहन डेलकर ने की आत्महत्या, गुजराती में लिखा सुसाइड नोट छोड़ा

मुंबई. सांसद मोहन डेलकर ने आत्महत्या कर ली है. उन्होंने मुंबई के एक होटल में आत्महत्या की, पुलिस को उनका गुजराती भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. दादर और नागर हवेली के सांसद मोहन डेलकर ने होटल सी ग्रीन मरीन में आत्महत्या की. बता दें कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक ट्रेड यूनियन के नेता के तौर पर थी. वे कांग्रेस और बीजेपी के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ चुके थे और उसके बाद उन्होंने भारतीय नवशक्ति पार्टी का गठन भी किया था.  Read full story: पायलट के बाद अब वसुंधरा खेमा भी शक्ति प्रदर्शन की राह पर, दोनों ही अनदेखी से खफा उनकी क्षेत्र में काफी अच्छी पकड़ थी यही कारण रहा कि वो तीन बार लोकसभा का चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. साल 2019 में उन्होंने खुद को कांग्रेस से अलग कर बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लोकसभा चुनाव जीता था.  Read full story: पुड्डुचेरी में अनै...

पायलट के बाद अब वसुंधरा खेमा भी शक्ति प्रदर्शन की राह पर, दोनों ही अनदेखी से खफा  

जयपुर. राजस्थान में दो दिग्गज नेताओं के शक्ति प्रदर्शन प्रदेश की सियासत में इस वक्त चर्चा का विषय हैं. अब तक अपनी अनदेखी से खफा पायलट खेमा लगातार किसान आंदोलन के समर्थन में अपनी भारी भीड़ वाली सभाएं करके लगातार शक्ति प्रदर्शन कर रहा था वहीं अब 8 मार्च को भरतपुर में मनाए जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के जन्मदिन के बहाने उनके खेमे के विधायक भी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में हैं. बड़ी बात यह है कि एक ओर जहां पायलट गुट उनके नेताजी की अनदेखी से खफा और निराश है वहीं दूसरी ओर वसुंधरा राजे गुट की भी यही पीड़ा है कि बीजेपी प्रदेश संगठन और आला स्तर पर उन्हे जो तवज्जो मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही है. ना ही राजे को अगला सीएम पद के चेहरे के तौर पर प्रमोट किया जा रहा. यही कारण रहा कि गहलोत सरकार के पर आए संकट के वक्त भी वसुंधरा राजे खेमे ने सियासी उठापटक का व...

पुड्डुचेरी में अनैतिक तरीके से कांग्रेस सरकार गिराकर बीजेपी ने दिखाया सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं: अशोक गहलोत

जयपुर. पुड्डुचेरी में कांग्रेस और डीएमके की सरकार गिर गई है. कांग्रेस के लिए एक और बड़ा पाॅलिटिकल सेट बैक इसे कहा जा सकता है. इस बीच लगातार सरकार गिरने और बचाने की साजिशों से जूझ रहे खुद राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का इस मामले में बयान सामने आया है.  अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि 'पुड्डुचेरी में अनैतिक तरीके से कांग्रेस सरकार गिराकर बीजेपी ने दिखाया है कि वे सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. पहले वहां उपराज्यपाल के माध्यम से शासन चलाने में परेशानियां पैदा कीं और अब धनबल से सरकार गिरा दी. पहले कर्नाटक, फिर मध्य प्रदेश और अब पुड्डुचेरी में विधायकों को प्रलोभन देकर इस्तीफा दिलवाना भाजपा का गलत तरीके से सत्ता हथियाने का नया तरीका है.' यह भी पढें: पुड्डुचेरी में कांग्रेस और डीएमके की सरकार गिरी, कांग्रेस के लिए एक और बड़ा पाॅलिटिकल सेट बैक गहलोत नेे यह भी आरोप लगाय...

पुदुच्चेरी में कांग्रेस और डीएमके की सरकार गिरी, कांग्रेस के लिए एक और बड़ा पाॅलिटिकल सेट बैक  

पुदुच्चेरी. कांग्रेस के हाथ से एक और राज्य की सत्ता निकल गई है. जो कांग्रेस के लिए किसी बड़े राजनीतिक सदमे से कम नहीं है.  पुदुच्चेरी में कांग्रेस और डीएमके की सरकार गिर गई है. विश्वास मत परीक्षण पर वोटिंग से पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने सदन से वाकआउट कर दिया, जिससे साफ हो गया था कि वो विश्वास मत खो चुके हैं. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एलान किया कि सरकार ने अपना बहुमत खो दिया है. बता दें कि कांग्रेस के पांच विधायकों और सहयोगी डीएमके के एक विधायक के इस्तीफा देने के बाद नारायणसामी सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम हुआ.  यह भी पढें: पुड्डुचेरी में अनैतिक तरीके से कांग्रेस सरकार गिराकर बीजेपी ने दिखाया सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं: अशोक गहलोत पुडुचेरी के सीएम वी. नारायणसामी ने कहा 'पूर्व एलजी किरण बेदी और केंद्र सर...

कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेस की रैली में मंच पर...'लैला में लैला..' गाने पर जमकर लगे ठुमके

झारखंड। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ एक ओर जहां पूरे देशभर में किसान आंदोलन कर रहे हैं। विपक्षी दल सड़कों पर हैं वहीं दूसरी ओर झारखंड में एक नया ही नजारा देखने को मिला। जहां पर किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस द्वारा एक जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। लेकिन कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंच पर 'लैला मैं लैला... ऐसी मैं लैला...' गाने पर जमकर ठुमके लगे। इतना ही नहीं मंच पर बैठे नेताओं से लेकर भीड़ में बैठे कार्यकर्ता तक डांस का लुत्फ उठाते नजर आए। कई कार्यकर्ता तो अपने आप को रोक नहीं पाए और किसान आंदोलन के गंभीर मुद्दे को छोड़कर 'लैला में लैला...' गाने पर जमकर डांस किया। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में किसान आंदोलन के समर्थन में इस जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली में कांग्रेस के मंच पर लड़कियों द्वारा लैला.. गाने के धुन पर किए गए डांस से बीजे...

करीना-सैफ के घर फिर गूंजी किलकारियां, पटौदी खानदान में तैमूर के बाद करीना ने दिया फिर बेटे को जन्म

मुम्बई। फिल्मी दुनिया की मशहूर अभिनेत्री बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान (Kareena kapoor khan) के घर पर फिर से किलकारियां गूंजी हैं। करीना ने तैमूर (Taimur) के बाद फिर बेटे को जन्म दिया है। बेटा और माँ दोनों स्वस्थ बताए गए हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान करीना कपूर खान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहीं। और उन्होंने अपनी फिटनेस से जुड़ी कई तस्वीरें भी फैंस के साथ साझा की थीं और अपना भी पूरा ख्याल रखा था। वो योगासन करती थीं तो अपने काम पर भी पूरा ध्यान रखती थीं। गौरतलब है कि सैफ अली खान (Saif ali khan) और करीना एक बेटे तैमूर अली खान के पैरेंट्स हैं। करीना ने 2016 में तैमूर को जन्म दिया था। ...