India

क्यों माना जा रहा है कि कुछ भी हो इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन ही है ब्लैक फंगस का बड़ा कारण. क्या सच में बड़े स्तर पर हुई लापरवाही?

दिल्ली(सचिन शर्मा)। कहीं इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन तो नहीं ब्लैक फंगस का कारण? या मनचाहे तरीके से किसी भी सिलेंडर में ऑक्सीजन भरकर उसे मरीज तक पहुंचाना रहा ब्लैक फंगस का एक बड़ा कारण? यह इस वक्त देश में सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि आखिर जहां पहली कोरोना लहर में ब्लैक फंगस के कोई मामले सामने नहीं आए थे, वहीं अचानक दूसरे वेव में इसने महामारी का रूप कैसे ले लिया?   जानकार इसलिए भी इसके पीछे एक तर्क देते हैं कि पहली लहर में चूंकि ऑक्सीजन की कमी नहीं थी और इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन का इस्तेमाल नहीं किया गया था इस लिहाज से ब्लैक फंगस के मामले भी सामने नहीं आए और दूसरी लहर में किल्लत के बीच इसका जमकर इस्तेमाल हुआ। जिससे मामले सामने आए। देश में यह सवाल प्रमुखता से उठाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के बाद एक नई महामारी ब्लैक फंगस जिसे म्यूकोरमायकोसिस भी कहा जाता है के अचानक फैलने की वजह आखिर क्या है...

संक्रमण के दैनिक नए मामले 40 दिनों के बाद 2 लाख से कम, दैनिक पॉजिटिविटी रेट गिरकर 9.54%

दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी जंग के अब धीरे-धीरे सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 संक्रमण के दैनिक नये मामले 1.96 लाख पहुंच गए है, यह 40 दिनों के बाद दो लाख से कम है। इससे पहले 14 अप्रैल 2021 को 1,84,372 मामले दर्ज किए गए थे। भारत में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 25,86,782 हो गई है। वहीं दैनिक पॉजिटिविटी रेट गिरकर 9.54 प्रतिशत पहुंच गई है। 10 मई 2021 को अपने आखिरी चरम पर पहुंचने के बाद से सक्रिय मामलों की संख्या में कमी आयी है। पिछले 24 घंटे में सक्रिय मामलों की संख्या में 1,33,934 की कमी आयी है। यह देश के कुल कोविड पॉजिटिव मामलों का 9.60 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक टीके की करीब 20 करोड़ खुराक दी गयी है। टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण के तहत पिछले 24 घंटे में 18-44 वर्ष के आयु वर्ग समूह को ...

22 दिनों में आधे से भी कम रह गए कोरोना के प्रतिदिन मिलने वाले मामले, टेस्ट भी बढ़े

दिल्ली। भारत में प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना वायरस के मामले 22 दिनों में आधे से भी कम रह गए हैं। इससे पहले जहां 22 से 25 दिनों पहले कोरोना संक्रमण के नए मामले प्रतिदिन 4 लाख से 4 लाख 12 हजार तक पहुंच गए थे। वहीं अब लंबे समय बाद यह मामले घटकर आधे से भी कम रह गए हैं। ऐसा भी नहीं कि पिछले 24 घंटों में टेस्ट कम किए गए हो। यदि पिछले 24 घंटों में हुए टेस्ट पर नजर डाले तो ICMR के मुताबिक 20,58,112 सैंपल टेस्ट किए गए। अब कल तक कुल 33,25,94,176 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। भारत में COVID19 के पिछले 24 घंटों में 1,96,427 नए मामले सामने आने के बाद अब कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 2,69,48,874 हो गई है। । 3,511 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 3,07,231 हो गई है। यानी पिछले 24 घंटों में नए मामले तो कम मिले ही मौतों का आंकड़ा भी पहले से कम रहा। 3,26,850 नए डिस्चार्ज के बाद कुल डिस्चार्ज की संख्...

वनस्थली विद्यापीठ के कुलपति आदित्य शास्त्री का कोरोना से निधन

जयपुर। वनस्थली विद्यापीठ के कुलपति आदित्य शास्त्री का कोरोना से निधन हो गया है। पिछले कुछ दिनों से जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे, उनका इलाज चल रहा था। संक्रमण के बाद 5 मई से अस्पताल में भर्ती थे। आदित्य शास्त्री के निधन पर शिक्षा जगत की कई हस्तियों ने संवेदना जताई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।...

ऐसा कोई भी प्रमाण नहीं जिससे कहा जा सके कि तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक साबित होगी: AIIMS

दिल्ली। कोरोना की तीसरी लहर को एक ओर जहां बच्चों के लिए काफी खतरनाक बताया जा रहा है और लगातार आ रही खबरों के बाद में अभिभावकों की चिंता है काफी बढ़ गई थी। उस बीच में एक  राहत देने वाला बयान आया है। एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि पहली और दूसरी लहर के आंकड़ों को देखते हुए ऐसा कोई संकेत नहीं है कि COVID19 की तीसरी लहर बच्चों को गंभीर रूप से संक्रमित करेगी। तीसरी लहर के दौरान बच्चों पर जोखिम से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसा देखा गया है कि बच्चे बहुत प्रोटेक्टिव होते हैं और उनमें इन्फेक्शन की गंभीरता कम रहती है, ऐसा अक्सर देखा भी गया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी प्रमाण नहीं है जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक साबित होगी। उधर इटली के डॉक्टर टोटा लुइगी का भी तर्क है कि '...

18-44 आयुवर्ग के लिए अब टीकाकरण स्थल पर भी पंजीकरण की सुविधा दी गई

दिल्ली। कोविन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर 18-44 आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण के लिए अब ऑनलाइन समय निर्धारण के अतिरिक्त टीकाकरण स्थल पर ही पंजीकरण/समूह पंजीकरण की सुविधा भी दी गई है। वर्तमान में यह सुविधा केवल सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) पर ही उपलब्ध होगी। केंद्र सरकार ने यह टीकाकारण सुविधा देश की जनसंख्या के सबसे संवेदनशील जनसंख्या समूहों को कोविड-19 संक्रमण से बचाने के लिहाज से दी है। 01 मार्च 2021 को राष्ट्रीय टीकाकारण अभियान के द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ ही कोविन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर केवल 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों के ऑनलाइन पंजीकरण एवं टीकाकरण की तिथि और समय के निर्धारण की सुविधा दी गई थी। बाद में इन प्राथमिकता समूहों के लिए टीकाकरण स्थल पर ही पंजीकरण और समय निर्धारण समूह पंजीकरण सुविधा को भी जोड़ा गया था। इसके बाद 01 मई 2021 से उदारीकृत मूल्य निर्धारण एवं त्वरित राष्ट...

लगातार कम हो रहे कोरोना संक्रमण के नए मामले लेकिन लगातार बढ़ती मौतें बढ़ा रही चिंता

दिल्ली। भारत में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 3लाख के पार पहुंच गया है। भारत में COVID19 के 2,22,315 नए मामले सामने आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 2,67,52,447 हो गई है। 4,454 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 3,03,720 हो गई है। 3,02,544 नए डिस्चार्ज के बाद कुल डिस्चार्ज की संख्या 2,37,28,011 पहुंच गई है। अब देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 27,20,716 है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 9,42,722 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 19,60,51,962 पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के 40 फीसदी से ज्यादा कोरोना मामले हर दिन भारत में दर्ज किए जा रहे हैं. वहीं दुनिया में हर दूसरी- तीसरी मौत भारत में हो रही है....

केंद्र ने अभी तक राज्यों को टीकों की 21.80 करोड़ से अधिक खुराकें निःशुल्क उपलब्ध करवाई

दिल्ली। भारत सरकार ने अभी तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना के खिलाफ जंग में टीकों की 21.80 करोड़ से अधिक खुराकें निशुल्क उपलब्ध करवाई हैं। वहीं जनता को टीका लगाए जाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी भी 1.90 करोड़ डोज मौजूद है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के एक अंग के रूप में भारत सरकार सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड टीके निशुल्क उपलब्ध करवाकर उनकी सहायता कर रही है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को इन टीकों की सीधी खरीद में भी सहायता कर रही है। टीकाकरण इस महामारी के नियंत्रण एवं प्रबन्धन भारत सरकार की उस रणनीति का एक अभिन्न स्तम्भ है जिसमें परीक्षण, पता लगाना, उपचार एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार शामिल हैं। 1 मई 2021 से कोविड-19 टीकाकरण की उदारीकृत एवं त्वरित चरण 3 रणनीति का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। इस रणनीति के अंतर्गत हर...

राजस्थान में 8 जून तक लॉकडाउन बढाया गया, जानें कहां रहेगी छूट और कहां बढ़ाई सख्ती

जयपुर। राजस्थान में लॉकडाउन को 8 जून तक बढ़ा दिया गया है। अब मास्क नहीं लगाने पर 500 के बजाय ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा। त्रिस्तरीय जन अनुशासन लॉकडाउन इसको नाम दिया गया है।  बता दें कि राजस्थान में शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण एवं सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए जन अनुशासन को व्यापक रूप देने पर बल दिया गया था। पॉजिटिव केस की संख्या में कुछ कमी होने के बावजूद अभी संक्रमण दर 15 प्रतिशत से अधिक होने तथा मृत्यु दर भी अधिक होने के कारण लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों को जारी रखने पर सहमति बनी थी। मंत्रिपरिषद ने संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रदेश में जन अनुशासन लॉकडाउन को 24 मई से 15 दिन और आगे बढ़ाने का सुझाव दिया था।  ...

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