India

जल संसाधन विभाग को मिला ईटी गवर्नमेंट डिजिटेक अवार्ड 2023

जयपुर। राज्य के जल संसाधन विभाग को डिजिटल पहल की श्रेणी में ईटी गवर्नमेंट डिजिटेक अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया है। राजस्थान को जल के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के उत्कृष्ट उपयोग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यह पुरस्कार मिला है। गोवा में आयोजित अवार्ड समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन एवं आईजीएनपी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। बिहार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने विभाग एवं राज्य में सूचना एवं प्रोद्योगिकी में हो रहे नवाचारों के बारे में बताया। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा संचालित जल सूचना विज्ञान केंद्र को ‘जलवायु/आपदा प्रतिरोधी राज्य/शहर बनाने में डिजिटल पहल‘ की श्रेणी में यह पुरस्कार मिला है। यह अवार्ड राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ई-ग...

डॉ. एस.एस. अग्रवाल बने एम्स जोधपुर के प्रेसीडेंट

जयपुर। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ एण्ड फैमिली वैलफेयर ने आदेश जारी कर डॉ एस एस अग्रवाल को ऑल इंडिया इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्स, एम्स जोधपुर का प्रेसीडेंट नियुक्त किया है। डॉ. एस.एस. अग्रवाल इससे पहले एम्स जोधपुर की इस्टीट्यूशनल बॉडी में सदस्य के रूप में शामिल रहे हैं। डॉ. अग्रवाल चिकित्सकों की शीर्ष संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। डॉ अग्रवाल राजस्थान से एकमात्र चिकित्सक हैं जो आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। डॉ. एस. एस. अग्रवाल मेडिकल काउन्सिल ऑफ इण्डिया, एनएबीएच वोर्ड, नेशनल काउन्सिल ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ, भारत सरकार में भी सदस्य रह चुके हैं। वर्तमान में कैलगिरी आई हॉस्पिटल के ट्रस्टी, धन्वन्तरी सेवा समिति एवं अन्य चिकित्सा संस्थानों में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोज...

एटीसीओ पदों पर बहाली में कोई बैकलॉग नहीं

नई दिल्ली। वर्तमान में हवाई यातायात नियंत्रकों (एटीसीओ) के 870 पद रिक्त हैं। एटीसीओ पदों की बहाली में कोई बैकलॉग नहीं है। एटीसीओ पदों पर आवश्यक कर्मचारियों की जरूरत पूरी करने के लिए 2022 के बाद से 796 अतिरिक्त एटीसीओ पदों का सृजन किया गया है। एटीसीओ के रिक्त पदों को सीधी भर्ती परीक्षा के साथ-साथ आंतरिक रूप से विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरा जाता है। कनिष्ठ कार्यकारी (एटीसी) के 400 पदों को भरने के लिए सीधी भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित उम्मीदवार वर्तमान में तीन प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा एएआई ने कनिष्ठ कार्यकारी (एटीसी) के अन्य 356 पदों के लिए सीधी भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।...

देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने चिकित्सा और कल्याण पर्यटन के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप तैयार किया

नई दिल्ली। देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने चिकित्सा और कल्याण पर्यटन के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप तैयार किया है। रणनीति ने निम्नलिखित प्रमुख स्तंभों की पहचान की है: भारत के लिए एक कल्याण गंतव्य के रूप में एक ब्रांड विकसित करना चिकित्सा और कल्याण पर्यटन के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना ऑनलाइन मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) पोर्टल स्थापित करके डिजिटलीकरण को सक्षम करना चिकित्सा मूल्य यात्रा के लिए पहुंच में वृद्धि कल्याण पर्यटन को बढ़ावा देना शासन और संस्थागत ढांचा हालाँकि, अपनी वर्तमान में चल रही गतिविधियों के हिस्से के रूप में, पर्यटन मंत्रालय, देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए, 'अतुल्य भारत' ब्रांड-लाइन के अंतर्गत, विदेशों में महत्वपूर्ण और संभावित बाजारों में वैश्विक प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिय...

राजस्थान में नवगठित जिलों के सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया, जानें कोनसे सम्भाग में कौनसा जिला आएगा

नई दिल्ली। दिनांक 04.08.2023 को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित मंत्रिमण्डलीय बैठक में नवगठित जिलों के सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन नवीन जिलों से राज्य के विकास को एक नई गति मिलेगी तथा आमजन की सुगमता बढेगी। • नवीन जिलों के गठन से विकास संबंधी योजनाओं की क्रियान्विति तथा मोनिटरिंग और अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी, जिससे आमजन को सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं का लाभ शीघ्र मिल सकेगा। प्रदेश के पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकार की पहुंच और अधिक सुगम होगी, जिससे इनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण हो सकेगा। राजस्व एवं दीवानी न्यायालयों की दूरियां घटने से इनमें लम्बित मामलों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा तथा कानून व्यवस्था पर अधिक प्रभावी नियंत्रण हो पायेगा। • अतः आमजन का जिला प्रशासन एवं सरकार से संवाद बढेगा, जिससे जन अभाव अभियोगों का निराकरण औ...

देश में 86 हवाई अड्डे हरित ऊर्जा का कर रहे हैं उपयोग

• 55 हवाई अड्डों की कुल ऊर्जा खपत में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 100 प्रतिशत है • दुनिया भर के हवाई अड्डे नवीकरणीय/हरित ऊर्जा के उपयोग पर लगातार ध्यान दे रहे हैं नई दिल्ली। वर्तमान में, देश भर में 86 हवाई अड्डे हरित ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें से 55 हवाई अड्डों की कुल ऊर्जा खपत में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 100 प्रतिशत है। इन हवाई अड्डों की सूची अनुबंध में है। यद्यपि हवाई अड्डों पर कार्बन उत्सर्जन का प्रमुख कारण ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों का उपयोग है और इस प्रकार अनवीकरणीय अर्थात दोबारा प्रयोग में न लाई जा सकने वाली ऊर्जा के स्‍थान पर हरित ऊर्जा का उपयोग करने से हवाई अड्डे के कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद मिलती है। इसलिए, नागर विमानन मंत्रालय ने निर्धारित संचालन वाले सभी परिचालन हवाई अड्डों और आगामी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के डेवलपर्स को कार्बन तटस्थता और नेट ज़ीरो ...

कोयला मंत्रालय ने कोयला खानों की नीलामी से प्राप्त 704 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि राज्य सरकारों को हस्तांतरित की

नई दिल्ली। कोयला मंत्रालय ने कोयला खानों की नीलामी से प्राप्त 704 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि छह कोयला धारक राज्यों- छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को हस्तांतरित कर दी है। यह वित्तीय हस्तांतरण इन राज्यों की विकासात्मक वृद्धि को सशक्त बनाने और सहायता देने की एक ठोस पहल है। 704 करोड़ रुपये की आवंटित राशि 18 कोयला खानों के लिए अग्रिम राशि की पहली किस्त का प्रतिनिधित्व करती है, जिनकी वाणिज्यिक कोयला खान नीलामी के छठे दौर और पांचवें दौर के दूसरे प्रयास के तहत सफलतापूर्वक नीलामी की गई थी। कोयला खान विकास और उत्पादन समझौते (सीएमडीपीए) के सुधार ने इस महत्वपूर्ण विकास का मार्ग प्रशस्त किया। सीएमडीपीए के अनुसार, सफल बोलीदाताओं ने कोयला मंत्रालय को अग्रिम राशि की पहली किस्त जमा कर दी है। विशेष रूप से, शेष तीन किस्तें बोलीदाताओं द्वारा सीधे संबंधित राज्य सरकारों को...

संसद ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 पारित किया

नई दिल्ली। राज्यसभा ने आज खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (इसके बाद 'अधिनियम' के रूप में संदर्भित) में संशोधन करने के लिए खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 पारित कर दिया है। विधेयक 28.07.2023 को लोकसभा द्वारा पहले ही पारित किया जा चुका था और राज्यसभा में विधेयक के पारित होने के साथ, विधेयक को सहमति के लिए अब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के पास भेजा जाएगा। खनिज क्षेत्र में कई सुधार लाने के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) (एमएमडीआर) अधिनियम, 1957 को वर्ष 2015 में व्यापक रूप से संशोधित किया गया था, विशेष रूप से, खनन से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के कल्याण के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) की स्थापना और अन्वेषण पर बल देने और अवैध खनन के लिए कड़े दंड को सुनिश्चित करने और खनिज संसाधनों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्...

वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर ने ईएनसी के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला

नई दिल्ली. वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर, एवीएसएम, वीएसएम ने आज, 01 अगस्त 2023 को नौसेना बेस पर आयोजित एक भव्य औपचारिक परेड में पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एफओसी-इन-सी) के रूप में पदभार ग्रहण किया। वाइस एडमिरल पेंढारकर ने सेरेमोनियल गार्ड का निरीक्षण किया और ईएनसी के विभिन्न जहाजों और प्रतिष्ठानों द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए नौसेना और डीएससी कर्मियों की प्लाटून की समीक्षा की। इस समारोह में जहाजों, पनडुब्बियों और प्रतिष्ठानों के सभी फ्लैग ऑफीसर्स और कमांडिंग ऑफीसर्स ने भाग लिया। जनवरी 1987 में भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त करने वाले वाइस एडमिरल पेंढारकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र रहे हैं और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, नेवल वॉर कॉलेज, करंजा तथा नेवल कमांड कॉलेज, न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड, यूएसए से स्नातक हैं। उनके पास रक्षा और रणनीतिक अध्ययन में...

अवैध बाघ व्यापार सिंडिकेट का पर्दाफाश, डब्ल्यूपीएसआई का पूर्व फील्ड अधिकारी गिरफ्तार

नई दिल्ली. दिनांक 29.07.2023 को संगठित वन्यजीव अपराध और अवैध वन्यजीव व्यापार से निपटने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित एक शीर्ष निकाय वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डबल्यूसीसीबी) ने सभी बाघ अभयारण्यों और बाघ क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया। क्षेत्रों में गश्त तेज करने और विश्वसनीय इनपुट के आधार पर उपरोक्त सभी क्षेत्रों को शिकारी गिरोहों से मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दिनांक 28.06.2023 को असम वन और पुलिस अधिकारियों द्वारा गुवाहाटी में एक बाघ की खाल और हड्डियाँ जब्त की गईं और 05 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। मामले को असम वन विभाग ने जांच के लिए डब्ल्यूसीसीबी को स्थानांतरित कर दिया था क्योंकि मामले में कई राज्यों की संलिप्तता दिखाई दे रही थी। डबल्यूसीसीबी ने गुवाहाटी में बाघ की खाल और हड्डी जब्ती मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया। अपराधियों स...