नई दिल्ली. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने पूरे देश में किए गए सीरो सर्वे (Sero Survey) के पहले दौर के नतीजों का ऐलान किया तो बड़ा हड़कंप मच गया. सर्वे में ना केवल भारत की ग्रामीण आबादी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए बल्कि यह भी संकेत मिले हैं कि भारत में मई की शुरुआत तक ही 64,68,388 लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण के चपेट में ले चुका था.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सर्वेक्षण के निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि भारत में ‘सीरोप्रेवलेंस’ (प्रसार) समग्र रूप से कम था और मई 2020 के मध्य तक केवल 1% व्यस्क आबादी ही सार्स-COV-2 की चपेट में आई थी. गौरतलब है कि कारोना सीरो सर्वे में किसी संक्रमित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के खून के सीरम की जांच की जाती है. इस सर्वे में लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडीज की...
रूस में बनी कोरोना की वैक्सीन के पहले बैच को आम जनता के लिए लॉन्च कर दिया गया है. रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है. रूस के गमेलिया रिसर्च सेंटर और रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने इस स्पूतनिक वी नाम की वैक्सीन को बनाया है.
मॉस्को.रूस में आम जनता को कोरोना वैक्सीन का पहला बैच मिल गया है, और अब भारत समेत पांच देशों में जल्द इसका क्लीनिकल ट्रायल भी होगा.
रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय की और से जैसे ही यह बयान सामने आया तो दुनिया के कई देशों ने राहत की सांस ली है. बयान में कहा गया है कि, "कोरोना वायरस से बचाने वाली स्पूतनिक वी वैक्सीन ने लैब में सभी जरूरी टेस्ट पास कर लिए हैं, इसके पहले बैच को आम जनता के लिए रिलीज़ कर दिया गया है.'
उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि आने वाले कुछ महीने में ही राजधानी मास्को के सभी लोगों को यह वैक्सीन दे दी जाएगी. इसके अलावा पूरे देश में टीकाकरण ...
जयपुर. जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल मंत्र है व्यक्ति की दढ इच्छा शक्ति, अटूट विश्वास और एकनिष्ठ प्रयास. सफलता का इतिहास लिखने वाले सभी व्यक्तियों ने इसी गुण के बल पर महान सफलताएं अर्जित की हैं. और उन्नति के महान शिखरों पर आरुढ हुए हैं. ऐसा ही एक ताजा उदाहरण पेश किया है राजस्थान के एक युवा जिनेन्द्र सोनी ने. जहां कोरोना संकटकाल और लॉकडाउन के बीच लोग निराशा के वातावरण में जी रहे थे, भयभीत थे, कुछ नया करने से कतरा रहे थे, शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप थी, ऐसी तमाम बाधाओं के बीच जिनेन्द्र सोनी वो युवा थे जिन्होने ना केवल देश को इस संकटकाल में भी कुछ नया देने की ठानी, बल्कि करोड़ों बच्चों की स्कूली शिक्षा और पढाई खराब ना हो इस लिहाज से कुछ नया करने का संकल्प लिया. और दो माह के अपने दिन-रात के प्रयासों, फौलादी इरादों से वो काम कर दिखाया जो संकटकाल की इस घडी की सबसे बडी डिमांड बन...
नई दिल्ली. सरकार की बड़ी कार्रवाई, पबजी समेत चीन के 118 और मोबाइल ऐप्स भारत में बैन.
भारत-चीन सीमा पर चल रहे विवाद के बीच भारत सरकार ने यह फैसला लिया है. सरकार की तरफ से इससे पहले भी चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाए गए थे. सरकार ने हाल ही में पहले 59 ऐप को बैन किया था जिसमें लोकप्रिय ऐप TikTok भी शामिल था. बाद में सरकार ने 47 और ऐप को बैन किया था. आज एक बार फिर से सरकार की तरफ से PUBG समेत 118 ऐप को बैन किया गया है.
PUBG app?
राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर जिस पॉप्युलर Battle Royale टाइटल गेम PUBG Mobile एप्प को बैन किया है वो भारत में 175 मिलियन डाउलोड के साथ देश में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला गेमिंग ऐप है. भारत में PUBG मोबाइल को इस साल के पहले हॉफ तक कुल 175 मिलियन बार इंस्टॉल किया गया. डाटा एनालिटिक्स फर्म Senser Tower के मुताबिक PUBG मोबाइल वर्ल्ड ...
नई दिल्ली. भारत में अब उम्मीदों भरे दिन लगातार सामने नजर आने लगे हैं. भारतीय वैज्ञानिक जिस तरह से दिन रात कोरोना वैक्सीन को तैयार करने में जुटे हैं उससे लगता है भारत दुनिया से पीछे नहीं रहने वाला है. बस अब कुछ और वक्त का इंतजार करना है यह वक्त है 2020 का अंत या फिर 2021 की शुरुआत. भारतीय बाजार में किसी भी सूरत में 2021 की शुरुआत में एक स्वीकृत टीका उपलब्ध हो जाने की उम्मीद बढ़ गई है. यह जानकारी शीर्ष वॉल स्ट्रीट रिसर्च और ब्रोकरेज फर्म, बर्नस्टीन रिसर्च की रिपोर्ट से मिली है.
रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर चार संभावित टीके हैं, जिन्हें 2020 के अंत तक या 2021 की शुरुआत में स्वीकृति मिल जाने के अनुमान हैं. इनमें से दो टीके ऐसे हैं जिनमें भारत की भागीदारी है. एस्ट्राजेनेका व ऑक्सफोर्ड का वायरल वेक्टर टीका और नोवावैक्स का प्रोटीन सब यूनिट टीका वो दो टीके हैं जिनमें भारत ने भागीदारी है...
यूपी. यूपी एसटीएफ और मेरठ पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में 35 करोड़ की डुप्लीकेट किताबें पकड़ी गई हैं. मेरठ में एनसीईआरटी की डुप्लीकेट किताबें छापने का यह पर्दाफाश इसलिए चर्चा में नहीं है कि डुप्लीकेट किताबें पकड़ी गई है चर्चा इसलिए है कि मामले का आरोपी भाजपा के नेता का भतीजा है और खुद नेेताजी की यह प्रिंटिंग प्रेस बताई जा रही है. छापे में छह प्रिंटिंग मशीनें मिली हैं और दर्जनभर लोगों को हिरासत में लिया गया है.
बताया गया है कि एनसीईआरटी की डुप्लीकेट किताबें छापने का मास्टरमाइंड सचिन गुप्ता है, जो भाजपा नेता संजीव गुप्ता का भतीजा है. सचिन और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ परतापुर थाने में एसटीएफ सब इंस्पेक्टर ने मुकदमा दर्ज कराया है. और इस किताब कांड में कौन-कौन शामिल हैं पता लगाया जा रहा है.
एसटीएफ डीएसपी ब्रजेश कुमार सिंह के मुताबिक परतापुर के अछरौंडा में गोदाम और मोहकमपुर की प्रिंटिं...
हैदराबाद. दुनिया के साथ भारत में भी कोरोनावायरस ने लोगों की नींद उड़ा कर रखी है. इस महामारी ने अकाल कई लोगों को मौत की नींद सुला दिया. अब इस महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन का इंतजार पूरी दुनिया को है. लेकिन इससे पहले इस बीमारी को कंट्रोल करने का हर संभव प्रयास दवा बाजार में मौजूद कंपनियां कर रही हैं.
देश में कोरोना के इलाज और नियंत्रण के लिए कई तरह की दवाइयों के इस्तेमाल को मंजूरी मिली हुई है. इसी कड़ी में अब देश की जानी-मानी फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी लेबोरेट्रीज ने भी कोरोना की 200 MG टैबलेट लॉन्च की है. आपको बताते चलें कि कोरोना के इलाज में कारगर मानी जा रही दवाई फेविपिराविर (Favipiravir) को अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग नामों से बाजार में लॉन्च कर रही हैं. अब डॉ. रेड्डी लेबोरेट्रीज ने इसके जेनेरिक वर्जन को पेश करते हुए इसका नाम 'एविगन' (Avigan) रखा है. ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से ...
महाराष्ट्र. यह तस्वीरें हैं महाराष्ट्र जिले के धड़गांव की. जहां इन दिनों स्कूली बच्चे कभी पेड़ पर बैठे दिखाई देते हैं तो कभी किसी पहाड़ी की चोटी पर. सुनने और देखने में यह थोड़ा अजीब जरुर लगे लेकिन जनाब यही बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर है. जो ऑनलाइन शिक्षा को बढावा देने की हकीकत हमारे सामने रख रही है.
दरअसल यह तस्वीर स्कूल भवन की कमी या किसी बाढ़ की वजह से नहीं है बल्कि खराब मोबाइल नेटवर्क के कारण सामने आई है. कोरोना के चलते ज्यादातर राज्यों में 31 अगस्त तक स्कूल बंद हैं, पर पढाई जारी है. वो भी ऑनलाइन पढाई. जिसके चलते स्टूडेंट्स को ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल भेजा जाता है और ऑनलाइन ही पढाया जाता है. लेकिन नेटवर्क न होने से छात्र पढ़ाई नहीं कर पाते. पर रोज-रोज इस समस्या से कैसे बचा जाए, ऐसे में बच्चे अपनी डिजिटल क्लास का नेटवर्क पाने के लिए कभी पेड़ पर चढकर शिक्षा ग्रहण करते हैं तो कभी ऊंची पहाड़...
नई दिल्ली. भारत में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में निए नए प्रयास किए जा रहे हैं. आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य देने के लिए सरकार और गैर सरकारी स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं. ऐसे में क्योंकि अब युग डिजिटल क्रांति का है तो भारत सरकार ने नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन लॉन्च कर दिया है. इस योजना में हर भारतवासी को एक हेल्थ आईडी जारी की जाएगी ओर इस आईडी में हर नागरिक के स्वास्थ्य का पूरा लेखा-जोखा होगा. यानी आपके स्वास्थ्य की कुंडली डिजिटल हो जाएगी.
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इसमें प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य, बीमारी, डॉक्टर का लेखा-जोखा डिजिटलाइज्ड होगा जो पूरी तरह से एक एप और वेबसाइट के मार्फत संचालित होगा. पर आपकी निजता का ध्यान रखते हुए ये रिकॉर्ड्स आप तक की सीमित रहेंगे. डाटा प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा. बिना आपकी अनुमति के कोई अन्य व्यक्ति या डॉक्टर आपके रिकॉर्ड की जानकार...
मास्को. जिस कोरोना वायरस के खात्मे के लिए पूरी दुनिया रात दिन एक किए हुए है, और पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. इन सबके बीच सबसे बड़ी राहत की खबर है कि रूस ने पहली कोरोना वैक्सीन तैयार कर ली है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को इसका ऐलान किया. इसके मार्फत COVID-19 के खिलाफ स्थाई इम्यूनिटी विकसित की जा सकती है. जो कोरोना को पस्त करने और धूल चटाने में सक्षम है.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि 'आज सुबह दुनिया का पहला कोरोना वायरस का टीका तैयार कर लिया गया है. जिसका इस्तेमाल उनकी बेटी पर भी किया जा चुका है.' पुतिन के मुताबिक कि उनकी बेटी ने भी इसका टीका लिया है, पहले उसका बुखार टीके के बाद बढ़ा लेकिन बाद में काबू में आने लगा. इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों को टीका लगने के बाद कोरोना का कोई लक्षण नहीं ह...