विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में राजस्थान के 3 MLA की एसीबी करेगी जांच


जयपुर. राजस्थान के इतिहास में विधायकों की खरीद फरोख्त का यह 'द ग्रेट इंडियन पॉलिटिकल ड्रामा' इस वक्त परवान पर है. राजस्थान में विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में तीन निर्दलीय विधायकों की एसीबी जांच की जाएगी. इन तीनों विधायकों पर डूंगरपुर और बांसवाड़ा जैसे राजस्थान के आदिवासी इलाकों में विधायकों को प्रलोभन देकर खरीद फरोख्त करने का आरोप है. इस मामले में एसीबी ने प्राथमिक जांच के लिए PC एक्ट के तहत जांच का निर्णय लिया है.

एक तरफ जहां राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार विरोधी और अज्ञात ताकतों पर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगा रहे थे वहीं अब एक-एक कर नाम भी सामने आने लगे हैं जिन पर इस साजिश में शामिल होने का आरोप है. इनमें नीर्दलीय विधायक खुशवीसर सिंह, सुरेश टांक, ओमप्रकाश हुडला की जांच की जाएगी. आरोप है कि सरकार को अस्थिर करने की दिशा में तीनों ही विधायकों ने लगातार विधायकों से सम्पर्क साध, विभिन्न तरह के लालच देकर कांग्रेस का साथ छोडने का दबाव डाला. हालांकि जब तीनों विधायकों से बात की गई तो उन्होंने साफ कर दिया कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो निराधार हैं. वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मसले पर बस इतना कहा कि जांच होगी तो सब सामने आ जाएगी.

 

 

एसीबी सूत्रों के मुताबिक सामने आया कि तीनों निर्दलीय विधायकों के पास एक बडी धनराशि भी थी, जिसका उनके द्वारा इस्तेमाल करने करने की पूरी सूचना थी. राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि एसीबी ने इस तरह के मामलों में प्राथमिकी दर्ज की हो. ओमप्रकाश हुडला जहां दौसा के महुवा से आते हैं वहीं सुरेश टांक अजमेर के किशनगढ़ से और खुशवीर सिंह पाली मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक हैं. उधर इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने तीनों ही विधायकों की पार्टी से संबद्धता खत्म कर दी है. एसीबी अब इन विधायकों से पूछताछ करेगी.किशनगढ से निर्दलीय विधायक सुरेश टांक का इन आरोपों पर कहना है कि वो बांसवाड़ा गए थे, वहीं पर रमीला खड़िया से मुलाकात हुई थी. मेरे साथ ओपी हुड़ला भी थे. एक विधायक का किसी और विधायक से मिलना गुनाह नहीं है. जांच वाली बात से मैं काफी क्षुब्ध हूं. निर्दलीय विधायक कैसे सरकार बना सकते हैं. मुझे बेवजह बदनाम करने की कोशिश हो रही है. निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं, राज्यसभा चुनाव के समय हम CM गहलोत के साथ थे और आगे भी मुख्यमंत्री गहलोत के साथ हैं.