जयपुर. राजस्थान की राजनीतिक में बड़ा राजनीतिक उबाल देखने को मिल रहा है, गहलोत सरकार को गिराने की साजिशों पर रोज नए अपडेट आ रहे हैं वहीं अब राजस्थान की सियासत मे एक बार फिर से हलचल मच गई है. राजस्थान में गहलोत सरकार (Gehlot Government) को गिराने की साजिश करने वाले दो आरोपियों को एसओजी ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज करने के बाद बाद गिरफ्तार कर लिया है. इनमें उदयपुर के अशोक सिंह चौहान और ब्यावर के भारत भाई नाम के दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी गई है. कई बडे खुलासे होने की उम्मीद इसमें जताई जा रही है. इसको लेकर कई नेताओं के फोन भी टैप हो रहे थे. मोबाइल नम्बर 9929229909 और 8949065678 वो नम्बर हैं जो खरीद फरोख्त के मामले में सामने आए हैं. उधर एसओजी इस पूरे मामले में शिकायत करने वाले कांग्रेस विधायक और मुख्य सचेतक महेश जोशी से भी पूछताछ करेगी. दरअसल पिछले दिनों राज्यसभा चुनावो के वक्त कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त का मामले ने बहुत तूल पकड़ा था, जिसको लेकर सभी कांग्रेसी और समर्थित विधायकों की बाड़ेबंदी भी की गई थी.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने इस पूरे मामले मे ये खुलासा किया था कि विधायकों की खरीद फरोख्त के लिए करोड़ों की डील हुई. दिल्ली से पैसा जयपुर भी आ गया. इस मुद्दे को लेकर विधानसभा मुख्य सचेतक महेश जोशी ने एसओजी (SOG) में एक परिवाद दर्ज कराया और हार्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया. लगभग 3 हफ्तों बाद एसओजी ने पूरा मामला दर्ज कर लिया है औऱ कई खुलासे किए हैं, जिससे राजस्थान की राजनीति में हलचल मच गई है.
यह पूरी सियासत विशेषाधिकार हनन के मामले से ज्यादा तेज हुई. राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के बाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा. पहले जहां निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव सौंपा था और जिस पर विधानसभा ने पूनियां से जवाब-तलब तक किया. लोढ़ा का आरोप था कि सतीश पूनिया ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान 23 विधायकों को वोट के बदले रिको प्लॉट देने और कैश ट्रांजैक्शन से लाभान्वित किया गया है. जिसके कोई सबूत नहीं हैं. वहीं अब भाजपा के विधायकों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ ही विधानसभा सचिव को विशेषाधिकार हनन की शिकायत कर दी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ भाजपा विधायक अशोक लाहोटी, सुभाष पूनिया, रामलाल शर्मा और निर्मल कुमावत ने विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया. इस शिकायत में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के भी हस्ताक्षर हैं. शिकायत में मुख्यमंत्री के 35 करोड़ वाले बयान को कोट किया गया है.