नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने भविष्य के लिए जल संरक्षण के दृष्टिकोण से 24 अप्रैल, 2022 को मिशन अमृत सरोवर का शुभारंभ किया। मिशन का उद्देश्य आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर देश के हर जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवरों का निर्माण और विकास करना है। कुल मिलाकर, इस मिशन के अंतर्गत 15 अगस्त, 2023 तक 50 हजार अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे निर्धारित समय-सीमा के पूर्व प्राप्त कर लिया गया है। अब तक, 50071 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। मिशन अमृत सरोवर के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण एवं संचयन के संकल्प को साकार करने के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नोडल मंत्रालय के रूप में कार्य करते हुए, विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिशन मोड में काम किया। विलुप्त होने की कगार पर पहुँच चुके सरोवरों के जीर्णोद्धार करने से लेकर नए सरोवरों के निर्माण का व...
नई दिल्ली। भारतीय डाक ने आज नई दिल्ली में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) और तृप्ता टेक्नोलॉजीज के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान उपस्थित थे। यह समझौता ज्ञापन 'भारत ई-मार्ट' नामक एक पोर्टल के संचालन की सुविधा प्रदान करता है, जो व्यापारियों के परिसर से प्रेषित वस्तुओं के पिक-अप की सुविधा प्रदान करेगा और पूरे देश में वस्तुओं को दरवाजे पर वितरण सुनिश्चित करेगा। माना जा रहा है कि इससे सीएआईटी से जुड़े आठ करोड़ व्यापारियों को लाभ होगा।
देवुसिंह चौहान ने कहा, ''प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी महिला सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। इस सपने को साकार करने में डाक विभाग अपनी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना सरकार के सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वाले कार्यक्रमों में से एक है, जो बालिकाओ...
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 2023 में होने वाली हार से भयभीत होकर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने उन गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया है,जिनकी ईमानदारी और सत्य निष्ठा सर्व विदित है। राजे ने कहा कि रिश्वत लेना और देना दोनो अपराध हैं,यदि उनके विधायकों ने पैसा लिया है तो एफआईआर दर्ज करवाएँ। सच तो यह है कि अपनी ही पार्टी में हो रही बग़ावत और रसातल में जाते जनाधार के कारण बौखलाहट में उन्होंने ऐसे अमर्यादित और असत्य आरोप लगाएँ है। पूर्व सीएम ने कहा कि विधायकों की ख़रीद फ़रोख़्त की जहाँ तक बात है, इसके महारथी तो स्वयं अशोक गहलोत हैं।जिन्होंने 2008 और 2018 में अल्पमत में होने के कारण ऐसा किया था।उस वक्त न भाजपा को बहुमत मिला था और न ही कांग्रेस को।उस समय चाहते तो हम भी सरकार बना सकते थे,पर यह भाजपा के सिद्धांतों के ख़िलाफ़ था।इसके विपरीत गहलोत ने अपने लेन दे...
नई दिल्ली। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड- आरआईएनएल ने अपनी स्थापना के बाद से किसी भी अप्रैल महीने में सर्वाधिक उत्पादन हासिल किया है। आरआईएनएल ने 2 ब्लास्ट फर्नेस ऑपरेशन से 4,19,000 टन हॉट मेटल का उत्पादन (पिछले वर्ष (सीपीएलवाई) -अप्रैल, 2022 की इसी अवधि की तुलना में 20% की वृद्धि) करके किसी भी अप्रैल महीने के लिए उत्पादन के क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके दिखाया है। इसमें ब्लास्ट फर्नेस-1 से 2,02,000 टन हॉट मेटल (गोदावरी- सीपीएलवाई की तुलना में 14% की बढ़ोतरी), ब्लास्ट फर्नेस-2 से 2,18,000 टन हॉट मेटल (कृष्णा- सीपीएलवाई पर 26% की बढ़त), स्ट्रक्चरल मिल से 61,000 टन उत्पादन (सीपीएलवाई पर 100% से अधिक की वृद्धि), विस्तार इकाइयों से 1,43,000 टन तैयार इस्पात (वायर रॉड मिल-2, स्पेशल बार मिल और स्ट्रक्चरल मिल) और 80,000 टन उच्च स्तरीय मूल्य वर्धित इस्पात (सीपीएलवाई पर 100% से अधिक की बढ़...
नई दिल्ली। भारतीय तट रक्षक बल मालदीव के समुद्री क्षेत्र से बचाए गए दस भारतीय मछुआरों को 06 मई, 2023 को सुरक्षित विशाखापत्तनम लाया। ये मछुआरे 16 अप्रैल, 2023 को कन्याकुमारी, तमिलनाडु के पास थेंगापट्टनम से समुद्र में मछली पकड़ने गए थे। हालांकि, उनकी नाव का इंजन फेल हो गया और वे 5 दिनों तक बिना किसी मदद के मालदीव समुद्री क्षेत्र में बहते चले गए। 26 अप्रैल, 2023 को भारतीय तटरक्षक एमआरसीसी यानी समुद्री बचाव समन्वय केंद्र के समन्वय में मालदीव खोज और बचाव क्षेत्र से एमवी फ्यूरियस द्वारा इन मछुआरों को बचाया गया। तटरक्षक समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) को प्राप्त सूचना के आधार पर, आईसीजीएस विग्रह को इन बचाए गए मछुआरों को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कैंपबेल खाड़ी से आने वाले व्यापारी जहाज पर चढ़ाने के लिए भेजा गया था। इन दस मछुआरों में से आठ केरल के विझिंजम के हैं जबकि दो तमिलनाडु में कन्...
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2018-2019 में 728.72 मिलियन टन की तुलना में वित्त वर्ष 2022-23 में भारत के कुल कोयला उत्पादन में लगभग 22.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 893.08 मिलियन टन का उत्पादन हुआ। प्रतिस्थापन योग्य कोयले के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ाना कोयला मंत्रालय की प्राथमिकता है। पिछले 5 वर्षों में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का उत्पादन वित्त वर्ष 2018-2019 में 606.89 मिलियन टन की तुलना में 15.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 703.21 मिलियन टन बढ़ा है। एससीसीएल ने वित्त वर्ष 2018-19 में 64.40 मिलियन टन से 4.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2022-23 में 67.14 मिलियन टन उत्पादन कर प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। कैप्टिव और अन्य खदानों ने भी 113.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2022-23 में 122.72 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 57.43 मिलिय...
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भविष्य की जरूरतों व चुनौतियों को देखते हुए जरूरी है कि कृषि क्षेत्र में तकनीक को समर्थन मिले। जैसे-जैसे टेक्नालॉजी बढ़ेगी, खेती में काम करना आसान होगा, मेहनत कम होगी व ज्यादा मुनाफे की स्थिति बन सकेगी। इससे आने वाली पीढिय़ों का भी खेती के प्रति रूझान बढ़ेगा, इसके लिए भारत सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं व इनका सुचारू क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्री तोमर ने यह बात खरीफ अभियान-2023 के लिए पूसा, नई दिल्ली में आज आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कही। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि राज्यों का विषय है, वहीं केंद्र सरकार फंड का इंतजाम कर सकती है, योजनाएं बना सकती है और बनी योजनाओं को लेकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती है, लेकिन परिणाम तभी आएगा, जब राज्यों की गति बढ़ेगी, राज्य अनेक प्रका...
नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान, राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज 175 साल पुराने लंदन विज्ञान संग्रहालय का दौरा किया और भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसी तरह के विज्ञान संग्रहालयों की स्थापना की पहल का अनुभव साझा किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन संग्रहालयों को स्थापित करने का विचार आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को उनकी छिपी क्षमताओं का पता लगाने में मदद करना और कभी-कभी उनके अंतर्निहित कौशल की खोज करना भी है, जिसका आभास उन्हें स्वयं भी नहीं होता। यह संग्रहालय जिज्ञासा के भाव को बढ़ाते हैं, इससे उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक नवाचार में मदद मिलती है।
विज्ञान संग्रहालय लंदन में दक्षिण ...
नई दिल्ली। मन की बात ने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया है इस कार्यक्रम के माध्यम से लोग राष्ट्रहित के लिए निर्धारित महान लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान के लिए प्रेरित हुए हैं। 3 अक्टूबर, 2014 को शुरू हुई मन की बात भारत के प्रधानमंत्री का एक बहुत लोकप्रिय कार्यक्रम है जिसने पिछले नौ वर्षों में प्रसारण की 100 कड़ी पूरी की हैं इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश को बेहतर बनाने के लिए सैकड़ों विभिन्न मुद्दों को उठाया है। ये सभी मुद्दे गहन अनुसंधानों और देश भर के विभिन्न हितधारकों और विभिन्न विषयों में कार्यरत विशेषज्ञों से मिले विशेष फीडबैक पर आधारित हैं। मन की बात के माध्यम से उन्होंने देश के सामने विभिन्न शैक्षिक पहलुओं सहित चिंताओं को तथ्यों और आंकड़ों के साथ प्रस्तुत किया है और इसके लिए जन समुदाय की उत्साही प्रतिक्रिया मिली है। मन की बात कार्यक्रम ने समाज के सभी व...
नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने ‘आयुष सेक्टर पर मन की बात का प्रभाव’ पर केंद्रित केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) की आधिकारिक अनुसंधान पत्रिका जर्नल ऑफ रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज (जेआरएएस) पत्रिका के एक विशेष संस्करण का विमोचन किया है। आयुष तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनेवाल ने आज आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पत्रिका का विशेष संस्करण का विमोचन किया। अपने संबोधन में श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ संवाद आयुष को सकारात्मक विश्वास प्रदान करने में मददगार रहे हैं, प्रस्तुति की अपनी नवोन्मेषी तथा अनूठी संवादमूलक शैली के साथ, इस रेडियो कार्यक्रम ने अपने लिए एक उत्कृष्ट स्थान बनाया है और यह समुदायों के बीच लोकप्रिय हो गया है।' पत्रिका के व...