भारत में रहने वाला यह शख्स 39 पत्नियों, 94 बच्चों के साथ 181 सदस्यों के परिवार का है मुखिया, जी रहा है खुशाल जीवन!


मिजोरम। भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र रहा है वसुधैव कुटुंबकम। परन्तु आज 'विश्व परिवार दिवस' जैसे मौके पर यह याद दिलाना भी जरूरी है कि अब धीरे-धीरे नई पीढ़ी इस संस्कार को, इस संस्कृति को भूलती जा रही है या भुला चुकी है। आज के युग में जहां परिवार के दो सदस्य भी सही से एक घर में रहकर रिश्तो को नहीं निभा पा रहे हैं वहीं दूसरी ओर इस पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी प्रेरणा बना है मिजोरम के जिओना चाना का परिवार।

जहां दुनिया की सबसे बड़ी फैमिली के 181 सदस्य आज भी एक साथ रहते हैं। जिओना चाना इस परिवार के मुखिया हैं। वह अपनी 39 पत्नियों, 94 बच्चों, 14 बहुओं और 33 पोते-पोतियों के अलावा एक नन्हें पड़पोते के साथ बड़े प्यार से यहां 100 कमरों के घर में रहते हैं।

हमारे परिवारों में शादी ब्याह या किसी बड़े फंक्शन में जितने लोगों का खाना बनता है उतना तो इस परिवार में रोजाना बनता है। यदि सुबह शाम की बात करें तो करीब दोनों वक्त की डाइट मिलाकर करीब पौने चार सौ के करीब लोगों का यहां खाना यहां बनाया जाता है। एक बार का खाना बनाना हो तो करीब जो एक आम परिवार के 2 से 3 माह का राशन होता है उससे कहीं ज्यादा जिओना का परिवार एक दिन में खा जाता है।

एक दिन के खाने में करीब 40 किलो चावल, 20 किलो दाल, 50 किलो सब्जियां, 40 मुर्गियां और सैंकड़ों अंडे लगना रोज का काम है। रोजाना 20 से 30 किलो फल खाना इस परिवार के लिए आम बात है। जिओना के घर का किराना का समान बेचने वाला भी अच्छे खासे पैसे कमाता है। डाइनिंग हॉल इतना बड़ा है कि एक साथ खाने के लिए 50 टेबल लगे हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि जिओना की पत्नियां मिलकर प्यार से रोज खाना बनाने की जिम्मेदारी संभालती है और बेटियां इस दौरान खुद की पढ़ाई लिखाई के साथ घर की साफ सफाई का काम देखती हैं। जिओना की पहली पत्नी सबसे बुजुर्ग महिला होने के नाते घर का सारा काम बांटती हैं, और दिनभर के काम की मॉनिटरिंग करती हैं। घर में हर दिन एक उत्सव की तरह होता है।

हालांकि छोटी मोटी खटपट होना इस घर में भी आम बात है लेकिन कभी भी आपसी झगड़े बहुत बड़े तनाव का कारण नहीं बने हैं। आपस में मिल बैठकर छोटे-मोटे झगड़ों को परिवार के बड़े बुजुर्ग सुलझा लेते हैं। अपने बेटों के साथ जिओना चाना बढ़ई का काम करते हैं और खुशहाल जीवन अपने परिवार के साथ जीते हैं।

यह परिवार मिजोरम में खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बटवंग गांव में रहता है। जिओना बताते हैं कि उन्हें इतना बड़ा परिवार कभी बोझ नहीं लगा, दुनिया के इस सबसे बड़े परिवार का मुखिया होने पर वह स्वयं को काफी गौरवान्वित महसूस करते हैं।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी पत्नियों को जिओना कैसे खुश रखते होंगे? और कैसे हर पत्नी को समय दे पाते होंगे? तो जीवना बताते हैं कि उनकी पत्नियां बेहद समझदार है जो इस बात को समझती है कि यह परिवार दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है और किस तरह से एक दूसरे का सम्मान कर के जीवन को जीना है, सब बखूबी जानती हैं। रोचक बात यह है कि जिओना के पास एक किंग साइज डबल बेड का रूम है, जिसमें वह अपने साथ सोने के लिए हर रोज एक पत्नी चुनते हैं। बाकी सब छोड़िए जिओना 75 की उम्र में भी कहते हैं कि अगर भगवान की मर्जी हुई तो फिर शादी करेंगे।

जिओना बताते हैं कि मिजोरम में होने वाले चुनावों में उनका परिवार काफी अहम भूमिका निभाता है, चूंकि उनके परिवार के पास सैंकड़ों वोट हैं। यही वजह है कि चाना के परिवार को चुनाव के समय भी काफी महत्व मिलता है. लोग तो यहां तक कहते हैं कि ये परिवार जिस भी पार्टी को सपोर्ट करता है उनका जीतना लगभग तय हो जाता है.

जिओन चाना के साथ एक बड़ी दुविधा यह है कि अब उनकी इतनी पत्नियां है तो शादी की सालगिरह और उनके बच्चों के जन्मदिन की तारीख याद रखना बड़ा मुश्किल है। ऐसे में परिवार के सदस्य ही उन्हें यह विशेष दिन याद दिलाते हैं। फैमिली में इतने लोग हैं कि उनके नाम तो याद रह जाते हैं पर उनके बर्थडे या शादी की सालगिरह याद रखना काफी मुश्किल होता है। लेकिन परिवार के सदस्यों का कहना है कि कोई न कोई यह डेट्स उन्हें याद दिला ही देता है।