जयपुर। वाहन चालकों और ट्रैफिक पुलिस में आए दिन वाहन के ओरिजनल दस्तावेज दिखाने को लेकर काफी बहस होती आसानी से देखी जा सकती है। कई बार मामले थाने और न्यायालय तक भी पहुंच जाते हैं। लेकिन अब इस समस्या पर शायद लगाम कसी जा सकेगी। वाहन चालकों को दस्तावेज दिखाने को लेकर पुलिसकर्मियों से होने वाली झड़प से छुटकारा मिल सकेगा।
अतिरिक्त महानिदेशक यातायात स्मिता श्रीवास्तव ने एक आदेश जारी कर डीजी लॉकर और एम परिवहन ऐप के जरिए वाहन संबंधित दिखाए गए ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज को मान्य बताया हैं। दस्तावेज होने के बावजूद राजस्थान पुलिस वाहन चालकों को भौतिक दस्तावेज पेश करने के लिए परेशान करने के मामले सामने आ रहे थे। पुलिस मुख्यालय ने इसको गंभीरता से लिया और सभी जिला पुलिस अधीक्षक और ट्रैफिक डीसीपी को इसकी सख्ती से पालना कराने के निर्देश जारी किए हैं।

एडीजी श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी किए, जिसमें बताया कि भारत सरकार के इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय द्वारा डिजी लॉकर एवं एम परिवहन ऐप के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र के इलेक्ट्रोनिक रिकॉर्ड को मूल दस्तावेजों के समतुल्य समझा जाए। आदेश में यह भी बताया है कि पुलिस मुख्यालय द्वारा पहले भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन पुलिस द्वारा इन निर्देशों की पालना नहीं की जा रही है। डिजी लॉकर और एम परिवहन ऐप के माध्यम से प्रस्तुत वाहन संबंधित दस्तावेजों को नहीं मानने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल माना जा रहा है पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों के बीच दस्तावेज दिखाने को लेकर होने वाली बहस पर काफी हद तक लगाम लग सकती है।