नई दिल्ली. भारतीय नौसेना ने सैन डिएगो के नॉर्थ आइलैंड नेवल एयर स्टेशन में आयोजित एक समारोह में अमेरिकी नौसेना से अपने एमएच-60आर मल्टी रोल हेलिकॉप्टर (MH-60R multi role helicopters) के पहले दो हेलिकॉप्टर को शामिल कर लिया. समारोह में इन हेलीकॉप्टरों का अमेरिकी नौसेना से भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से स्थानांतरण किया गया, जिनको अमेरिका में भारतीय राजदूत महामहिम तरनजीत सिंह संधू ने स्वीकार किया. समारोह में अमेरिकी नौसेना के वाइस एडमिरल केनेथ व्हाइटसेल, कमांडर नेवल एयर फोर्सेज़ और वाइस एडमिरल रवनीत सिंह, नौसेना उप प्रमुख (डीसीएनएस), भारतीय नौसेना के बीच हेलीकॉप्टर दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ. इन शक्तिशाली हेलीकॉप्टरों पर प्रशिक्षण के लिए भारतीय पायलट दल का पहला जत्था इस समय अमेरिका में है. जो इसका हर स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है.

कितने ताकतवर!
लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन, यूएसए द्वारा निर्मित एमएच-60आर हेलीकॉप्टर हर मौसम में कारगर एक हेलिकॉप्टर है जो अत्याधुनिक एवियोनिक्स/ सेंसर के साथ कई मिशनों के लिहाज से बनाया गया है. इनमें से 24 हेलीकॉप्टर अमेरिकी सरकार से विदेशी सैन्य बिक्री के तहत खरीदे जा रहे हैं. हेलीकॉप्टरों को भारत के अनेक प्रकार के उपकरणों और हथियारों के दृष्टिकोण से संशोधित भी किया जाएगा. इन एमआरएच को शामिल करने से भारतीय नौसेना की त्रिविमीय क्षमताओं में और इजाफा होगा.
भारतीय रक्षा विभाग के अनुसार, इस प्रस्तावित बिक्री से भारत की सतह-रोधी और पनडुब्बी रोधी युद्धक अभियानों की क्षमताएं बढ़ेंगी. भारत इन क्षमताओं का इस्तेमाल क्षेत्रीय खतरों से निपटने और अपने देश की रक्षा को मजबूत करने के तौर पर करेगा. भारत सरकार ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक यात्रा के आसपास ही फरवरी 2020 में हेलिकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह हेलिकॉप्टर भारत को मिलने शुरू हो गए हैं.