जयपुर. राजस्थान सरकार ने कोरोना के कम होते मामलों के बीच एक और अनलॉक की गाइडलाइन जारी कर दी है. राजस्थान में कोविड संक्रमण का स्तर
निरंतर कम होने के बाद त्रिस्तरीय जन-अनुशासन दिशा-निर्देश 4.0 के तहत रविवार को वीकेंड कर्फ्यू को समाप्त कर दिया गया है. हालांकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है लेकिन संक्रमण पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है ऐसे में अभी अभी सावधानी और सजगता जरूरी है.
नई गाइडलाइन्स के मुताबिक सिनेमा हाॅल्स/थियेटर/मल्टीप्लेक्स 50 प्रतिशत क्षमता के साथ प्रातः 9 बजे से सायं 8 बजे तक केवल उन व्यक्तियों के लिए खोलने की अनुमति दी गई है जिन्होंने कम से कम पहली कोरोना वैक्सीन की डोज लगवा ली. प्रदेश के समस्त कौशल प्रशिक्षण केन्द्रों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ प्रातः 6 बजे से सायं 8 बजे तक केवल उन व्यक्तियों के लिए खोलने की अनुमति होगी, जिन्होंने कोरोना
वैक्सीन की कम-से-कम पहली डोज लगवा ली हो.
अब राजस्थान में आने से पूर्व आरटी-पीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट लाने या होम/संस्थागत क्वारंटीन करने की आवश्यकता भी नहीं होगी.
सिटी/मिनी बसों का संचालन प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक अनुमत होगा। किसी भी यात्री को खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी.
उपखण्ड मजिस्ट्रेट स्थिति के आंकलन के बाद शादी-समारोह में सम्मिलित होने वाले अतिथियों/मेहमानों की संख्या 50 तक अनुमत कर सकते हैं.
विवाह समारोह में अन्य व्यक्तियों जैसे बैण्ड-बाजा वादक, लाइट-डेकोरेशन, कैटरिंग एवं अन्य को मिलाकर 15 व्यक्तियों की अनुमति होगी।
उक्त व्यवसाय (बैण्ड-बाजा, लाइट-डेकोरेशन, कैटरिंग) से जुड़े व्यक्तियों को अपनी जीविकोपार्जन के लिए भिन्न-भिन्न जगहों पर कई कार्यक्रमों में जाना पड़ता हैं, इससे उनके संक्रमित होने या फिर उनसे अन्य व्यक्तियों में संक्रमण फैलने की संभावना के कारण किसी भी शादी-समारोह एवं अन्य कार्यक्रमों में जाने से पूर्व इस व्यवसाय से जुड़े सभी व्यक्तियो को वैक्सीन की कम से कम पहली डोज लगवानी होगी. विवाह आयोजन के दौरान सड़क पर बारात-निकासी की अनुमति नहीं होगी। परन्तु विवाह परिसर में डीजे, बैण्ड-बाजा इत्यादि की अनुमति होगी.
आयोजनकर्ता द्वारा विवाह के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त होने पर उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा किसी भी राजकीय कर्मचारी को विवाह स्थल पर भेजकर सामाजिक दूरी, मास्क, सेनेटाइजेशन एवं विवाह में उपस्थित व्यक्तियों की संख्या आदि की निगरानी करवाई जाएगी.