नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने चक्रवाती तूफान "बिपारजॉय" के लिए तैयारियों की समीक्षा के लिए आज नई दिल्ली में VC के माध्यम से बैठक की। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख एल मांडविया और श्री पुरुषोत्तम रुपाला, गुजरात के कई मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, मौसम विभाग के महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(NDMA) के सदस्य सचिव और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मौसम विभाग के महानिदेशक ने गृह मंत्री को पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर स्थित गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तूफान के 14 तारीख की सुबह तक लगभग उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, फिर उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने, सौराष्ट्र और कच्छ को पार करने, 15 जून की दोपहर तक जखाऊ बंदरगाह (गुजरात) के पास मांडवी (गुजरात) और कराची (पाकिस्तान) के बीच पाकिस्तान के तटों को पार करने की संभावना है। यह गंभीर चक्रवाती तूफान 125-135 किमी प्रति घंटे की निरंतर हवा की गति से 150 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार प्राप्त कर सकता है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने चक्रवाती तूफान के संभावित मार्ग में आबादी की सुरक्षा की तैयारियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे उपायों से गृह मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है और जो समुद्र में हैं उन्हें वापस सुरक्षित स्थान पर बुला लिया गया है। अब तक कुल 21,595 नावें, 27 जहाज और 24 बड़े जहाज खड़े किए जा चुके हैं। निकासी के उद्देश्य से संवेदनशील गांवों की सूची तैयार की गई है। श्री पटेल ने बताया कि तूफान से प्रभावित होने की आशंका वाले क्षेत्रों में 450 अस्पतालों की पहचान कर ली गयी है और जरूरी दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गयी है। पर्याप्त शेल्टर की व्यवस्था भी कर दी गयी है और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 597 टीम तैनात की गयी है। एनडीआरएफ(NDRF) की 18 और एसडीआरएफ(SDRF) की 12 टीमें तैनात की जा चुकी हैं।