दिल्ली में डेंगू के मरीजों की संख्या घटी, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी


राजधानी दिल्ली में डेंगू के मरीजों की संख्या बीते वर्षों की तुलना में घट रही है, लेकिन मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों ने नगर निगम की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जहां डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी आई है, वहीं मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में भारी वृद्धि देखी जा रही है। मलेरिया के मरीजों की संख्या पिछले साल की तुलना में दोगुनी हो गई है, जबकि चिकनगुनिया के मामलों में तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते मामले

नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, मलेरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष मलेरिया के मामलों में पिछले साल के मुकाबले दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या में तीन गुना तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। यह स्थिति नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। हालांकि, मलेरिया और चिकनगुनिया से जान का खतरा डेंगू की तरह नहीं है, लेकिन यह बीमारियां भी गंभीर समस्या बनती जा रही हैं।

मच्छरजनित बीमारियों के लक्षण

मलेरिया और चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, और जोड़ों में दर्द होते हैं। चिकनगुनिया के मामलों में खासतौर पर जोड़ों के दर्द की समस्या अधिक गंभीर होती है। इसके अलावा, मलेरिया के मरीजों को ठंड लगने के बाद तेज बुखार होता है, जबकि चिकनगुनिया में मांसपेशियों के साथ-साथ जोड़ों में भी असहनीय दर्द हो सकता है।

पिछले पांच सालों में बीमारियों का आंकड़ा

पिछले पांच सालों में मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में तेज वृद्धि देखी गई है। 2019 में, दिल्ली में मलेरिया के लगभग 1,100 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2020 में लगभग 2,000 हो गए। 2021 और 2022 में मलेरिया के मामलों में क्रमशः 3,500 और 4,800 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। इसी तरह, चिकनगुनिया के मामलों में भी इसी अवधि में तेजी देखी गई है।

निगम की प्रतिक्रिया और आगामी कदम

दिल्ली नगर निगम इस स्थिति से निपटने के लिए कई उपाय कर रहा है। फॉगिंग, एंटी-लार्वल स्प्रे, और जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि मलेरिया और चिकनगुनिया के प्रसार को रोका जा सके। इसके अलावा, लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।

मच्छरजनित बीमारियों के मामले बढ़ने के साथ ही नगर निगम ने जनता को सलाह दी है कि बुखार या अन्य लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। इसका मुख्य कारण यह है कि शुरुआती इलाज से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।