13 सौ साल बाद बना सूर्य ग्रहण का ऐसा योग, ग्रहण हटा, अब बुधवार को देश में होगी गोवर्धन पूजा, पर 10 साल बाद फिर होगा ऐसा...


नई दिल्ली। पिछले 13 सौ सालों में दीपावली पर सूर्य ग्रहण का ऐसा योग बना है जब बुध, गुरू, शुक्र, शनि सब अपनी अपनी राशि में हैं। इसका सूतक मंगलवार सुबह 4 बजे से शुरू हुआ जो भारत में करीब 2 घंटे तक दिखाई दिया। ऐसे में सूतक के कारण इस साल दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन का अंतर रहा। अब गोवर्धन पूजा बुधवार यानी 26 अक्टूबर को होगी। इस सूर्य ग्रहण के बाद 8 नवंबर को पूर्ण चंद्र ग्रहण भी होगा। जो एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में दिखेगा।

अब ऐसा योग एक बार फिर दीपावली के मौके पर 2032 में 3 नवंबर में बनेगा। इस सूर्य ग्रहण के दौरान पूरे देश में लोग विभिन्न जिज्ञासाओं और सवालों से घिरे नजर आए। मसलन सूर्य ग्रहण का किस राशि पर क्या असर होगा, क्या गोवर्धन पूजा एक दिन बाद करना ठीक रहेगी, लक्ष्मी जी की चौकी कब हटानी है, ग्रहण के दौरान पानी और खाने को सुरक्षित कैसे रखें। इसकी पवित्रता कैसे बनाई रखी जाए। सूतक काल कब से कब तक रहेगा। ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को कैसी सावधानी रखनी है।

सूर्य ग्रहण देखते समय आंखों की केयर कैसे की जाए, क्या सूर्य ग्रहण देखा जा सकता है या नहीं, जैसे कई सवालों में लोग घिरे नजर आए। आज का ग्रहण भारत में करीब 2 घंटे तक दिखाई दिया। देश के कई हिस्सों में सूर्यग्रहण नजर आया। सबसे पहले यह अमृतसर में शाम 4.19 बजे, तो मुंबई में शाम 6.09 बजे तक सूर्य ग्रहण दिखाई दिया। ज्यादातर जगह ग्रहण सूर्यास्त के साथ ही खत्म हो गया। उधर भारत से पहले दुनिया के अन्य देशों में भी सूर्य ग्रहण देखा गया। यूरोप, नॉर्थ ईस्ट अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया में यह दिखाई दिया।