एसएमएस अस्पताल अधीक्षक का भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन, पार्किंग में अवैध वसूली पकड़ी


जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल और ट्रोमा सेंटर में संचालित बेसमेंट पार्किंग में हो रहे भ्रष्टाचार पर एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने सख्त एक्शन लिया है। मामले में हाल में मिली भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद MOIC डॉ. प्रवीण जोशी को पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जब पार्किंग व्यवस्था को लेकर आमजन से मिली शिकायत पर डॉ. प्रवीणी जोशी ने अधीक्षक के निर्देश पर जांच की तो सामने आया कि बिना किसी सरकारी आदेश के एक व्यक्ति की तरफ से ये पूरी पार्किंग संचालित की जा रही है। यहां लगे जगह-जगह फोन-पे, गूगल-पे के स्कैनर एसएमएस हॉस्पिटल के सरकारी खाते के न होकर किसी निजी व्यक्ति बृजराज सिंह के नाम से लगे है, जो पैसा भी सीधे बृजराज सिंह के खाते में जमा हो रहा है। उन्होंने इस खाते ही एक साल की डिटेल निकलवाने के निर्देश दिए है। अधीक्षक के आदेश पर पार्किंग की विजिट करने पहुंचे डॉ. जोशी ने इसकी सूचना तुरंत अधीक्षक को दी तो अधीक्षक ने तुरंत एमएमएस सुरक्षाकर्मियों को मौके पर भेजा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं पार्किंग कार्य में लगे कार्मिकों को भी मौके से हटा ​कर उनके स्थान पर नए स्टाफ को लगाया गया है। 

सामने आया कि SMS हॉस्पिटल की मेन बिल्डिंग, धन्वंतरी ब्लॉक, ट्रोमा सेंटर में बनी बेसमेंट पार्किंग का संचालन बिना टेंडर के करीब एक साल से हॉस्पिटल प्रशासन के स्तर पर किया जा रहा है। ये पार्किंग हॉस्पिटल प्रशासन की तरफ से सरकारी कर्मचारियों की निगरानी में चलाई जानी थी। इसके लिए हॉस्पिटल की तरफ से गार्ड भी नियुक्त किए गए है। लेकिन जांच में पता चला कि पार्किंग का संचालन तत्कालीन अधीक्षक और तत्कालीन MOIC के निर्देश पर निजी व्यक्ति द्वारा संचालित की जा रही थी। इस पार्किंग से वसूला जाने वाला शुल्क (पैसा) हर रोज हॉस्पिटल के RMRS फंड के तहत खुले बैंक खाते में जमा करवाना था, वह भी समय पर जमा नहीं हो रहा था। जबकि लोगों से पार्किंग के नाम पर मोटा पैसा वसूला जा रहा था। इससे पहले यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से अवैध पार्किंग और चालान के नाम पर भी निजी स्तर पर ही चालान काटने और अवैध वसूली की भी शिकायतें देखी गई थी लेकिन तब कोई एक्शन नहीं हुआ था। उधर अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है ताकि आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सके। 

बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आमजन से जुड़ी सेवाओं के मामले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। और इसी का नतीजा रहा कि हाल में एसएमएस अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख (HOD) डॉ. मनीष अग्रवाल को ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उन्हें 9 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उनके घर की तलाशी में बड़ी मात्रा में नकदी और प्रॉपर्टी के दस्तावेज़ बरामद हुए थे। अब देखना होगा कि एक और भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद अब सरकार इस मामले में क्या एक्शन लेती है। इस मामले में मुख्य आरोपियों तक कब तक पहुंचा जाएगा। बहरहाल एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी के नेतृत्व में लिए एक इस एक्शन से गरीब मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। और अधीक्षक के इस एक्शन की हर ओर तारीफ हो रही है।