नगरीय विकास व आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने ली समीक्षा बैठक
जयपुर। राज्य सरकार एवं मुख्य सचिव के लगातार निर्देशित किये जाने के बावजूद लापरवाही बरतने पर ई फाईलिंग एवं राजस्व अर्जन, आमजन के सामान्य कार्यों में ढिलाई बरतने पर आठ सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह के समय में प्रगति नहीं लाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के भी निर्देश जारी किए हैं।
लंबित प्रकरणों, ई.फाइलिंग, सिटिजन सर्विसेज, राजस्व अर्जन एंव अन्य विभागीय बिंदुओं की नगरीय विकास व आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने समीक्षा बैठक के बाद यह एक्शन लिया।बैठक में समस्त आयुक्त, विकास प्राधिकरण एवं न्यास सचिवों ने भाग लिया। वीसी के माध्यम से हुई इस बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के लिए दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सिटीजन सर्विसेज से संबंधित लंबित प्रकरणों में लापरवाही बरतने पर सचिव, बीकानेर नगर विकास न्यास के साथ सचिव, कोटा विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी किया।
ई फाईलिंग में कम प्रगति पर सचिव, कोटा विकास प्राधिकरण के अलावा सचिव, न्यास आबू, बाड़मेर, बीकानेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, पाली एवं सीकर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गए।राजस्व अर्जन में बहुत कम राजस्व प्राप्ति पर सचिव, नगर विकास न्यास बाड़मेर व पाली को कारण बताओ नोटिस जारी किया जायेगा।

प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त द्वारा यह निर्देश दिये गए कि आगामी 45 दिवस में ई फाइल का कार्य सम्पूर्ण करेंगे। उनके द्वारा सभी विकास प्राधिकरण की जोन उपायुक्त स्तर तक भी सिटीजन सर्विसेज कार्यों की समीक्षा की गई। जिसकी 7 दिनों पश्चात पुनः समीक्षा की जायेगी।
बता दें कि जब से विभाग में सीनियर आईएएस टी रविकांत ने प्रमुख शासन सचिव पद की जिम्मेदारी संभाली है तब से लापरवाही और ढिलाई, भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टाॅलरेंस की नीती पर काम किया जा रहा है। और विभाग में पेंडेंसी को खत्म करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
वीसी में जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर के विकास प्राधिकरणों के आयुक्त एवं सचिव के अलावा आयुक्त, राजस्थान आवासन मंडल, उप शासन सचिव, सचिव, नगर विकास न्यास, जेएमआरसी के निदेशक, मुख्य नगर नियोजक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।