नई दिल्ली। श्रद्धा वालकर हत्या मामले की जांच में यह पता चला था कि हत्या के बाद आरोपी आफताब ने डेटिंग एप बम्बल के जरिए एक लड़की को अपने घर बुलाया था और जब यह लड़की आफताब से मिलने उसके घर आई थी, तब श्रद्धा के शव के टुकड़े घर के फ्रिज में ही रखे हुए थे। अब इससे भी ज्यादा हैरानी भरा खुलासा यह हुआ है कि वो पेशे से एक डॉक्टर है और वह भी साइकॉलजिस्ट।
दिल्ली पुलिस ने उस लड़की की पहचान कर ली है। पुलिस इससे आफताब के बारे में ज्यादा जानकारी लेगी। उल्लेखनीय है कि साइकॉलजिस्ट मतलब मनोचिकित्सक हावभाव से व्यक्ति को पहचानने में महारत रखते हैं, लेकिन आफताब इतना शातिर निकला कि उसने उस साइकॉलजिस्ट डॉक्टर को अपने हावभाव से कुछ भी भनक तक नहीं लगने दी।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दावा किया था कि आरोपी आफताब पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या के बाद उसके शव को काटने के लिए पांच चाकुओं का इस्तेमाल किया था, जिन्हें बरामद कर लिया गया है। हालांकि, एक आरी अभी भी नहीं मिली है। पुलिस शातिर आफताब की बातों पर यकीन नहीं कर पा रही है। पुलिस को लग रहा है कि आफताब पुलिस को भ्रम में डालने के लिए बहुत सी झूठी बातें बता रहा है, इसलिए दिल्ली पुलिस उसका नार्को टेस्ट करा रही है। गौरतलब है कि आफताब पूनावाला पर आरोप है कि उसने पहले अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर को गला घोंटकर मार डाला। इसके बाद उसके शव के 35 टुकड़े किए। शव के टुकड़ों को करीब तीन सप्ताह तक घर में ही एक फ्रीज में रखे रहा। इन शव के टुकड़ों को वह दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में रात में फेंकता था। करीब छह महीने बाद इस मामले का खुलासा हुआ है।