नई दिल्ली. भारत में कोरोना की दूसरी लहर का कहर फिलहाल कमजोर पड़ गया है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जहां प्रतिदिन भारत में नए संक्रमण के मामले 4 लाख 10 हजार से अधिक पहुंच गए थे वहीं पिछले 24 घंटों में 50,040 संक्रमण के नए मामले सामने आए.
भारत में कुल सक्रिय मामले और कम होकर 5,86,403 पर आ गए. अब कुल सक्रिय मामले 94 प्रतिशत हैं. अभी तक देश भर में 2,92,51,029 से अधिक व्यक्ति रिकवर हो चुके हैं और पिछले 24 घंटों के दौरान 57,944 रोगी स्वस्थ हुए. पिछले लगातार 45 दिनों से दैनिक नए मामलों की तुलना में दैनिक रिकवरी अधिक रही. अब रिकवरी दर बढ़ कर 96.75 प्रतिशत तक पहुंच गई है. साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर लगातार 5 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में यह 2.91 प्रतिशत है. दैनिक पॉजिटिविटी दर की बात करें तो यह 2.82 प्रतिशत है, लगातार 20 दिनों से यह 5 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि इससे निपटने के लिए पहले से ही महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे. डेल्टा प्लस वैरिएंट को अगर फैलने से रोकना है तो इसके लिए वैक्सीन के साथ-साथ मास्क और दो गज दूरी जैसे कदम भी उठाने होंगे. डेल्टा के खिलाफ सिर्फ वैक्सीन असरदार नहीं है. हमें छोटे समय में ही तैयारियां करनी होंगी, नहीं तो एक बार फिर लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ेगा.
जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ, अभी तक कुल 40.42 करोड़ से अधिक जांचें की जा चुकी हैं. यदि राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की बात की जाए तो इसके तहत अभी तक 32.17 करोड़ टीके लगाये गए. भारत में पिछले 24 घंटों में 64.25 लाख टीके लगाए गए. हालांकि कोरोना की दूसरी लहर भले ही धीमी हो चुकी हो लेकिन Delta Plus Variant को लेकर सभी राज्य अलर्ट हो गए हैं. क्योंकि यदि इसको हल्के में लिया तो यह तीसरी लहर का कारण बन सकता है.
डेल्टा प्लस वेरिएंट देश के कई राज्यों में पहुंच चुका है. वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. डेल्टा प्लस वैरिएंट की बात करें तो ये अभी देश के 12 राज्यों तक पहुंच चुका है. देशभर में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 51 मामले सामने आए हैं. लेकिन इस वैरिएंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने से संक्रमण को लेकर आशंका बनी हुई है. बहरहाल दूसरी लहर धीमी हो गई हो लेकिन आमजन को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है.