नई दिल्ली। ओएमएसएस (डी) के तहत फरवरी के पहले सप्ताह (1 फरवरी, 2023) से विक्रय के लिए पच्चीस लाख मीट्रिक टन गेहूं की पेशकश की गई है, जिसके लिए आज भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा निविदाएं अपलोड की जाएंगी। गेहूं का स्टॉक खरीदने के इच्छुक खरीदार एफसीआई की ई-नीलामी सेवा प्रदाता "एम-जंक्शन सर्विसेज लिमिटेड" (https://www.valuejunction.in/fci/) के साथ खुद को सूचीबद्ध कर सकते हैं और स्टॉक के लिए बोली लगा सकते हैं। आदेश के अनुसार जो भी पार्टी अपना नाम दर्ज कराना चाहती है, उसके लिए पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया 72 घंटे के भीतर पूरी कर ली जाएगी। सरकार द्वारा बढ़ती कीमतों को तुरंत नियंत्रित करने के लिए देश के सभी राज्यों से स्टॉक की पेशकश की जाती है। देश में गेहूं एवं आटे की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि एफसीआई ओपन मार्केट सेल स्कीम (घरेलू) के तहत विभिन्न प्रावधानों से 30 लाख मीट्रिक टन गेहूं बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। एफसीआई ने पूरे देश में इस योजना की घोषणा के 24 घंटे के भीतर स्टॉक की ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कई चैनलों के माध्यम से दो महीने की अवधि के भीतर ओएमएसएस (डी) योजना के माध्यम से बाजार में 30 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री व्यापक पहुंच के साथ-साथ गेहूं एवं आटे की बढ़ती कीमतों पर तत्काल प्रभाव डालेगी और बढ़ते दामों को रोकने में मदद करेगी तथा इससे आम आदमी को राहत काफी राहत मिलेगी। एफसीआई खाद्यान्नों के मूल्य स्थिरीकरण के उद्देश्य से बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए पूरे देश में खाद्यान्नों की आवाजाही करता है।