भ्रष्टाचार के खिलाफ सचिन पायलट का अपनी ही सरकार के खिलाफ 1 दिन का अनशन, अब गहलोत प्रेसवार्ता कर रखेंगे अपना पक्ष


राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने शहीद स्मारक पर अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन किया। भले ही मौके पर माहौल बनाया गया कि पूर्ववति वसुंधरा की राज्य सरकार के भ्रष्टाचारों के खिलाफ जांच की मांग को लेकर अनशन था लेकिन हकीकत में सीधे तौर पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार को टारगेट किया गया। सरकार के खिलाफ एक दिन का अनशन 5 घंटे में ही खत्म हो गया। मंगलवार शाम करीब पौने 4 बजे समर्थकों ने मिठाई खिलाकर पायलट का अनशन तुड़वाया। अनशन तोड़ने के बाद सचिन पायलट ने ट्वीट कर लिखा 'जनता के वादे होंगे पूरे, हर भ्रष्टाचार की हो जांच, राजस्थान का है दृढ़संकल्प, सत्य पर नहीं आने देंगे कोई आंच।' अनशन खत्म होने के बाद पायलट ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सांकेतिक अनशन किया है। उन्होंने कहा कि यदि बात संगठन की होती तो निश्चित तौर पर संगठन से बात करता। पूरे 1 साल से मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग कर रहा था। लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर मुझे अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा इतना ही नहीं सचिन पायलट ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रंधावा का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें तो आए हुए अभी कुछ दिन ही हुए हैं।

उधर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को एक बड़ी प्रेस वार्ता करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वह सचिन पायलट के खिलाफ उनके द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देंगे।