जयपुर. राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और सराहनीय कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने राज्य के लेबर कमिश्नर प्रतीक झाझड़िया को दो अन्य लोगों के साथ 3 लाख रूपए की रिश्वत लेते हुए ट्रेप कर लिया है. झाझड़िया भारतीय डाक सेवा के अधिकारी हैं और एक बड़ी एप्रोच के बाद राजस्थान में बेहतर सेवाएं देने के नाम पर राज्य सरकार से डेपुटेशन पोस्टिंग करवाई थी. दिसम्बर, 2019 से भारत सरकार से डेपुटेशन पर राज्य सरकार में सेवाएं दे रहे हैं. उनके साथ ही दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
एसीबी डीजी बीएल सोनी के निर्देशन में इस पूरे मिशन को अंजाम तक पहुंचाया गया. एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में तीनों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की गई ताकि और जानकारियां जुटाई जा सकें. लेबर कमिश्नर प्रतीक झाझड़िया के घर पर सर्च के दौरान 5 लाख 37 हज़ार रुपये की नकदी मिली, 4 भूखंडों के दस्तावेज भी एसीबी ने जब्त किए. साइन किये हुए 5 खाली चेक भी बरामद किए गए और लेन देन के कच्चे में लिखी हुई डायरी बरामद की गई.
एसीबी डीजी बीएल सोनी के मुताबिक एक प्राइवेट व्यक्ति अमित शर्मा और राजस्थान राज्य आर्थिक सलाहकार परिषद के विशेषाधिकारी रवि मीणा जयपुर के माध्यम से श्रम आयुक्त प्रतीक झाझड़िया 3 लाख रूपए की यह राशि ले रहे थे. यह राशि राज्य के अन्य श्रम कल्याण अधिकारियों से एकत्रित की गई थी.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि एसीबी की जयपुर इकाई को सूत्रो से शिकायत दी गई थी की प्राइवेट व्यक्ति अमित शर्मा तथा रवि मीणा, विशेषअधिकारी, आर्थिक सलाहकार परिषद, राजस्थान के माध्यम से प्रदीप झाझडिया, श्रम आयुक्त द्वारा राज्य के अन्य श्रम कल्याण अधिकारियों के माध्यम से रिश्वत राशि प्राप्त करना, भारी भ्रष्टाचार व अवैध लेनदेन किया जा रहा था ।
जिस पर एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में जयपुर इकाई, द्वितीय के उप पुलिस अधीक्षक मांगीलाल के नेतृत्व में जयपुर एवं अन्य ब्यूरो के दलों का गठन किया गया. शिकायत का सत्यापन किया जा कर उनकी टीम द्वारा ट्रेप कार्रवाई करते हुए आरोपी को ₹300000 रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए गिरफ्तार किया गया।