जयपुर। राजस्थान में कोरोना संक्रमण की तेजी से बढ़ती रफ्तार ने ना केवल लोगों को चिंता में डाल रखा है बल्कि पूरी राजस्थान सरकार भी से चिंतित है। सरकार के सारे प्रयास नाकाफी साबित होते नजर आ रहे हैं। इसी को देखते हुए राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने 'जन अनुशासन पखवाड़ा' को 15 दिन और सख्ती के साथ बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले लगाया गया मिनी लॉकडाउन पखवाड़ा 3 मई को समाप्त होने जा रहा है। इसकी सख्तियां मिनी लॉकडाउन जैसी ही होंगी। केवल जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी और गरीब मजदूरों , रोजमर्रा की मजदूरी से पेट भरने वालों का ध्यान रखा जाएगा।
CM अशोक गहलोत ने कोरोना संक्रमण एवं संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा में कोरोना के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह विभाग को जन अनुशासन पखवाड़े की गाइडलाइन को और अधिक सख्त बनाने तथा इसे आगे भी लागू रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा जरूरतमंद तबके की आजीविका का ध्यान रखते हुए ऐसी गाइडलाइन तैयार करें, जिससे लोगों का अनावश्यक आवागमन नहीं हो और संक्रमण की रफ्तार पर अंकुश लगाने में कामयाबी मिले। अन्यथा स्थितियां और विकट हो सकती हैं। चिकित्सा मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह तथा पुलिस महानिदेशक तमाम स्थितियों को ध्यान में रखकर जन अनुशासन की गाइडलाइन तैयार करें। हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि संक्रमण की गति हर हाल में धीमी हो, चाहे इसके लिए और सख्त कदम उठाने पड़ें।
CM ने जानकारी दी कि प्रदेश में ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर दवा सहित अन्य संसाधनों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल तथा प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा से दूरभाष पर चर्चा कर राजस्थान के हालातों से अवगत कराया है। राजस्थान के लिए ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर का कोटा बढ़ाने तथा अप्रेल माह के लिए आवंटित रेमडेसिविर के कोेटे को तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। साथ ही, आगामी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान को यह सभी संसाधन अधिक मात्रा में आवंटित करने की भी मांग रखी है। राजस्थान को संक्रमित रोगियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि लोगों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए जन अनुशासन पखवाड़े में और अधिक कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता के लिए विभाग के द्वारा तेजी से निर्णय किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बताया कि चिकित्सा उपकरणों के आयात के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल, आयुक्त विभागीय जांच डॉ. प्रीतम बी. यशवंत तथा संयुक्त सचिव वित्त टीना डाबी ने अन्य देशों से सम्पर्क शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन कन्सेनट्रेटर की पहली खेप की आपूर्ति जल्द मिल जाएगी।