महिला उत्पीड़न के मामले में डॉ. राणावत को जयपुरिया अस्पताल से किया गया रवाना, राजस्थान सरकार का बड़ा एक्शन


जयपुर. राजस्थान सरकार ने कुछ दिनों पहले ही जयपुर के बड़े सरकारी अस्पताल जयपुरिया हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट (अधीक्षक) पद की जिम्मेदारी डॉ. सुनीत राणावत को सौंपी थी, लेकिन आरोप है कि मरीजों से ज्यादा ध्यान उनका किसी और ही काम में लग गया, और राजस्थान सरकार ने ऊंची हैसियत रखने वाले डॉक्टर राणावत को तुरंत ही जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक पद से हटा दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी किए कर उनको मुख्यालय में लगाया है। राणावत की जगह अब डॉ. धर्मेंद्र शर्मा को अधीक्षक बनाया है।

बता दें कि ​​​​​​राणावत के खिलाफ हॉस्पिटल की एक कनिष्ठ सहायक ने छेड़छाड़ का आरोप लगाए थे और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में उच्च स्तर पर इसकी शिकायत भी दी थी। राणावत के पास वर्तमान में जयपुरिया हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट के अलावा राजस्थान मेडीकल कौंसिल का रजिस्ट्रार पद और सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) में अतिरिक्त अधीक्षक पद का भी चार्ज है। इतना ही नहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा विभाग शिवांगी स्वर्णकार की अध्यक्षता में इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी भी बनाकर 7 दिन में रिपोर्ट मांगी है।

कमेटी में एसएमएस हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. डी.एस. मीणा और एसएमएस सर्जरी विभाग की सीनियर डॉक्टर प्रभा ओम को भी शामिल किया गया है। पीड़िता ने इस संबंध में बजाज नगर पुलिस में भी इस प्रकरण की नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है। एक तारीख को दर्ज इस रिपोर्ट में जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने पीड़िता को 161 में बयान के लिए बुलाया है।

बहरहाल इस पूरे मामले में सरकार सख्त है और जांच रिपोर्ट में कमेटी क्या फाइंडिंग देती है इस बात पर सरकार का अगला कदम पूरी तरह से निर्भर होगा। इस बात की भी जांच की जाएगी कि कहीं महिला ने किसी और द्वेषता के चक्कर में तो इस तरह के आरोप नहीं लगाए हैं।