विधानसभा में रोडवेज से जुड़े बिल पर बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास भिड़ गए। दोनों के बीच जमकर बहस हुई। इसके बाद भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके चलते सभापति राजेंद्र पारीक को दो बार विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच ही राजस्थान राज्य पथ परिवहन सेवा (बिना टिकट यात्रा-निवारण) (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित कर दिया। इससे पहले परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सदन में विधेयक प्रस्तुत किया। विधेयक पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में बिना टिकट यात्रा करने वालों पर अंकुश लगेगा। खाचरियावास ने सदन में कहा कि वर्तमान सरकार की मुख्य प्राथमिकता भ्रष्टाचार को रोकना हैं। इसके लिए हम लगातार कोशिश कर रहे हैं। हर सरकार की जिम्मेदारी है कि विधेयक में संशोधन के जरिए भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान रोडवेज के इतिहास में आजादी के बाद पहली बार वर्तमान सरकार ने एक ही बार में 900 नई बसें खरीदकर बस संचालन को मजबूत किया। आगे अब 500 नई बसें खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि गत सरकार द्वारा तो राजस्थान रोडवेज को बंद करने की तैयारी की जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी वर्तमान सरकार ने रोडवेज बसों के किराये में एक भी रूपया नहीं बढ़ाया। साथ ही रोडवेज की बसों में प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले अभ्यार्थियों को निःशुल्क यात्रा कराने का बड़ा फैसला लेकर राहत प्रदान की है। वर्तमान सरकार ने कोरोना काल में पैदल चल रहे हजारों लोगों को रोडवेज की बसों के जरिए घरों तक पहुंचाया। हंगामे की शुरुआत खाचरियावास के रोडवेज बिना टिकट यात्रा निवारण संशोधन बिल पर बहस के जवाब के दौरान हुई। खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाने शुरू किए। साथ ही कहा कि भाजपा राज में रोडवेज बंद करने की तैयारी थी। गहलोत सरकार पर सवाल उठाना पाप के समान है। इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कड़ी आपत्ति जताई। इस पर कटारिया और खाचरियावास के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।