जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) ने तकनीकी सूचना के आधार पर शनिवार को विशेष अनुसंधान इकाई, मुख्यालय द्वारा कार्यवाही करते हुए जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड में कार्यरत ऑफिसर स्पेशल ड्यूटी वीरेंद्र वर्मा एवं सहायक लेखा अधिकारी (रिटायर्ड संविदा कर्मी) महेश गोयल एवं पारस ट्रैवल एजेंसी के मालिक नरेश सिंघल को 4 लाख रुपए की रिश्वत की राशि लेते एवं देते गिरफ्तार किया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि एसीबी मुख्यालय को सूत्र सूचना के आधार पर यह शिकायत मिली कि जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज में 100 मिडी सिटी बसों के टेंडर आवंटन, संचालन एवं अतिरिक्त सुविधा जैसे आवास एवं कार्यालय के 6 रूम से बढ़ाकर 10 रूम करना एवं अतिरिक्त बोरिंग खुदवा कर पानी की व्यवस्था करना तथा सब्सिडी रिलीज करने की एवज में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है एवं रिश्वत की राशि के आदान-प्रदान की सूचना मिली।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में शनिवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशेष अनुसंधान इकाई मुख्यालय बजरंग सिंह के नेतृत्व में कार्यवाही करते हुए जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड में कार्यरत ऑफिसर स्पेशल ड्यूटी वीरेंद्र वर्मा एवं सहायक लेखा अधिकारी (रिटायर्ड संविदा कर्मी) महेश गोयल एवं पारस ट्रैवल एजेंसी के मालिक नरेश सिंघल को 4 लाख रुपए की रिश्वत की राशि लेते एवं देते गिरफ्तार किया गया।
ओएसडी वीरेंद्र वर्मा की आवास सर्च में एसीबी को 7 लाख रुपए नगद, एक तीन मंजिला मकान,3 भूखंडों एवं कृषि भूमि से संबंधित कागजात बरामद किए एवं उल्लेखनीय है कि वीरेंद्र वर्मा के खिलाफ नरेगा में हुई अनियमितताओं को लेकर एसीबी में प्रकरण संख्या 114/11 भी दर्ज किया गया था एवं अग्रिम कार्यवाही जारी है।