अवैध वसूली कर की जा रही थी संविदा कर्मियों की भर्ती, एसीबी ने कई जिलों में की बड़ी कार्रवाई


जयपुर। राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो ने अलवर ESI हॉस्पिटल में संविदा भर्ती के नाम पर अवैध वसूली करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तीन लोगों भरत पूनिया, महिपाल यादव और मनीष पटेल को गिरफ्तार किया है। अलवर में कार्रवाई पर मिली सूचना के आधार पर जोधपुर एम्स में काम करने वाले कर्मचारी महिपाल यादव को जोधपुर की एसीबी टीम ने गिरफ्तार किया। महिपाल अलवर का रहने वाला है। उसने जोधपुर में रहकर ही अलवर के एएसआई मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में अब तक 50 से ज्यादा भर्तियां करवा दी है। भर्ती कंपनी के मालिक मिनेश पटेल और कंपनी सुपरवाइजर भरत पूनिया को गिरफ्तार कर लिया। यह गेम इतना बड़ा है इसमें अलवर सांसद बाबा बालक नाथ के पीए का भी नाम जांच के दायरे में आया है।

ACB ने ESI हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज, अलवर में दबिश देकर संविदा भर्ती के नाम पर आवेदकों से हो रही अवैध वसूली का यह भंडाफोड़ किया। नर्सिंग स्टाफ से 1 लाख 50 से 2 लाख रुपए भर्ती के नाम पर वसूले जा रहे थे। नर्सिंग सहायक भर्ती में 60 से 90 हजार की वसूली की जा रही थी। बताया जा रहा है कि गुजरात कि एमजे सोलंकी फर्म ने अब तक 100 लोगों की भर्ती की।।

अलवर और अजमेर से 19.50 लाख रुपए भी आरोपियों से बरामद किए हैं। अलवर में 4.50 लाख और अजमेर से 15 लाख रुपए बरामद किए गए। जोधपुर एम्स में भी कार्रवाई की गई है। कंपनी पार्टनर मिनेश भाई को हिरासत में लिया गया है। अलवर सांसद बालक नाथ के पीए भी जांच के दायरे में आए हैं। बरहाल इस पूरे मामले पर फाइनल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।