कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया है, जिसमें उनके साथ भाई राहुल गांधी, मां सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे। रोड शो के बाद प्रियंका ने कहा, "जब मैं 17 साल की थी, तब मैंने पहली बार 1989 में अपने पिता के लिए कैंपेन किया था। तब से 35 सालों में मां और भाई के लिए वोट मांगते आए हैं, लेकिन अब पहली बार अपने लिए समर्थन मांग रही हूं।"
राहुल गांधी ने इस अवसर पर कहा, "वायनाड ऐसा क्षेत्र है जहां दो सांसद हैं—एक आधिकारिक और दूसरा अनौपचारिक। दोनों वायनाड के विकास के लिए काम करेंगे।"
प्रियंका गांधी इस चुनाव में पहली बार उम्मीदवार हैं, और भाजपा ने उनके खिलाफ नाव्या हरिदास को उतारा है। हालिया लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गांधी ने केरल की वायनाड और यूपी की रायबरेली सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार उन्होंने गांधी परिवार की पारंपरिक रायबरेली सीट चुनी है और वायनाड को छोड़ दिया। वायनाड में वोटिंग 13 नवंबर को होगी और नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
प्रियंका ने अपनी स्पीच में कई महत्वपूर्ण बातें कीं:
सत्ता में नफरत का इस्तेमाल: प्रियंका ने कहा कि वर्तमान में सत्ता में आए लोगों ने नफरत का इस्तेमाल किया है। उन्होंने अलगाव पैदा किया, जो उस राजनीति के विपरीत है जिसके आधार पर हमारा राष्ट्र बना था।
सत्य और न्याय की लड़ाई: उन्होंने ईसा मसीह और बुद्ध की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे सत्य, न्याय और समानता के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। "इन मूल्यों ने मेरे भाई को प्रेम और एकता के लिए प्रेरित किया," उन्होंने कहा।
लैंडस्लाइड में परिवार खोने वाले लोगों से मिली: प्रियंका ने वायनाड के चूरलमाला और मुंडक्कई में लैंडस्लाइड की तबाही देखी। उन्होंने उन बच्चों और माताओं से मिलने का अनुभव साझा किया जिन्होंने अपना परिवार खो दिया।
वायनाड के लोगों की सहायता: प्रियंका ने कहा कि लैंडस्लाइड के दौरान वायनाड के लोग एक-दूसरे की मदद करने में जुटे रहे। "यहां के लोग करुणा, प्यार और साहस के साथ एक-दूसरे का समर्थन कर रहे थे। आपके परिवार का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"
प्रियंका का यह चुनावी अभियान वायनाड के विकास और क्षेत्रीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगा। उनके इस अभियान से राजनीतिक तापमान और भी गर्म होने की संभावना है।