गुजरात. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूरत में 3400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों के पहले चरण और डायमंड रिसर्च एंड मर्केंटाइल ड्रीम शहर के मुख्य प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास भी किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने जैव विविधता पार्क की आधारशिला रखी, जो डॉ. हेडगेवार ब्रिज से भीमराड बमरोली ब्रिज तक 87 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने सूरत के विज्ञान केंद्र में खोज संग्रहालय का भी उद्घाटन किया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के शुभ अवसर पर सूरत में कई परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ साथ आगामी परियोजनाओं की आधारशिला रखने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का व्रत रखने वाले मेरे जैसे व्यक्ति के लिए सूरत जैसी विशिष्ट व्यंजनों वाली भूमि पर आना थोड़ा कठिन है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 75 अमृत सरोवर का कार्य जोरों पर चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सूरत शहर लोगों की एकजुटता और जनभागीदारी, दोनों का बहुत ही शानदार उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सूरत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शहर श्रम का सम्मान करने वाला शहर है। मोदी ने कहा, हिन्दुस्तान का कोई प्रदेश ऐसा नहीं होगा जिसके लोग सूरत की धरती पर न रहते हों। एक तरह से यह मिनी इंडिया है। इस सदी के शुरुआती दशकों के समय को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सदी के शुरुआती दशकों में जब दुनिया में 3-पी यानि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की चर्चा होती थी, तब मैं कहता था कि सूरत 4 पी का उदाहरण है। मोदी ने कहा 4-पी यानि पीपुल, पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप। यही मॉडल सूरत को विशेष बनाता है।
उन्होंने कहा कि आज सूरत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में शुमार है, उन दिनों से बहुत अलग है जब शहर का नाम महामारी और बाढ़ के लिए बदनाम किया गया। उन्होंने सूरत के नागरिक जीवन में जैव विविधता पार्क के लाभों के बारे में विस्तार से बताया।