प्रधानमंत्री ने शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों के साथ बातचीत की


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों के साथ बातचीत की। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया। उन्होंने शिक्षकों को यह भी याद दिलाया कि भारत की वर्तमान राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाना अधिक महत्वपूर्ण है, जो एक शिक्षक भी हैं और ओडिशा के दूर-दराज के इलाकों में पढ़ाती रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "आज जब देश आजादी के अमृतकाल के अपने विराट सपनों को साकार करने में जुट चुका है, तब शिक्षा के क्षेत्र में सर्वपल्ली राधाकृष्णन के प्रयास हम सभी को प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर मैं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सभी शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।” प्रधानमंत्री ने शिक्षकों के ज्ञान और समर्पण के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी गुणवत्ता एक सकारात्मक दृष्टिकोण है जो उन्हें छात्रों के साथ उनके सुधार के लिए लगातार काम करने में सक्षम बनाता है।

उन्होंने कहा, "एक शिक्षक की भूमिका किसी व्यक्ति को सही राह दिखाना है। एक शिक्षक ही सपने देखना और उन सपनों को संकल्प में बदलना सिखाता है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 के भारत की स्थिति और नियति आज के छात्रों पर निर्भर है और उनके भविष्य को आज के शिक्षकों द्वारा आकार दिया जा रहा है, इसलिए "आप छात्रों को उनके जीवन को आकार देने में मदद कर रहे हैं और देश की रूपरेखा को भी निर्धारित कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जब एक शिक्षक छात्र के सपनों से जुड़ जाता है, तो उसका सम्मान और स्नेह पाने में उसे सफलता मिल जाती है।