भारत के 17 राज्यों में पहुंचा ओमिक्रोन वैरिएंट, अभिभावक अपने साथ बच्चों के लिए इन बातों का रखें खास ध्यान


Omicron variant/नई दिल्ली. भारत के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना का ओमिक्रोन वैरिएंट पैर पसार चुका है. इसके मामलों की संख्या बढ़कर 422 हो गई. सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं. इसके बाद दिल्ली का नंबर है. 

कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron variant) पूरी दुनिया में चिंता का कारण बन गया है. खासकर बच्चों में इसका व्यापक संक्रमण देखने को मिल रहा है. दक्षिण अफ्रीका और UK के डेटा के मुताबिक ये वैरिएंट बच्चों को ज्यादा शिकार बना रहा है. ब्रिटिश एक्सपर्ट्स तो यहां तक कह चुके हैं कि आने वाले समय में हर किसी के लिए ये वैरिएंट एक बड़ी चुनौती होगा. 

ओमिक्रोन वैरिएंट को डेल्ट वैरिएंट से भी अधिक संक्रामक और खतरनाक माना जा रहा है. दुनियाभर में 55 से अधिक देशों में यह संक्रमण पांव पसार चुका है. भारत में बच्चों के लिए खतरा इस लिहाज से भी है क्योंकि एक तरफ बड़ों का वैक्सीनेशन व्यापक स्तर पर हो चुका है लेकिन बच्चों को संक्रमण से बचाने की दिशा में वैक्सीनेशन को लेकर कोई ठोस उपाय अब तक नहीं हो पाया है. हालांकि चिकित्सा व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत किया जा रहा है. ऐसे में जानकार सावधानी को ही सबसे बड़ा बचाव मान रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रोन वैरिएंट (Omicron Variant) से संक्रमित बच्चों में कुछ गंभीर और हल्के लक्षण देखे गए हैं जिसको लेकर स्वास्थ्य संगठनों और एक्सपर्ट्स ने लोगों को पहले ही चेतावनी जारी कर दी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को 24 नवंबर, 2021 को SARS-CoV-2 के एक नए संस्करण B.1.1.1.529 की सूचना दी गई थी. यह नया संस्करण पहली बार 11 नवंबर, 2021 को बोत्सवाना में और 14 नवंबर, 2021 को दक्षिण अफ्रीका में एकत्र किए गए नमूनों में मिला था. जिसके बाद 26 नवंबर, 2021 को, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने B.1.1.1.529 को Omicron का नाम दिया. साथ ही इसे वैरिएंट ऑफ़ कंसर्न (VOC) माना.


 


बच्चों में लक्षण

1. तेज बुखार का लगातार आना.

2. लगातार खांसी बने रहना.

3. गले में खराश.

4. भूख न लगना, खाने में अरुचि.

5. लगातार सिरदर्द का बना रहना.

6. शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी.

7. त्वचा पर अजीब दाने बनना.


रखें यह 7 सावधानियां

1. बच्चों को अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाएं और बच्चों को मास्क के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें.
2. सोशल डिस्टेंसिंग, हाथों को अच्छे से साफ रखने के लिए प्रेरित करें. बिना हाथ धोए आंख, मुहं और नाक को ना छुने के लिए बच्चों तैयार करें.
3. इम्युनिटी बूस्ट करने वाले खाद्य पदार्थ बच्चों को दें, गुणवत्ता युक्त खानपान, अच्छे पोषण का ध्यान रखें.
4. बच्चों को फ्लू का टीका जरूर लगवाएं, ताकि कुछ हद तक वायरस से लड़ने में बॉडी सक्षम बने.
5. अभिभाव ना तो खुद भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को ले जाएं, ना ही बच्चों को जाने दें.
6. अगर बच्चों में कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत जांच कराएं.
7. अभिभाव खुद भी कोविड प्रोटोकॉल की पालना करें क्योंकि वो बच्चों के लिए कोरोना कैरियर साबित हो सकते हैं.