नई दिल्ली (NITI Aayog Health Index). एक ओर जहां पूरे देश में कोरोना संकटकाल के दौरान पूरे देश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे वहीं दूसरी ओर पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने और मजबूत करने की दिशा में भी अहम कार्य हुए. इस बीच नीति आयोग ने उन राज्यों की सूची जारी की है, जहां समग्र स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हैं. साथ ही उन राज्यों की रिपोर्ट भी सामने आ गई है, जहां की स्थिति बहुत ही दयनीय रही है.
यदि नीति आयोग के चौथे स्वास्थ्य सूचकांक पर नजर डालें तो समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदर्शन केरल राज्य एक बार फिर से टॉप पर रहा. दूसरे नम्बर पर तमिलनाडु रहा. राजस्थान इस सूची में 16 वें स्थान पर रहा. राजस्थान के बाद 17 वें नम्बर पर मध्यप्रदेश, 18वें पर बिहार, 19 वें पर उत्तरप्रदेश का नम्बर रहा. इसमें एक बात गौर करने वाली है कि नीति आयोग के चौथे हेल्थ इंडेक्स के लिए 2018-2019 को आधार वर्ष माना गया है. नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने कहा कि भले ही यूपी का परफॉर्मेंस ठीक नहीं है, लेकिन यूपी उन राज्यों में है, जिन्होंने सबसे ज्यादा इंप्रूव किया है.
बता दें कि नीति आयोग ने राज्यों को तीन कैटेगरी में बांटा है, बड़े राज्य, छोटे राज्य और केंद्र शासित राज्य. बड़े राज्यों की सूची में यूपी समेत 19 प्रदेशों को रखा गया है. वहीं, 8 राज्यों को छोटे प्रदेशों की कैटेगरी में रखा गया है. जिसमें गोवा और नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्य शामिल हैं. जिन राज्यों के नंबर 62 से ज्यादा हैं, उन्हें फ्रंट रनर की कैटेगरी में रखा गया है, जिनके नंबर 48 से ज्यादा 62 से कम हैं, उन्हें अचीवर्स कैटेगरी में रखा गया है. जिन राज्यों के नंबर 48 से कम हैं, उन्हें महत्वाकांक्षी प्रदेशों की सूची में रखा गया है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश ये 7 राज्य हैं, जिनका स्कोर 48 से कम है.
| राज्य | नंबर |
| केरल | 1 |
| तमिलनाडु | 2 |
| तेलंगाना | 3 |
| आंध्र प्रदेश | 4 |
| महाराष्ट्र | 5 |
| गुजरात | 6 |
| हिमाचल प्रदेश | 7 |
| पंजाब | 8 |
| कर्नाटक | 9 |
| छत्तीसगढ़ | 10 |
| हरियाणा | 11 |
| असम | 12 |
| झारखंड | 13 |
| ओडिशा | 14 |
| उत्तराखंड | 15 |
| राजस्थान | 16 |
| मध्य प्रदेश | 17 |
| बिहार | 18 |
| उत्तर प्रदेश | 19 |