राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश में शाम 6 से सुबह 5 तक लगाया नाईट कर्फ्यू, धार्मिक स्थल आमजन के लिए बंद


जयपुर। राजस्थान में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच में राज्य सरकार ने नई कोरोना गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत पूरे राज्य में शाम 6:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा।

बड़ी बात यह है कि अब 5:00 बजे ही बाजार और प्रतिष्ठान बंद करने होंगे। इससे पहले सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक नाईट कर्फ्यू को सुबह 6:00 तक रखा गया था लेकिन लंबे विचार-विमर्श के बाद में इसे फिर से 1 घंटे घटाने का फैसला किया गया और संशोधित गाइडलाइन जारी की गई। 

पहले इसे शहरी क्षेत्र में लागू किया गया था लेकिन अब पूरे राज्य में नाइट कर्फ्यू लागू किया गया है। इसके अलावा सभी धार्मिक स्थल आमजन के लिए बंद रहेंगे। मंदिर संचालकों द्वारा ही नियमित पूजा पाठ का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

विवाह समारोह में संख्या 50 की सीमित कर दी गई है। सरकारी ऑफिस अब 4 बजे बन्द होंगे।

अंतिम संस्कार के वक्त 20 लोगों की संख्या सीमित कर दी गई है। सिनेमाघर, जिम, मनोरंजन पार्क, थिएटर, स्विमिंग पूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। रेस्टोरेंट्स क्लब्स को 50% की क्षमता के साथ खोलने की अनुमति होगी। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के समस्त निवासियों को यह भी परामर्श दिया है कि अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकले, जब तक कि कोई अति आवश्यक कार्य ना हो एवं कोविड प्रोटोकोल जैसे मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, हाथों को बार-बार सेनीटाइज करना इत्यादि की पालना भी सुनिश्चित करें।

बड़ी बातें:


- 16 अप्रेल से 30 अप्रेल तक पूरे राज्य में सायं 6 बजे से प्रातः 5 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा। आदेश के अनुसार, कर्फ्यू की प्रभावी अनुपालना के क्रम में बाजार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान सायं 5 बजे तथा राजकीय कार्यालय सायं 4 बजे तक बंद हो जाएंगे।

- यह समयावधि अनिवार्य, आपातकालीन एवं स्वास्थ्य सेवाओं, कोविड मैनेजमेंट से संबंधित राजकीय कार्यालयों, निरंतर उत्पादन तथा रात्रिकालीन शिफ्ट वाली फैक्ट्रियों, दवा की दुकानों, आईटी कम्पनियों, विवाह समारोहों, बस, रेलवे और एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रीगण, माल परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग आदि में नियोजित लोगों पर लागू नहीं होगी। इस छूट के लिए अलग से पास की आवश्यकता नहीं होगी। इन्फोर्समेन्ट टीम को पहचान-पत्र, निमंत्रण-पत्र, यात्रा टिकट आदि दस्तावेज दिखाया जा सकेगा।

- गृह विभाग के आदेश के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक दिशा-निर्देशों तथा कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना के लिए पूर्व में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गठित ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप को फिर से एक्टिवेट किया जाएगा। ये समितियां समझाइश और संवाद के माध्यम से होम आइसोलेशन और क्वारेंटाइन के नियमों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर कोविड गाइडलाइन्स की पालना सुनिश्चित करवाने में स्थानीय प्रशासन का सहयोग करेंगी। जिला कलेक्टर आवश्यकतानुसार ‘वर्क फ्रॉम होम’ वाले सरकारी कार्मिकों की सेवाएं कोविड प्रबंधन कार्यों के लिए ले सकेंगे।

- राज्य में 16 अप्रेल से 31 मई तक विवाह आदि निजी आयोजनों में आमंत्रित अतिथियों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी। इसके लिए उपखण्ड मजिस्टेªट को पूर्व सूचना देना आवश्यक होगा।

-समारोह स्थल, मैरिज गार्डन आदि में कोरोना गाइडलाइन्स का उल्लंघन पाए जाने पर आयोजन स्थल को 7 दिन के लिए सीज किया जाएगा।

- अंतिम संस्कार के लिए अनुमत व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नहीं होगी।

- धार्मिक स्थलों पर केवल प्रबंधन द्वारा ही नियमित पूजा-अर्चना एवं इबादत की जा सकेगी। ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था जारी रह सकेगी। आमजन द्वारा पूजा-अर्चना, इबादत आदि घर पर ही रहकर की जाए।

- फसल खरीद केन्द्रों एवं कृषि मण्डियों में फसलों का क्रय-विक्रय के दौरान कोविड नियमों की पालना सुनिश्चित की जाएगी।

- रेस्टोरेंट से होम डिलीवरी रात्रि 8 बजे तक तथा होटल में ‘इन हाउस’ गेस्ट सर्विस अनुमत होगी। सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की संख्या वाहन की कुल क्षमता से 50 प्रतिशत तक ही रहेगी। राज्य के बाहर से आने वाले आगन्तुकों की बॉर्डर चेक पोस्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट होने पर ही प्रवेश दिया जाएगा।

- 100 से अधिक कार्मिकों की संख्या वाले कार्यालयों में उपस्थिति 50 प्रतिशत रहेगी तथा शेष 50 प्रतिशत कार्मिकों को वर्क फ्रॉम होम (घर से कार्य) कर सकेंगे।

- कार्यस्थल पर किसी कार्मिक के कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर कार्यालय कक्ष को 72 घंटे के लिए बंद किया जाएगा।

- ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में धार्मिक मेलों, उत्सवों, जुलूस आदि पर रोक। समस्त शैक्षणिक एवं कोचिंग संस्थाएं तथा लाइब्रेरी आदि बंद रहेगी।

- दसवीं एवं 12वीं की परीक्षाओं अथवा प्रायोगिक परीक्षाओं से संबंधित गतिविधियों पर रोक रहेगी। गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठजनों, गर्भवती महिलाओं एवं 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलने की अनुमति होगी।