मोदी सरकार ने राहुल गांधी से भारत जोड़ो यात्रा रोकने के लिए कहा, कांग्रेस बोली- यात्रा में भीड़ देख घबराई मोदी सरकार


नई दिल्ली। कोरोना महामारी बढ़ने का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भारत जोड़ो यात्रा रोकने की अपील की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा कि देश में एक बार फिर से कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है, हेल्थ इमरजेंसी के हालात हैं। देश को बचाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा रोक दें। उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को सबसे पहला लेटर प्रधानमंत्री को लिखना चाहिए था। दो दिन पहले प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा में रैली की थी, जहां किसी भी कोविड प्रोटोकॉल की पालना नहीं हुई। कोविड की दूसरी लहर में प्रधानमंत्री ने बंगाल में बड़ी रैलियां की थीं‌।

गहलोत ने कहा कि 21 दिसंबर की सुबह राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा पर उमड़ी भारी भीड़ से मोदी सरकार घबरा गई है। उनकी तरफ से लेटर लिखने का मतलब यात्रा को डिस्टर्ब करने का है।

यह लिखा है स्वास्थ्य मंत्री ने

स्वास्थ्य मंत्री ने राहुल को लिखे पत्र में कहा कि कई सांसदों ने चिंता जाहिर की है कि भारत जोड़ो यात्रा से कोरोना फैल रहा है। अपील की गई कि भारत जोड़ो यात्रा में कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन हो। यात्रा में जो लोग भी शामिल हो रहे हैं, सभी ने वैक्सीन जरूर लगवाई हो। इतनी बड़ी यात्रा में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं है। ऐसे में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के हालातों को देखते हुए यात्रा रोक देना ही सही रहेगा।

विपक्ष ने दिया जवाब

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से मोदी सरकार बौखलाई हुई है। आम लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा तरह तरह के सवाल उठा रही है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि क्या चुनाव के समय प्रधानमंत्री मोदी मास्क लगाकर गुजरात गए थे ? वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि मैंने अभी तक लेटर नहीं देखा है, लेकिन अभी तक तो प्रोटोकॉल को लेकर कोई नियम नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मुझे ये नहीं समझ आ रहा है कि अचानक भारत जोड़ो यात्रा पर इतना ध्यान क्यों दिया जा रहा है ? जबकि टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि सरकार की तरफ से प्रोटोकॉल को लेकर कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ। संसद अभी चल रही है। कोविड प्रोटोकॉल को लेकर कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ है। केंद्र सरकार का यह कर्तव्य नहीं है कि राज्य सरकारों पर हावी हो, बल्कि उनकी जिम्मेदारी जनता के प्रति है। सरकार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति हमेशा विफल रही है।