जयपुर। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल जीवन मिशन को लेकर जयपुर में इंटर स्टेट रिव्यू मीटिंग ली। बैठक में 8 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में जल जीवन मिशन की प्रगति पर मंथन हुआ। बैठक में महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, गोवा, जम्मू कश्मीर, लद्दाख और दमन दीव के अलावा दादरा नगर हवेली के मंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के सामने ही ERCP योजना को लेकर केंद्रीय मंत्री शेखावत और प्रदेश के पीएचईडी मंत्री महेश जोशी में नोकझोंक हो गई और दोनों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए।
हुआ यूं कि राजस्थान ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग कर रहे महेश जोशी के संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लेने से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भड़क गए। शेखावत ने कहा कि यदि अजमेर के दौरे के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के मामले में एक शब्द भी कहा हो तो मैं अपनी राजनीति छोड़ दूंगा, नहीं तो फिर आप और आपके मुख्यमंत्री राजनीति छोड़ देना। दोनों ही नेताओं के बीच की यह तकरार मौके पर चर्चा का विषय बन गई। क्योंकि राजस्थान से जुड़े फोन टैपिंग कांड में दोनों ही नेता पहले ही एक दूसरे के खिलाफ काफी जहर उगल चुके हैं।
उधर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटनाक्रम के बाद अपना बयान जारी किया और केंद्र पर जमकर निशाना साधा। गहलोत ने कहा कि मैं लगातार 3 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जयपुर एवं अजमेर में चुनाव से पहले 13 जिलों की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय परियोजना (नेशनल प्रोजेक्ट) का दर्जा देने के वादे की याद दिला रहा हूं परन्तु अब जाकर राजस्थान से आने वाले केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री को असत्य बोलकर प्रधानमंत्री के वादे का खंडन करना याद आया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। होना ये चाहिए था कि उन्हें पहले से चल रहे 16 नेशनल प्रोजेक्ट के साथ ERCP को भी 17वें नेशनल प्रोजेक्ट का दर्जा दिलवाकर PM के वादे को पूरा करवाना चाहिए था। वे राजस्थान से सांसद भी हैं एवं केन्द्र में जलशक्ति मंत्री बनकर बैठे हैं। उनकी राजस्थान की अन्य परियोजनाओं में तो कोई रुचि नहीं है परन्तु उनके अपने विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने के प्रति भी कोई रुचि नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जलशक्ति मंत्री का कहना है कि PM ने अजमेर की रैली में ERCP पर एक शब्द नहीं कहा, यदि कहा है तो वो राजनीति से संन्यास ले लेंगे। 7 जुलाई 2018 को जयपुर की रैली में प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में स्पष्ट तौर पर ERCP को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने पर सकारात्मक रुख रखने की बात की है एवं 6 अक्टूबर 2018 को अजमेर रैली में जयपुर का नाम लेकर अपने इस वादे को दोहराया है।