दिवाली से पहले केरल में बड़ा आतिशबाजी हादसा: 150 से अधिक घायल, मंदिर समिति के आठ सदस्यों पर FIR, गंभीर लापरवाही का आरोप


केरल के कासरगोड जिले में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें दिवाली से पहले एक मंदिर उत्सव के दौरान आतिशबाजी के भंडारण में आग लगने से 150 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, अंजूतामबलम वीरकावु मंदिर में वार्षिक अनुष्ठान कार्यक्रम 'कलियाट्टम' के दौरान यह दुर्घटना हुई, जिसे 'थेय्यम' के नाम से भी जाना जाता है। इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए आठ लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

पुलिस ने जानकारी दी कि आतिशबाजी के दौरान पटाखों को स्टोर करने वाले शेड में चिंगारी गिरने से धमाका हुआ, जिससे पटाखों के पूरे भंडारण में आग लग गई। विस्फोट इतना तेज था कि पास में मौजूद लोग झुलस गए और चारों ओर भगदड़ मच गई। आतिशबाजी की जगह और पटाखों के भंडारण स्थल के बीच लगभग 100 मीटर की दूरी थी, इसके बावजूद एक चिंगारी ने पूरे भंडारण को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखे।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। मामले में पुलिस ने मंदिर समिति के आठ सदस्यों के खिलाफ बिना अनुमति के आतिशबाजी करने और सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में गैर-जमानती धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि इस अनधिकृत आतिशबाजी और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन न करने की वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस ने कहा कि FIR में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के सदस्यों की लापरवाही के चलते आतिशबाजी भंडारण स्थल में आग लग गई।

पुलिस अधिकारी टी. रविकान्त ने बताया कि हर साल कलियाट्टम जैसे अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, और ऐसे उत्सवों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए जाते हैं। हालांकि, इस बार मंदिर समिति ने न तो अनुमति ली थी और न ही सुरक्षा के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।

मंदिर समिति के सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना की गहन जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई के लिए अन्य संबंधित विभागों से भी सहयोग मांगा गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उत्सव के दौरान कई बार पटाखों का अनाधिकृत इस्तेमाल होता है, जो भविष्य में गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।