करौली. वन विभाग रेंज करौली में नरेगा योजना अंतर्गत वर्ष 2020-21 कराए गए संपूर्ण कार्यों की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो विभाग से कराने और भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग को लेकर राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री और विधायक रमेश मीणा ने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखा है. सीएम को लिखे पत्र में विधायक रमेश मीणा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह घोटाला हुआ और सरकारी राशि का दुरुपयोग एवं गबन किया गया है. नरेगा मस्टरोल कहीं की और कार्य कहीं और ही होना दर्शाया गया है. कार्यों पर 759.50 लाख का काम होना दर्शाया है जबकि हकीकत यह है कि मौके पर कार्य हुए ही नहीं. और तो और अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी मस्टरोल भरकर 598.64 लाख का भुगतान भी उठा लिया.
दरअसल विधायक रमेश मीणा को पिछले कुछ दिनों से लगातार वन विभाग की करौली और मासलपुर रेंज में वानिकी कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की शिकायत मिल रही थी, जिस पर उन्होंने अपने स्तर पर पता लगाया और आवश्यक दस्तावेज देखे तो वो खुद दंग रह गए. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में करौली और मासलपुर रेंज में नरेगा योजना के तहत इको रेस्टोरेशन कार्य कराना दर्शाया गया है। ग्राम पंचायत सौरया, खूबनगर, चैनपुर बर्रिया, महोली, लैदोर कला, कंचनपुर, कोटा छाबर, गुबरेडा, जमूरा नारायणा फतेहपुर भावली मासलपुर रतियापुरा सहित अन्य क्षेत्र में करीब 34 कार्य कराना दर्शाया गया है। इन कार्यों के लिए 759.59 लाख रुपए की राशि व्यय दर्शाई गई है। आरोप है कि हकीकत में इको रेस्टोरेशन कार्य हुए नहीं और अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी मस्टररोल भरकर करीब 598.64 का भुगतान तक उठा लिया गया। इसके लिए फर्जी तरीके से मनरेगा में मस्टरोल भी जारी की गई।
पत्र में शिकायत की गई है कि अधिकारियों ने फर्जी तरीके से मिलीभगत कर बड़े स्तर पर हेराफेरी कर गबन किया. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वन विभाग के नियम अनुसार जहां 5 वर्ष पूर्व पेड़ पौधे स्थापित हो गए हैं उस क्षेत्र में रेस्टोरेशन कार्य नहीं किया जा सकता। क्योंकि रेस्टोरेशन कार्य से वन संपत्ति को नुकसान होता है. जबकि 1 अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही करते हुए इन क्षेत्र में भी रेस्टोरेशन कार्य कराना दर्शाया हुआ है. पत्र में सभी कार्यों की एसीबी से जांच करा कर दोषियों के विरुद प्रभावी कार्रवाई का आग्रह किया गया है।
विधायक ने बकायदा सबूतों और तथ्यों के साथ यह पत्र लिखा है. एक सूची सलंग्न करते हुए बताया गया है कि भंवर पुरा प्रथम व द्वितीय में इको रेस्टोरेशन कार्य बसेड़ी ग्राम पंचायत की मस्त रोल से दर्शाया है जबकि भंवर पुरा गांव रामपुर धाबाई ग्राम पंचायत में है। इसी प्रकार मंडी मोहनपुरा में इको रेस्टोरेशन कार्य होरी ग्राम पंचायत से दर्शाया गया है जबकि मंडी मोहनपुरा गांव राहिर ग्राम पंचायत में है। पत्र में मस्टर रोल जारी होने और इस प्रकार फर्जी कार्य कर भुगतान उठाने की जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई का आग्रह किया गया है।
बहरहाल इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब जहां भ्रष्टाचारी और लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है वहीं सीएम भी इस मामले में जल्द ही सख्त कदम उठा सकते हैं. इस पूरे मामले की शुरूआती जांच पर काम शुरू हो गया है और अब तथ्यों को खंगाला जा रहा है.
बता दें कि रमेश मीणा लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलदं करते आए हैं, चाहे में रहे हों या विपक्ष में हमेशा मजबूती के साथ कई ऐसे मामले उठाए हैं जिसका इम्पेक्ट भी नजर आया है. अब देखना होगाा अब उनके इस पत्र पर क्या कार्रवाई होती है.