Kidney Racket : एक तरफ भारतीय समाज में डॉक्टर को भगवान के रूप में देखा गया है लेकिन इस डॉक्टरी पेशे में कुछ ऐसे बदमाश भेड़िए भी छुपे हैं जो लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर उनके अंगों का अवैध तरीके से सौदा कर रहे हैं। इनके चलते पूरी डॉक्टर कौम को शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है।
ऐसा ही एक ताजा मामला दिल्ली में सामने आया है। जहां दिल्ली पुलिस ने किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट (Kidney Transplant Racket ) का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो डॉक्टरों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गरीब लोगों को पैसे का लालच देकर उनकी किडनी निकालता था और ऊंचे दाम पर अमीरों को बेच देता था।
बताया जा रहा है इसका सबसे ज्यादा शिकार उन लोगों को बनाया जाता था जिनको पेट दर्द की शिकायत होती थी। और पेट दर्द के इलाज के नाम पर गरीबों को गुमराह कर इस किडनी रैकेट का संचालन किया जा रहा था। आरोपियों का मुख्य सरगना कुलदीप रे विश्वकर्मा था जो डॉ. सोनू रोहिल्ला (37), डॉ. सौरभ मित्तल (37)के सहयोग से रैकेट चला रहा था। सर्वजीत जेलवाल (37), शैलेश पटेल (23), मोहम्मद लतीफ (24), विकास (24), रंजीत गुप्ता (43), ओम प्रकाश शर्मा (48) और मनोज तिवारी (36) को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने 20 से ज्यादा किडनी का अवैध रूप से ट्रांसप्लांट किया। कुलदीप रे विश्वकर्मा को इस रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद में आरोपियों के इस नेटवर्क की देशभर में तलाश की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि किन-किन लोगों को कब-कब यह किडनी ट्रांसप्लांट की गई। इसके अलावा इस पूरे गेम में उनके साथ और कौन-कौन से राज्य से कौन-कौन से डॉक्टर से जुड़े हुए हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है। इनका विदेशों में कोई नेटवर्क तो नहीं इसका भी पता लगाया जा रहा है।