मां योजना के तहत आयुष्मान कार्ड ई केवाईसी में झुंझुनूं जिला प्रदेश में नम्बर वन बना


- जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का हुआ आयोजन
- मा योजना के तहत आयुष्मान कार्ड ई केवाईसी में जिला प्रथम स्थान पर आया
- 30 प्लस आयु वर्ग के लोगों की हाइपर टैंशन जांच करके शुरू करें उपचार–जिला कलक्टर रामावतार मीणा

झुंझुनूं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक में जिला कलेक्टर रामवतार मीणा ने स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार और लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए। कलेक्टर मीणा ने मा योजना के तहत आयुष्मान कार्ड ई के वाई सी में जिला प्रदेश में 94.05 प्रतिशत अचीवमेंट के प्रथम स्थान हासिल करने पर सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर एवं विभाग के स्टॉफ को बधाई दी। उन्होंने बताया कि 519310 में से 490054 को वितरित एवं ई के वाई सी करते हुए एक्टिवेट कर दिए हैं। जिला कलक्टर मीणा ने गर्मी और लू ताप घात के मौसम को देखते हुए इसके लिए सतर्कता के साथ आए हुए मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
बैठक में जिले में कलक्टर मीणा ने बताया कि चिकित्सा संस्थानों में लू तापघात के मरीजों के लिए निदेशालय की गाइडलाइन के अनुसार आरक्षित वार्ड या बेड, आईस बॉक्स, दवाएं सहित सभी प्रकार के आवश्यक उपकरण संस्थानों पर उपलब्ध होने चाहिए। अधिकारी फील्ड विजित कर क्रॉस चेक करें। कलक्टर मीणा ने बताया कि निःशुल्क दवा योजना के क्रियान्वयन में जिला प्रदेश में 5 वे स्थान पर है यह अच्छी बात है लेकिन हमें सभी जरूरत मंद को दवाएं उपलब्ध करवानी है। अपनी मांग समय पर भेजे और मांग के अनुरूप की गई सप्लाई का सदुपयोग करे। उन्होंने 16 जून तक चलने वाले हाइपर टैंशन जागरूकता माह के तहत विभिन्न जन चेतना की गतिविधियों का आयोजन कर इस अभियान में जिले को शीर्ष पर लाना है। उन्होंने सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया कि इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए भागीदारी करें। इस अवसर पर जिला कलक्टर रामावतार मीणा ने हाइपर टैंशन जागरूकता के लिए डीपीसी डॉ महेश कड़वासरा द्वारा तैयार किए गए  पोस्टर का विमोचन भी किया।
बैठक में सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि जिस भी संस्थान प्रभारी अपने और अपने अधीनस्थ संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुधारे और सभी बीसीएमओ और सीएचसी प्रभारी अपने क्षेत्र की 108 एंबुलेंस का नियमित निरीक्षण करे।  उन्होंने सभी बीसीएमओ और प्रभारियों सीएचओ के कार्यों और दायित्वों के बारे अवगत करवाया कि इनका कार्य सबसे महत्वपूर्ण है इनकी मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने आगामी दिनों में मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए शहरी निकायों के साथ मिलकर मच्छरों को न पनपने देने के लिए अभी से अभियान चलाने और फॉगिंग मशीन ठीक करवाने के निर्देश दिए। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए डिलीवरी बढ़ाने के अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव में गिरावट पर आगामी बैठक में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहे। बैठक में डिलीवरी के समय डॉक्यूमेंट नहीं देने से जे एस वाई और बेटियों को लाडो योजना की प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही हैं इस लिए यह डॉक्यूमेंट आगामी सात दिनों में बीडीके अस्पताल में जमा करवाए ताकि भुगतान किया जा सके। बैठक में आर सी एच कार्यक्रम की समीक्षा आर सी एच ओ डॉ दयानंद सिंह, एनसीडी कार्यक्रम और मौसमी बीमारियों की डिप्टी सीएमएचओ डॉ भंवर लाल सर्वा, परिवार कल्याण कार्यक्रम की डिप्टी सीएमएचओ डॉ अभिषेक सिंह ने, टीबी कंट्रोल कार्यक्रम की डॉ विजय कुमार मांजू ने समीक्षा की। डॉ जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना की समीक्षा करते हुए जिले को 5 वे स्थान से 1 स्थान पर लाने की बात कही। बैठक में बीडीके अस्पताल पीएमओ डॉ जितेंद्र भांभू, ने बताया कि हम एक हजार डिलीवरी का लक्ष्य लेकर चले हैं। हमने गायनी विशेषज्ञ की 24 X 7 ड्यूटी लगाई है। अब किसी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। बैठक में डीएच नवलगढ़ पीएमओ डॉ सुनील सैनी, एसडीएच चिड़ावा डॉ नितेश जांगिड़, एसडीएच मलसीसर पीएमओ डॉ सतवीर सिंह, डीपीओ डॉ विक्रम सिंह सियाराम पूनिया डॉ ऋतु शेखावत, डीएएम शीशपाल सैनी एवं विनय खंडेलवाल, डीपीसी डॉ महेश कड़वासरा, सहित सभी बीसीएमओ एवं सीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।