विकासशील देशों में मौत का सबसे बड़ा कारण होगा कैंसर, जागरूकता बढ़ाकर कैंसर के 40% मामलों में रोकना संभव


जयपुर। विश्व स्वास्थ संगठन के संयुक्त अनुमानित आंकड़ों के अनुसार विकासशील देशों में आने वाले तीन दशकों बाद कैंसर मौत का सबसे बड़ा कारण होगा। अकेले भारत में हर वर्ष 20 से 30 लाख में नये कैंसर रोगी सामने आ रहे हैं। राजस्थान मे हर साल करीब 50 हजार नये कैंसर रोगी सामने आ रहे हैं। जागरूकता के अभाव में इनमें से करीब 70% रोगी तीसरी स्टेज में अस्पताल पहुंचते हैं जो कि चिंता का विषय है। इससे उपचार की सफलता दर भी प्रभावित होती है। यह जानकारी सुप्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ तथा महात्मा गांधी अस्पताल के मेडिकल आन्कोलोजी विभागाध्यक्ष डॉ हेमंत मल्होत्रा ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर दी।

 

नई उपचार विधियां

कैंसर के उपचार की नई तकनीकों के बारे में डॉ. हेमंत मल्होत्रा ने बताया कि इम्यूनोथेरेपी कैंसर उपचार का एक ऐसा तरीका है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में समर्थ बनाया जाता है। इम्यूनोथेरेपी में दवाओं के जरिए कैंसर ग्रसित कोशिकाओं के चारों ओर रोग प्रतिरोधी कोशिकाओं को निष्क्रिय कर उसके लिए बने आवरण को नष्ट कर दिया जाता है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट के जरिए ब्लड कैंसर का प्रभावी ढंग से उपचार अब महात्मा गांधी अस्पताल में भी नियमित रूप से विश्व स्तरीय सफलता के साथ उपलब्ध है।

इसके जरिए जेनेटिक कारणों से हो रहे कैंसर रोग का उपचार भी किया जाता है। इसी तरह लीनियर एक्सीलेटर के जरिए कंप्यूटराइज रेडियोथैरेपी की जा रही है। जिसमें केवल कैंसर प्रभावित कोशिकाओं को ही नष्ट किया जाता है तथा स्वस्थ टिशूज को सुरक्षित रखा जाता है। आजकल पेट स्कैन के जरिए टिशूज बायोप्सी भी की जा रही है जिससे कैंसर की सटीक जानकारी मिल जाती है।

सुप्रसिद्ध कैंसर सर्जन तथा महात्मा गांधी अस्पताल में कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ राज गोविंद शर्मा ने बताया कि कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू सेवन जैसे बीड़ी सिगरेट और गुटका आदि शामिल है। कैंसर के सर्जिकल उपचार में आजकल अंगों के कैंसर मुक्त हिस्सों को सुरक्षित रखा जाता है। रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी के जरिए कैंसर प्रभावित अंगों को पूर्व की भांति सामान्य रूप दिया जा रहा है। छोटे चीरे से दूरबीन की सहायता से किए जा रहे हैं। इस वजह से रोगी को दर्द कम होता है। अस्पताल में अधिक समय तक रोकने जैसी समस्याओं से बचाया जा रहा है।

अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ललित मोहन शर्मा ने बताया कि समय पर उपचार के जरिए कैंसर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही रोगी की जीवन अवधि को बढ़ाया जा सकता है महात्मा गांधी अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ललित मोहन शर्मा ने बताया कि समय पर उपचार के जरिए उपचार को प्रभावी बनाया जा सकता है साथ ही रोगी की जीवन अवधि को बढ़ाया जा सकता है।