नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान, राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज 175 साल पुराने लंदन विज्ञान संग्रहालय का दौरा किया और भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसी तरह के विज्ञान संग्रहालयों की स्थापना की पहल का अनुभव साझा किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन संग्रहालयों को स्थापित करने का विचार आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को उनकी छिपी क्षमताओं का पता लगाने में मदद करना और कभी-कभी उनके अंतर्निहित कौशल की खोज करना भी है, जिसका आभास उन्हें स्वयं भी नहीं होता। यह संग्रहालय जिज्ञासा के भाव को बढ़ाते हैं, इससे उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक नवाचार में मदद मिलती है।
विज्ञान संग्रहालय लंदन में दक्षिण केंसिंग्टन प्रदर्शनी रोड पर स्थित है। इसकी स्थापना 1857 में हुई थी। डॉ. जितेन्द्र सिंह का यह दौरा मुख्य रूप से ऊर्जा क्रांति, टीके और अंतरिक्ष गैलरी से संबंधित क्षेत्रों पर केंद्रित था। इस दौरान संग्रहालय का प्रबंधन भारत की कोविड सफलता की कहानी से बहुत प्रभावित था। डॉ. सिंह को कोविड महामारी के इतिहास को दर्शाने के लिए बनाया गया विशेष पवेलियन दिखाया गया। यहां पर कोविड का टीका लगवाने के लिए आए पहले व्यक्ति से जागरूकता अभियान की यात्रा को क्रमानुसार दिखाया गया है। कोविड प्रबंधन और रोकथाम में भारत की अग्रणी भूमिका को पवेलियन में विशेष स्थान दिया गया है।
उन्होंने एक अन्य मंडप भी देखा जिसे भारतीय उपमहाद्वीप में प्रचलित उष्णकटिबंधीय रोगों के लिए विशेष रूप से समर्पित पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम को हिन्दी भाषा में लिखे गए बैनरों के साथ दर्शाया गया था। भारत के नेतृत्व में चलाये गये पोलियो उन्मूलन अभियान ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में विशिष्ठ रोल मॉडल का स्थान अर्जित किया है।