जयपुर। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उदयपुर और जयपुर के दो अलग-अलग कारोबारी समूहों पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई जयपुर के सबसे विवादास्पद कॉलोनाइजर्स में शुमार ज्ञानचंद अग्रवाल पर की गई है। साथ ही गीतांजलि ग्रुप के ठिकानों पर सर्च किया जा रहा है। जयपुर के ज्ञानचंद अग्रवाल की चार रजिस्टर्ड फर्म के 12 ठिकानों पर रेड डाली गई है।
बता दें कि उदयपुर और एमपी में गीतांजलि समूह का माइनिंग का कारोबार है जबकि उदयपुर में एक बड़ा हॉस्पिटल ग्रुप भी है वहीं ज्ञानचंद अग्रवाल प्रॉपर्टी के कारोबार से जुडे हैं, अभी जयपुर में पृथ्वीराज नगर सहित कई इलाकों में बड़ा जमीनों का कारोबार है। ज्ञानचंद अग्रवाल जमीनों के कई मामलों में विवादास्पद है और इससे पहले कई बार हवालात की हवा भी खा चुका हैं। कई गरीब लोग आज भी खून पसीने की कमाई से ज्ञानचंद की कॉलोनी में लिए हुए प्लाट पाने के लिए न्याय मांगते भटक रहे हैं।
प्रॉपर्टी कारोबार जगत में ज्ञानचंद अग्रवाल से पीड़ित लोग उसे महाठग के नाम से भी जानते हैं। ज्ञानचंद अग्रवाल की शिवम कॉलोनाइजर और श्रीसालासर ओवरसीज प्रा.लि सहित दो अन्य कम्पनियां हैं। इन सभी ठिकानों पर आयकर विभाग के अधिकारियों का सर्च चल रहा हैं।
सूत्रों की मानें तो आयकर के पास पिछले कई समय से इन दोनों समूहों की सूचना थी, और इन पर नजर रखी जा रही थी। आयकर विभाग के अधिकारियों की टीमों को जब पुख्ता जानकारी मिली तो टीम ने आज सुबह से ही रेड करना शुरू किया। जयपुर में ज्ञानचंद अग्रवाल के त्रिवेणी स्थित नारायण निवास, गंगा जमुना पेट्रोल पंप के पास टावर में ऑफिस सहित नारायण विहार में कार्यालय में सर्च किया जा रहा हैं।
ज्ञानचंद अग्रवाल का जयपुर में बड़ा प्रॉपर्टी का कारोबार है। अग्रवाल ने जयपुर में कई बड़ी कॉलोनी काटी है। नारायण विहार काटने के बाद अग्रवाल चर्चा में आया। क्योंकि जमीन पर पट्टे काटने को लेकर कई मुकदमे मानसरोवर थाने में दर्ज हुए थे। इसके चलते कई बार अग्रवाल को जेल भी जाना पड़ा। इसे देखते हुए अग्रवाल ने चार और फर्म बनाई। इनके माध्यम से वह अब प्रॉपर्टी का काम कर रहा है।