चंडीगढ। भ्रष्टाचार के मामले में हाल ही गिरफ्तार पंजाब के आईएएस अधिकारी संजय पोपली (IAS Sanjay Popli) के बेटे कार्तिक की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने इस आत्महत्या (Suicide) बताया है। बताया जा रहा है कि संजय पोपली का बेटा कॉलेज में पढ़ता था और पिता पर दर्ज केस से परेशानी में था। पुलिस के मुताबिक आईएएस संजय पोपली को पिछले हफ्ते साढ़े तीन लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे। इसके बाद आज जब विजिलेंस टीम (Punjab Vigilence) आईएएस अधिकारी को उनके घर पर जांच के लिए लेकर गई थी तभी ऊपरी मंजिल पर पोपली के बेटे कार्तिक ने खुद को गोली मार ली। सेक्टर- 11 में विजिलेंस टीम के साथ चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh Police) भी थी.
आरोप है कि आईएएस संजय पोपली ने एक ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी. जिसके बाद ठेकेदार ने पोपली के खिलाफ एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत दी। ठेकेदार का आरोप था कि कांग्रेस सरकार के समय नवांशहर में सात करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना शुरू की गई थी और पोपली इसके बिलों को क्लीयर करने की एवज में एक फीसदी रिश्वत मांग रहे थे। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने संजय पोपली के चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर छापेमारी की थी। मंगलवार को ये छापेमारी की गई थी।
टीम ने परिसर की तलाशी के दौरान 7.65 एमएम के 41 राउंड, 32 बोर के 2 राउंड और 22 बोर के 30 राउंड बरामद किए गए थे। हालांकि सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस टीम को पोपली के घर से मिले हथियार लाइसेंसी थे।
पुलिस के मुताबिक आज उनको मोहाली अदालत में फिर से पेश किया जाना था। विजिलेंस की टीम संजय पोपली के चंडीगढ़ घर में पहुंची थी, जहां गोली चली और यह गोली संजय के बेटे को लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिसका सेक्टर 16 अस्पताल में ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक यह एक आत्महत्या है। वहीं घरवालों ने इसे विजिलेंस द्वारा की गई हत्या बताया। ऐसे में उनके परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया साथ ही सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह गोली विजीलेंस टीम ने चलाकर बेटे की हत्या कर दी।